गेंदे का फूल की जानकारी | Marigold Flower Information in Hindi

Marigold Flower Information In Hindi

Marigold Flower in Hindi – इस लेखमें गेंदे का फूल के बारे में जानेगे, गेंदे का फूल भारी मात्रा में उगाया जाता है। यह घरो में शोभा बढ़ाने के लिए ज्यादातर लगाया जाता है। इस फूल का मुख्य उपयोग सजावट करने के लिए किया जाता है। गेंदे का फूल सुन्दर और आकर्षक होता है, इसके अंदर से सुगन्धित खुसबू भी आती है। कुछ किसान गेंदे को बेचने के लिए इसकी खेती भी करते है, गेंदे की खेती से बहुत अच्छा मुनाफा होता है।

गेंदे के फूल को मंदिरो में पूजा के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है। आज हम गेंदे के फूल से सम्बन्धी सभी प्रकार की जानकारी आपको देंगे, जिसमे गेंदे के फूल की पत्तियों के फायदे और गेंदे के फूल को फूलो से कैसे उगाया जाता है।

इसके अलावा और भी कई जानकारी आपको इस लेख में मिलने वाली है। मुझे पूरी उम्मीद है, आपको इस लेख को पढ़ने के बाद इससे सम्बंधित सभी जानकारी मिल चुकी होगी, तो चलिए जानते है, गेंदे के फूल की जानकारी –

गेंदे का फूल की जानकारी

गेंदे के फूल को अंग्रेजी में Marigold कहते है, इसका वानस्पतिक नाम Tagetes है। गेंदे को फूल को भारत में सबसे ज्यादा उगाये जाने वाले फूलो की श्रेणी में रखा जाता है । और इसका उपयोग बड़े पैमाने पर धार्मिक और सजावटी फूलो के रूप में किया जाता है।

गेंदे का पौधा वार्षिक होता है, इसको पुरे साल में उगाया जाता है, इसकी खेती सालो से लगातार होती आ रही है। यह बहुत उपयोगी और बगीचे में आसानी से उगाये जा सकने वाला पौधा है। गेंदे के फूल को मारवाड़ी में हजारी गजरा और गुजरती में गालगोटा के नाम से जाना जाता है। 

गेंदे के फूल गर्मियां आने से पहले खिलते है। इसके अलावा यह फूल कई रंगो में खिलते है, लेकिन सामान्य तोर पर पिले और नारंगी फूलो को सबसे ज्यादा देखा जाता है। इन फूलो एक तीखी गंध होती है। जो की बहुत सुगन्धित होती है। 

गेंदे के फूल को सबसे पहले पुर्तगालियों ने अमेरिका में 16 वी शताब्दी में खोजा था। इस फूल का इतिहास मेक्सिको के साथ माना जाता है, यहाँ पर फूलो के सभी पोधो को धार्मिक समाहरोह और आयुर्वेदिक दवाओं में इस्तेमाल किया जाता था।

इसके बाद गेंदे के पौधे को स्पेन ले जाया गया। और पुरे यूरोप में गेंदे की खेती होने लगी। स्पेन में जाने के बाद गेंदे के फूल को चर्च में होने वाली शादियों में ले जाया जाने लगा, जिससे की इसका नाम मरीज गोल्ड हो गया। और धीरे धीरे इसका नाम बदल कर मेरीगोल्ड कर दिया गया। 

गेंदे के फूलो का आकर गोल होता है, इसके अंदर बहुत सारी पंखुड़ियां होती है, जब फूल पक जाता है, तो इन्ही पत्तियों को मिटटी में लगाकर इससे गेंदे का पौधा तैयार किया जाता है। यह फूल कई रंग के होते है, जिनमे नारंगी, मेरून, सफ़ेद, या कभी कभी लाल और पीले दो रंग के भी पाए जाते है।

फूलो का आकर प्रजाति के अनुसार अलग अलग होता है। कुछ प्रजाति में यह एक ही आकर के थोड़े छोटे पाए जाते है। और कुछ प्रजातियों में इन फूलो का आकर काफी बड़ा होता है। गेंदे के पौधे के आकर की बात करे तो इसके पौधे का आकर ये सामान्य तोर पर एक फिट से लेकर पांच फिट तक जा सकते है, लेकिन इसके कुछ पौधे जमीन पर ही फैलते है। इसके पौधे पर अक्टूबर से नवम्बर के बिच में फूल ज्यादा लगते है। गेंदे की पत्तियों का आकर छोटा और लम्बा होता है, जो की 2 सेंटीमीटर की होती है। इन पत्तियों के अंदर से बहुत अच्छी सुगंध भी आती है।  

Marigold Flower In Hindi

 

 

 

 

गेंदे के फूल की प्रजातियां 

गेंदे की आज के समय  में कई प्रजातियां उगाई जाती है, जिनमसे से कुछ मुख्य प्रजातियों के नाम आपको यहाँ पर बताने वाले है। जिसमे से दो सबसे ज्यादा लोकप्रिय है। पहली फ्रेंच (टैगेटेस पटुला) मैरिगॉल्ड और दूसरी अफ्रीकी (टैगेट इरेक्टा) इसके अलावा अन्य प्रजातियां इस प्रकार है, इस प्रकार है –  

Signet Marigolds – इस प्रजाति के फूलो का रंग पीला और नरगी होता है, इनके अंदर से नीबू की तरह सुगंध आती है। यह फूल छोटे छोटे समूह में पौधे पर लगते है।  

African Marigolds – इस प्रजाति के फूलो का आकर बड़ा होता है, जिनका आकर लगभग पांच इंच तक का हो जाता है। यह फूल नरगी रंग से पीले रंग की और खिलते है। इसके पोधो का आकर भी अन्य पोधो से बड़ा होता है। यह लगभग चार फिट की ऊंचाई तक जा सकते है। 

French Marigolds – इस प्रजाति के फूलो का रंग लाल, पीला, और नारंगी होता है, इसके फूलो थोड़े छोटे होते है, जिनका आकर लगभग दो इंच होता है, इसके पोधो भी ज्यादा बड़े नहीं होते है। पोधो का आकर लगभग दस इंच से बीस इंच के बिच ही होता है। 

गेंदे के फूल के फायदे 

गेंदे के बहुत ही अच्छे फायदे होते है। अगर आपके कान में दर्द हो रहा है, तो आप गेंदे के कुछ कोमल पत्तियों को लेकर उनका रास निकलकर कान में डाल सकते है, इससे दर्द में तुरंत रहत मिलती है। 

गेंदे के फूल त्वचा सम्बन्धी रोगो के लिए बहुत ही लाभकारी होता है। इसका इस्तेमाल त्वचा की सूजन को काम करने वाली दवाओं में किया जाता है। 

अगर आप अपने घर में गेंदे के पौधे को लगाते है, तो उस स्थान पर कभी भी मलेरिया जैसी बीमारियां नहीं होती है। यह सभी बेक्टीरियों को भागने में मदद करता है। 

गेंदे के फूल में एंटीऑक्‍सीडेंट और विटामिन सी समृद्ध मात्रा में पाया जाता है, इस फूल के अर्क को सेवन करने से हृदय संबधी रोगो में फायदा होता है। 

 

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गेंदे के पौधे के लिए जलवायु कौन सी अच्छी होती है

गेंदे के फूल को उगाने के लिए हलकी जलवायु की आवश्यकता होती है। यह पौधा धुप और गर्म जलवायु को ज्यादा पसंद करता है। जिन इलाको में रात के समय ज्यादा ठण्ड नहीं पड़ती है। वहां पर गेंदे के पौधे पुरे साल भर खिलते है। पौधे को सुखद जलवायु के लिए लगभग 15-20 डिग्री सेल्सियस तापमान की आवश्यकता होती है। अगर तापमान इससे ज्यादा जाता है, तो यह पौधे की वृद्धि पर प्रभाव डालता है। जिसकी वजह से गेंदे के फूल के आकर और संख्या में कमी आने लगती है। 

अगर गेंदे के पौधे को उत्तर भारत में उगने के लिए मौसम की बात की जाए तो यह सर्दियों के महीनो से लेकर शुरुआती गर्मियों तक अच्छे से चलते है। यानी की अक्टूबर से अप्रैल के महीनो में उत्तर भारत में गेंदे के फूलो की सबसे ज्यादा पैदावार देखी जाती है। वही गर्मियों में, ज्यादा तापमान और लम्बे दिन होने की वजह से फूलो में विरलता देखी जाती है।  

गेंदे के पौधे को कैसे उगाये 

गेंदे के पौधे को उगाना बहुत आसान होता है। आप गेंदे के पौधे को बीजो द्वारा या कलम द्वारा भी ऊगा सकते है। लेकिन सबसे ज्यादा इस पौधे को बीजो के द्वारा ही उगाया जाता है। गेंदे के फूल को बीजो के द्वारा उगाना सबसे आसान होता है। कुछ लोगो का सवाल होता है, की गेंदे के फूल को इसके फूलो से कैसे उगाया जाता है? आज आपको सभी तरह से उगाये जाने वाले तरीको मिल जाएंगे जैसे की गेंदे का फूल बीजो या कटिंग के द्वारा कैसे उगाया जाता है? तो सबसे पहले हम जानते है, की इसको बीजो के द्वारा कैसे उगाते है।

गेंदे का फूल का पौधा बीजो से कैसे उगाया जाता है

गेंदे के फूलो को बीजो से उगने के लिए आपको सबसे पहले इसके बीजो को इकठा करना पड़ेगा। अब बात आती है की गेंदे के बीजो को इकठ्ठा कैसे करें? यह बहुत आसान सा कार्य है। गेंदे के बीजो को इकठ्ठा करने के लिए, आपको सबसे पहले आपने पौधे के उन फूलो को तोड़ना है, जो पूरी तरह से सुख चुके है। अगर आपके घर में गेंदे का पौधा नहीं है, तो कोई बात नहीं आप एक गेंदे का ऐसा फूल कही से भी ला सकते है।

जो की पूरी तरह से बड़ा हो गया हो। इसके बाद उस फूल को सुखाकर उसके ऊपर की पत्तियों को हटा दे। इसके बाद आपको इसके अंदर से बीज निकलकर उन्हें धुप में सूखा लेना है। अगर फूल पहले से सूखा है, तो आपको इसे सूखने की कोई जरुरत नहीं है। इस तरह से आप गेंदे के बीजो को इकठ्ठा कर सकते है। अब जानते है, की इन बीजो को लगाना कैसे है।

गेंदे के बीजो को इकठ्ठा करने के बाद आपको इन बीजो को उगाने के लिए एक ट्रे लेनी है। या फिर आप किसी भी छोटी सी क्यारी में इन बीजो को लगा सकते है। आप चाहते हो गमले में भी लगा सकते है। इसके लिए आपको सबसे पहल गमले में एक परत बालू की बनानी है। जो घरो में घर बनाते समय काम में आती है वह रेत भी आप इस्तेमाल कर सकते है। इसके बाद आपको बगीचे की सामान्य मिटटी डालनी है।

आप चाहते तो सामान्य मिटटी में पुरानी गोबर खाद भी मिला सकते है। मिटटी को तैयार करने के बाद गमले में डालना है। और इसके बाद आपको गमले में किसी लकड़ी की मदद से लगभग दो इंच गहरी नालिया बनानी है। इसके बाद आप इन नालियों में गेंदे के बीजो को डाल दे। बीजो को उगाते समय आपको एक बात का ध्यान रखना है। की जरुरी नहीं होता की सभी गेंदे के बीज जमकर आएंगे इसलिए हमेशा ज्यादा मात्रा में बीजो को डाले।

बीजो को गमले में डालने के बाद एक परत फिर से आपको सामान्य मिटटी की डालनी है। यह ज्यादा मोती नहीं होनी चाहिए। बस इतनी मिटटी आपको इसके अंदर डालनी है, जिससे की आपके सभी बीज ढक जाए और इनमे नमी बनी रहे। बीजो को लगाने के बाद आपको इसके ऊपर पलानी का छिड़काब करना है।

आपको धार बनाकर गमले में पानी नहीं डालना है। गमले में पानी लगाने के बाद आपको इसे ऐसी जगह पर रखना है। जहाँ पर सीधी धुप ना आती हो। आप चाहे तो किसी बड़े पेड़ के निचे भी इस गमले को रख सकते है। गमले में जब तक बीज जमकर नहीं आते तब तक आपको इसके अंदर हलकी नमी बनाये रखनी है।

आपके बीज लगभग एक सफ्ताह में उगना शुरू हो जायेंगे। बीजो से पौधा निकलने के बाद, इस पर लगभग 45 दिन बाद फूल आना शुरू हो जाते है। जब आपके पौधे बड़े होने लगे, तो उन्हें किसी दूसरे गमले में लगा देना चाहिए। आप अपने बगीचे में भी इन पोधो को लगा सकते है।

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गेंदे का पौधा कटिंग से कैसे लगायें 

गेंदे के फूल को कटिंग से उगाने के लिए आपको सबसे पहले एक बड़े पौधे से इसकी कटिंग बनानी पड़ेगी। गेंदे की कटिंग को लगाने का सबसे अच्छा समय सितम्बर से अक्टूबर का होता है। आप किसी भी बड़े पौधे से लगभग पांच इंच की कटिंग काट ले। आपको कटिंग ज्यादा मात्रा में काटनी है। क्योकिं यह जरुरी नहीं होता, की जितनी कटिंग आपने लगाई है। सभी चल जाए, कुछ कटिंग ख़राब भी हो जाती है। कटिंग को काटने के बाद आप सभी कटिंग को तुरंत पानी में रखते रहे। जिससे की उनकी नमी बरक़रार रहे।

इसके बाद आपको किसी समतल गमले में नदी की रेत को भरना है। अगर आपके पास नदी की रेत नहीं है। तो कोई भी रेतीली मिटटी आप ले सकते है। इसके बाद आपको इसमें भरपूर मात्रा में पानी देना है। जब पानी थोड़ा सुख जाए, तो आप अपनी कटिंग को लगाने के लिए इस गमले में किसी लकड़ी की सहायता से छेद कर ले।

गमले की मिटटी में छेद करने के बाद आपको अपनी गेंदे की कटिंग को रूटिंग हार्मोन पॉडर लगाना है, और जो छेद आपने गमले की मिटटी में किये थे, एक एक करने सभी कटिंग को लगा देना है। आपको एक गमले में ज्यादा से ज्यादा कटिंग लगानी है। इस तरह से आप गेंदे के पौधे को कटिंग से ऊगा सकते है। जब आपके पौधे में अच्छी तरह से जड़े आ जाए, तो आप इन्हे अलग गमले में लगा सकते है।

गेंदे के पौधे को कलम कैसे लगायें वीडियो में देखें

गेंदे के पौधे की देखभाल कैसे करें

गेंदे के फूल को सूर्य की किरणे ज्यादा पसंद होती है। आप अपने गमले को एक ऐसी जगह पर रख दीजिये। जहाँ पर लगभग पुरे दिन धुप होती है। इससे यह फूल बहुत स्वस्थ रहते है। और अच्छे खिलते है।

गेंदे के पौधे को ज्यादा खाद पसंद नहीं होता है। अगर आप इस पौधे को लगते समय ज्यादा खाद देते है, तो इससे इसके ऊपर पत्तियां ज्यादा आती है और फूल कम आते है।

अपने पौधे को ज्यादा पानी ना दे। इससे आपके पौधे ख़राब हो सकते है। इस पौधे को पानी उस समय देना चाहिए। जब इसके ऊपर की परत सूखने लग जाए। सर्दियों में पौधे को पानी देते समय आपको एक बात का ख्याल रखना है, की गेंदे के पौधे के ऊपर पानी नहीं डालना चाहिए। इससे भी आपके पौधे के फूल और पत्तियों को नुक्सान होता है।

अगर आपके पौधे पर धुल आ गयी है, और आपको अपना पौधा गन्दा लग रहा है, तो ऐसे समय में आप अपने पौधे के ऊपर पानी डालिये जिस समय धुप निकली हो जिससे की इसका पानी तुरंत सुख जाए। ऐसा आप महीने में एक या दो बार कर सकते है।

अपने गेंदे के फूलो (Marigold Flower) को किट पंतगों से बचने के लिए महीने में एक बार नीम आयल का स्प्रे कर सकते है। इससे आपको पौधे पर किसी भी तरह के किट पतंगे नहीं आते है। जिससे आपके फूल और पत्ते स्वस्थ रहते है।

जब आपका पौधा बड़ा होने लग जाए। तो आपको इसके ऊपर से निकलने वाली कोपल को तोड़ देना है। जिससे की यह और भी ज्यादा शकाओं को फैलने में मदद करें। इसके अलावा आप अपने पौधे पर सूखे हुए फूलो समय समय पर तोड़ कर डालते रहे।

जब तक आपके पौधे पर फूल आते है, तब तक आप इन पोधो को खाद ना दे। अगर आप देना चाहते है, तो महीने में एक बार गोबर खाद का घोल बनाकर थोड़ा थोड़ा गमले में डाल सकते है।

 

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गेंदे के पौधे को जल्दी से बढ़ाने की कुछ ख़ास बातें 

जब भी आप अपने घर या बगीचे में गेंदे के पौधे को लगाए, तो उसे लगाने से पहले यह देख ली की वह एक उच्च किस्म का पौधा होना चाहिए। जिस पर पहले से अच्छे फूल लगे हो।

जब भी अपने पौधे को गमले से जमीन में लगाए, तो जमीन गड्डा करने के बाद आप उसमे दो मुट्ठी गोबर खाद जरूर डाले। इसके बाद आपने पौधे को लगाए। जब भी नया पौधा लगाए, उसको पानी भरपूर मात्रा में दे।

नया पौधा लगाने के बाद उसमे लगभग बीस दिनों तक कोई भी लिक्विड या स्प्रे नहीं करना चाहिए। इससे आपका पौधा ख़राब हो सकता है। बीस दिन बाद आप चाहे तो इसमें सरसो की खाल के साथ NPK खाद मिलाकर डाल सकते है, वह भी बहुत थोड़ी मात्रा में पौधे के तने से लगभग सात इंच दुरी पर डालना है।

खाद डालने के बाद आप इसमें फिर से पानी भर दे। ठीक इसी तरह से आपको यह खाद गमले में भी डालना है। गमले में आपको इसकी मात्रा और थोड़ी कर देनी है, और किनारो किनारो पर डालना है। अगर आपका गमला बड़ा है, तो आप इसमें ज्यादा खाद डाल सकते है।

आपने पौधे से सूखे हुए फूलो को हमेशा किसी नए ब्लेड या कैंची से काट सकते है। अगर आप इसको नाखून से काटते है, तो इससे आपके हाथो के बैक्टीरिया पौधे में जा सकते है।

महीने में एक बार आप आर्गेनिक लिक्विड स्प्रे कर सकते है, जो की आपके पोधो को सभी किट पतंगों से बचायेगा। आप किसी भी नर्सरी से यह लिक्विड लेकर आ सकते है।

जितनी बातें आपको बताई गयी है, अगर आप सभी को फॉलो करते है, तो आपके गेंदे के पौधे पर पुरे सीजन फूल आते रहेंगे और यह फूलो से भरा रहेगा।

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