सिक्किम की राजधानी क्या है | Capital of Sikkim in Hindi

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Sikkim Ki Rajdhani Kya Hai

सिक्किम की राजधानी क्या है (Capital of Sikkim) यह एक ऐसा सवाल है, जो ज्यादातर सरकारी परीक्षाओं में पूछा जाता है। और कई बार सिक्किम और सिक्किम की राजधानी से सम्बंधित सवाल राज्य स्तर पर होने वाली स्थानीय परीक्षाओं में भी पूछे जाते है। आज हम इस लेख में सिक्किम और सिक्किम की राजधानी के बारे में विस्तार से जानेगे।

सिक्किम एक बहुत ही सुन्दर और प्राकतिक सुंदरता से भरपूर राज्य है, जो की भारत के पूर्वोत्तर में स्तिथ है। सिक्किम के पूर्व में भूटान, उत्तर पूर्व में चीन, पश्चिम में नेपाल और दक्षिण में पश्चिम बंगाल स्तिथ है। इसके अलावा सिक्किम का सिलीगुड़ी बांग्ला देश के करीब स्तिथ है। सिक्किम अपनी प्राकृतिक सुंदरता और जीव विविधता के अलावा भारत का दूसरा सबसे कम आबादी वाले राज्य के लिए भी जाना जाता है।

सिक्किम की जलवायु अल्पाइन और उपोष्णकटिबंधीय है, सिक्किम में भारत की सबसे ऊँची चोटी कंचनजंगा भी मौजूद है, जो की भारत के बाद विश्व में तीसरी सबसे माउंटेन पीक है। इसके अलावा सिक्किम राज्य में खांगचेंदज़ोंगा राष्ट्रीय उद्यान भी मौजूद है, जो की यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल सूचि में शामिल है। आइये अब जानते है, Sikkim Ki Rajdhani Kya Hai –

सिक्किम की राजधानी क्या है (Sikkim Ki Rajdhani)

सिक्किम भारत का दूसरा सबसे कम आबादी वाला राज्य है, जो की भारत के उत्तर पूर्व में स्तिथ है। सिक्किम की राजधानी गंगटोक “Gangtok” है, जिसे स्थानीय लोगो द्वारा “गान्तोक” के नाम से भी पुकारा जाता है। गंगटोक सिक्किम राज्य का सबसे बड़ा शहर है। जो की अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए भी जाना जाता है।

सिक्किम के बारे में जानकारी 
सिक्किम राज्य का गठन 16 मई 1975
सिक्किम की राजधानी गंगटोक
सबसे बड़ा शहर गंगटोक
सिक्किम में जिले 6
कुल क्षेत्रफल 7096 किमी2 (2,740 वर्गमील)
जनसंख्या (2011) 610577
सिक्किम की राजभाषा अंग्रेज़ी, नेपाली, सिक्किमी, लेपचा
आधिकारिक वेबसाइट www.sikkim.gov.in

गंगटोक के बारे में जानकारी

गंगटोक जिसे स्थानीय लोग गान्तोक के नाम से पुकारते है। यह भारत के उत्तर-पूर्वी हिस्से में बसे सिक्किम राज्य की राजधानी है। गंगटोक शहर रानीपुल नदी के किनारे पर पश्चिम की और स्तिथ है। जहाँ से आप भारत की सबसे ऊँची चोटी कंचनजंघा के सुन्दर दृश्य देख सकते है। गंगटोक अपने प्राचीन मठों, महलों और मंदिरो के लिए जाना जाता है।

गंगटोक में देश विदेश के सभी पर्यटक घूमने के लिए आते है। यहाँ पर देखने के लिए बहुत से मंदिर मठ और प्राचीन स्मारक है। अगर आप गंगटोक की यात्रा का पूरा आनंद लेना चाहते है, तो आपको गंगटोक की पैदल यात्रा करनी चाहिए। यहाँ पर आपको हिमालय में स्तिथ कंचनजंगा अपनी और आकर्षित करता है, जो की आपको ऐसा अनुभव कराता है, जैसे की यह बदलो से सटा हुआ है। यह प्रतियेक पल अपना अलग अलग बदलता रहता है।

यहाँ पर घूमने के लिए आप हनुमान टोक, ताशी व्यू पॉइंट, और गणेश टोक पर जा सकते है। अगर आपको बौद्ध धर्म में रूचि है, तो आपको गंगटोक के इंस्‍टीट्यूट ऑफ तिब्‍बतोलॉजी में जरूर जाना चाहिए। जहाँ पर आपको बौद्ध धर्म से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां और कुछ अमूल्य ग्रन्ध भी देखने के लिए मिलेंगे। इस इंस्टिट्यूट में तिब्बती भाषा, दर्शन और साहित्य की शिक्षा प्रदान की जाती है। इसके अलावा आप गंगटोक में कुछ पुरानी कलाकृतियों के लिए नया बाजार, तिब्बती बाजार, और नया बाजार में भी घूमने के लिए जा सकते है।

गंगटोक के दर्शनीय स्थल

Sikkim Ki Rajdhani के बारे में अभी तक हमें बहुत सी महत्वपूर्ण जानकारियों के बारे में जाना है। आइये अब गंगटोक के दर्शनीय स्थल के बारे में जानते है। जहाँ पर आप घूमने के अपनी सिक्किम की यात्रा के दौरान घूमने के लिए जा सकते है –

1. सोमगो झील (Tsomgo Lake)

सोमगो झील सिक्किम की राजधानी गंगटोक से करीब 40 कलोमीटर की दुरी पर स्तिथ है। यह झील चारो और से बर्फीली पहाड़ियों से घिरी हुई है। सोमगो झील की गहराई 50 फिट और लम्बाई 1 किलोमीटर है। इस झील पर सुरक्षा की वजह से 1 घंटे से ज्यादा नहीं घुमा जा सकता है। सर्दियों के मौसम मैं झील में प्रवास के लिए कई तरह के विदेशी पक्षी आते है। झील के पास से एक सड़क गुजरती है, जो की नाथूला दर्रे तक जाती है। हालाकिं यह सड़क आम नागरिको के लिए नहीं है। यहाँ जाने के लिए आपको सेना की अनुमति की आवश्यकता होती है।

2. लाम्पोखरी (झील) आरिटार (Lampokhari Lake, Aritar)

लाम्पोखरी झील सिक्किम की राजधानी गंगटोक से करीब 70 किलोमीटर की दुरी पर स्तिथ है। इस झील तक आप गंगटोक से पाक्योंग अथवा रम्फू होते हुए टेक्सी की मदद से पहुंच सकते है। यह झील भी चारो और से पहाड़ियों से घिरी हुई है। झील की गहराई 50 फुट है, और यह करीब एक किलोमीटर के क्षेत्र में फैली हुई है। यहाँ पर हमेशा पर्यटक घूमने के लिए आते रहते है।

3. रूमटेक मठ (Rumtek Monastery)

रूमटेक मठ गंगटोक एक एक मुख्य आकर्षण है। अगर आप गंगटोक की यात्रा करने के लिए आ रहे है, तो आपको रूमटेक मठ की यात्रा जरूर करनी चाहिए। क्योकिं रूमटेक मठ के बिना आपकी गंगटोक की यात्रा अधूरी है। यह मठ सिक्किम की राजधानी गंगटोक से करीब 24 किलोमीटर की दुरी पर स्तिथ है। रूमटेक मठ 300 वर्ष पुराना है, जो की सिक्किम का सबसे पुराना मठ है। रूमटेक मठ का सन 1960 में पुननिर्माण कराया गया था। मठ के अंदर एक विद्यालय भी बनाया गया है, और ध्यान साधना के लिए एक अलग जगह भी मौजूद है। इसके अलावा आपको मठ के अंदर बहुमूल्‍य थंगा पेंटिग तथा बौद्ध धर्म के कग्‍यूपा संप्रदाय की कुछ सुरक्षित वस्तुएं भी देखने के लिए मिल जाएंगी। मठ में आप बौद्ध भिक्षुओं की प्राथना से बहुत प्रभावित होते है।

4. दो द्रूल चोर्टेन (Do Drul Chorten)

दो द्रूल चोर्टेन सिक्किम का सबसे महत्वपूर्ण स्तूप है। जो की सिक्किम की राजधानी गंगटोक के प्रमुख आकर्षणों की सूचि में आता है। दो द्रूल चोर्टेन की स्थापना 1945 ई. में त्रुलुसी रिमपोचे द्वारा की गयी थी। त्रुलुसी रिमपोचे तिब्‍बतियन बौद्ध धर्म के नियंगमा सम्‍प्रदाय के प्रमुख थे। मठ के अंदर गुरु रिमपोचे की दो मूर्तियां भी स्थापित की गयी है, दो द्रूल चोर्टेन का मुख्य शिखर सोने का बना हुआ है, इस मठ के अंदर 108 प्राथना चक्र है।

5. इनहेंची मठ (Inhenchi Monastery)

इनहेंची का शाब्दिक अर्थ निर्जन होता है। इस मठ का यह नाम इस लिए रखा गया है, क्योकिं जिस समय इनहेंची मठ का निर्माण हुआ था उस समय इस पुरे क्षेत्र में सिर्फ यही मठ था। इनहेंची मठ का मुख्य आकर्षण यहाँ का विशेष नृत्य है, जो की जनवरी महीने में होता है। इस नृत्य को चाम कहा जाता है। इनहेंची मठ की स्थापना 200 वर्ष पहले हुई था। वर्तमान समय में स्तिथ मठ को 1909 ई. में बनाया गया था। यह मठ द्रुपटोब कारपो को समर्पित है। जो की अपनी जादुई शक्ति के लिए जाने जाते थे।

6. ऑर्किड अभ‍यारण्‍य (Orchid Sanctuary)

जिन लोगो को प्राकृतिक सुंदरता देखना पसंद है, उनके लिए Orchid Sanctuary एक शानदार विकल्प है। यहाँ पर सिक्किम में पायी जानी वाली आर्किड की 454 किस्मो को रखा गया है।

7. टाशिलिंग (Tashiling)

Tashiling अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है। यह सिक्किम की राजधानी गंगटोक के मुख्य शहर से 6 किलोमीटर की दुरी पर स्तिथ है। Tashiling से आप कंचनजंगा के सुन्दर दृश्य को देख सकते है। टाशिलिंग में स्तिथ मठ अपने “पवित्र बर्त्तन बूमचू” के लिए जाना जाता है। इस बर्तन के अंदर पवित्र जल रखा हुआ है। यह जल 300 वर्षो से इसी बर्तन में रहा हुआ है, जो की अभी तक सूखा नहीं है।

8. टिसुक ला खंग (Tsuglakhang Monastery)

टिसुक ला खंग मठ में आपको प्राचीन ग्रंथो के सुन्दर संग्रह देखने के लिए मिलते है। टिसुक ला खंग भवन बहुत सुन्दर बना हुआ है। इस भवन की दीवारों पर आपको बौद्ध धर्म से सम्बंधित और कई महत्वूर्ण घटाओं के चित्र देखने के लिए मिलेंगे। यह मठ आम लोगो के लिए एक विशेष पर्व पर खोला जाता है। इस पर्व का नाम “लोसार पर्व” है, जिसमे नृत्य किया जाता है।

भारत के सभी राज्यों की राजधानी के नाम

भारत के सभी राज्यों की राजधानी के नाम
ओडिशा की राजधानी पश्चिम बंगाल की राजधानी
पंजाब की राजधानी त्रिपुरा की राजधानी
राजस्थान की राजधानी मणिपुर की राजधानी
सिक्किम की राजधानी मेघालय की राजधानी
आंध्र प्रदेश की राजधानी हिमाचल प्रदेश की राजधानी
हरियाणा की राजधानी झारखण्ड की राजधानी
अरुणाचल प्रदेश की राजधानी कर्नाटक की राजधानी
असम की राजधानी केरल की राजधानी
गोवा की राजधानी मध्यप्रदेश की राजधानी
गुजरात की राजधानी महाराष्ट्र की राजधानी
बिहार की राजधानी मिजोरम की राजधानी
छत्तीसगढ़ की राजधानी नागालैंड की राजधानी
उत्तराखंड की राजधानी तमिलनाडु की राजधानी
उत्तर प्रदेश की राजधानी तेलंगाना की राजधानी

 

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Note – यह लेख Sikkim Ki Rajdhani के बारे में था। जिसमे आपको बताया गया है, सिक्किम की राजधानी क्या है? और सिक्किम की राजधानी से सम्बंधित कई महत्वपूर्ण जानकारियों के बारे में भी बताया गया है। अगर आपका इस लेख से सम्बंधित कोई भी सवाल है, तो आप हमें कमेंट करके बता सकते है। अगर आपको यह लेख अच्छा लगा, तो कृपया इस लेख को अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें, धन्यवाद।

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