Information About Tiger In Hindi | बाघ के बारे में जानकारी

1
Information About Tiger In Hindi

इस लेख में हम एक जानेगे बाघ के बारे में जानकारी (Information About Tiger In Hindi) बाघ एक खूबसूरत और खतरनाक जानवर है। यह बहुत ताकतवर होता है, यह भोजन में मांस खाता है। बाघ एक संरक्षित जानवर है, इनकी संख्या कम होने की कगार पर है। ज्यादातर बाघों की संख्या भारत, बंगलादेश, रूस, थाईलैंड, इंडोनेशिया, भूटान, सुमात्रा, मलेशिया, और नेपाल में है। जहाँ पर इन्हे संरक्षित करने के लिए कई नेशनल पार्क भी बनाये गए है।

जिसके कारण बाघों की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है। बाघ के बारे सभी लोग जानना चाहते है, इसकी शानदार और आकर्षक बनावट के कारण यह लोगो को अपनी और आकर्षित करता है, हालाकिं आप इसको जंगल में नहीं देख सकते है, क्योकिं यह इंसानो पर हमला कर देता है। लेकिन आप किसी भी नेशनल पार्क की सफारी कर सकते है, जहाँ पर आपको सफारी के दौरान बाघ देखने का अवसर मिलता है। तो आइये जानते है, टाइगर के बारे में जानकारी हिंदी में –

Information About Tiger In Hindi | बाघ के बारे में जानकारी

बाघ एक मांसाहारी, स्तनधारी जानवर है। यह बिल्ली की प्रजाति का पशु है, जो की इस प्रजाति का सबसे बड़ा, फुर्तीला और ताकतवर जानवर है। बाघ का अंग्रेजी नाम टाइगर (Tiger) और वैज्ञानिक नाम Scientific Name: Panthera Tigris है। यह एशिया महाद्वीप में श्रीलंका, अंडमान निकोबार द्वीप-समूह, और श्री लंका को छोड़कर एशिया के सभी क्षेत्रों में पाया जाता है। बाघ के शरीर की त्वचा का रंग लाल और पीले रंग की होती है, तथा इसके ऊपर काले रंग की धारियां पायी जाती है।

बाघ के पैर और अंदर के वक्ष का रंग सफ़ेद होता है। बाघ की लम्बाई 12 से 13 फिट, ऊंचाई 70 से 120 सेंटीमीटर तथा इसका वजन 300 किलो होता है। दुनिया में सबसे ज्यादा बाघ भारत में पाए जाते है, बाघ को पुरातन काल से ही अलग अलग धर्मों और सम्प्रदायों में अराध्य जीवों के प्रतिक माना गया है। बाघ को दुनिया के कई देशो के झंडो पर भी प्रदर्शित किया गया है, इसके अलावा यह कई संगठनों के झंडों पर भी प्रदर्शित है। बाघ भारत का राष्ट्रीय पशु है, इसके अलावा यह क्षिण कोरिया, बांग्लादेश, और मलेशिया कब ही राष्ट्रीय पशु है।

बाघ की Scientific Classification जानकारी (About Tiger in Hindi)

बाघ का वैज्ञानिक नाम (Scientific Name) Panthera Tigris
अंग्रेजी नाम Tiger
हिंदी नाम बाघ
जाति P. Tigris
कुल फ़ेलिडाए (Felidae)
वंश पैन्थेरा (Panthera)
वर्ग स्तनपायी पशु
निवास स्थान वन, दलदली क्षेत्र तथा घास के मैदान
मूल निवासी मध्य चीन
लम्बाई 12 से 13 फिट
ऊंचाई 70 से 120 सेंटीमीटर
वजन 300 किलो तक
गर्भकाल 93 से 112 दिन
आयु 8 से 10 वर्ष

 

बाघ की जीवन शैली और भोजन के बारे में जानकारी

बाघ का मुख्य भोजन जंगली जानवर और मनुष्य द्वारा पाले जाने वाले पशु है, जिसमे हिरण, सांभर, नील गाय, जंगली सूअर, भैसें, बकरी आदि शामिल है। टाइगर को घास के मैदान, दलदली क्षेत्र, और वनो में रहना पसंद है। इसके सूँघने की क्षमता अति तीव्र होती है, यह अपने शिकार को 1 किलोमीटर या इससे अधिक की दुरी से भी आसानी से सूंघ सकता है। बाघ अपने बड़े आकर और शरीर पर काली धारियों के कारण आसानी से पहचानने में आ जाता है। यह अपने शिकार पर ज्यादातर पीछे की और से हमला करता है।

जब टाइगर अपने शिकार पर हमला करता है, तो यह किसी झाड़ी के पीछे चिप जाता है, जिससे की शिकार की नजर उस पर नहीं पड़ती है। यह अपना शिकार एकाग्रता और धीरज से करता है। आपको बता दें, की बाघ अपने बड़ी शरीर की वजह से बहुत जल्दी थक जाता है, हालाकिं इसके भागने की गति 49 से 65 किलोमीटर प्रति घंटा होती है, लेकिन यह अपने शिकार के पीछे ज्यादा दूर तक नहीं भाग पाता है। लेकिन यह आमतौर पर शिकार के इतनी करीब होता है, की उसे पहली बार में ही दबोच लेता है।

अगर टाइगर अपने शिकार को पहली बार में नहीं दबोच पाता है, तो फिर यह उसे छोड़ देता है। आपको बता दें, की बाघ अगर बीस बार शिकार करने की कोशिश करता है, तो वह तब जाकर एक बार अपना शिकार करने में सफल हो पाता है। बाघ दिन के समय जंगली सूअर, हिरण, और चीतल का शिकार करता है। बाघ आमतौर पर अकेले रहना पसंद करते है, और प्रत्येक बाघ का अपना एक निश्चित क्षेत्र होता है, जिसमे वह अपना शिकार करता है, और रहता है।

बाघ सिर्फ प्रजननकाल के दौरान ही मादा के साथ मिलता है। मादा बाघ का गर्भकाल साढ़े तीन महीने से चार महीने का होता है। यह एक बार में 2 से 3 बच्चो को जन्म देती है, बाघ के बच्चो को शावक कहते है। जन्म के बाद बाघिन अपने बच्चो को अपने साथ रखती है, और बच्चे अपनी माँ से ही शिकार की कला सीखते है। लगभग ढाई से तीन साल बाद यह स्वतंत्र रूप से रहने लगते है, बाघ की आयु लगभग 15 से 19 वर्ष होती है।

बाघ संरक्षण की जानकारी

बाघ के संरक्षण के लिए कई नेशनल पार्क बनाये गए है। क्योकिं बाघ एक अत्यंत संकटग्रस्त पशु है, इन पर हमेशा अवैध शिकार का संकट बना रहता है, क्योकिं इनकी खाल से कई प्रकार की कीमती चीजे बनायीं जाती है। वर्तमान समय में पुरे विश्व में बाघों की लगभग 6000 हजार से भी कम संख्या है, जिसमे से 4000 के लगभग भारत में है। भारत में पाए जाने वाले बाघों की प्रजाति पेंथेरा टाइग्रिस टाइग्रिस है।

बाघ की नो प्रजातियां पायी जाती थी, जिनमे से अभी तीन प्रजातियां पूरी तरह से विलुप्त हो चुकी है, ज्ञात प्रजातियों में रायल बंगाल टाइगर उत्‍तर पूर्वी क्षेत्रों को छोड़कर भारत के सभी हिस्सों में पाया जाता है, इसके अलावा यह भारत के पड़ोसी देश में भी पाए जाते है, जिनमे भूटान, बांग्लादेश, और नेपाल शामिल है। लगातार घाट रही बाघों की संख्या की वजह से भारत सरकार द्वारा अप्रैल 1973 में बाघ परियोजना को शुरू किया गया है, जिसके दौरान अब तक 27 बाघ आरक्षित क्षेत्रों की स्थापना की गयी है।

बाघ का इतिहास (History of Tiger in Hindi)

कुछ शोधकर्ताओं के मुताबिक बाघ के पूर्वजो के रहने के निशान चीन में पाए गए है। हाल ही में शोध के दौरान एक विलुप्त बाघ की प्रजाति के DNA से ऐसा पता चला है, की बाघ के पूर्वज भारत में मध्य चीन से आये थे। जिस रास्ते से भारत आये थे उस रस्ते को कई शताब्दियों के बाद रेशम मार्ग के नाम से जाना जाने लगा। अमेरिका में एनसीआई लेबोरेट्री ऑफ जीनोमिक डाइवर्सिटी और आक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिको की शोध के मुताबिक जो प्रजातियां 1970 में विलुप हुई थी, जिनमे रूस के सुदूर पूर्व में मिलने वाले साइबेरियाई या एमुर बाघ और मध्य एशिया के कैस्पियन बाघ दोनों एक जैसे दिखाई देते थे।

आक्सफोर्ड के वाइल्ड लाइफ रिसर्च कंजरवेशन यूनिट के मुताबिक शोधकर्ताओं का ऐसा मानना है, की विलुप्त कैस्पियन और आज के साइबेरियाई बाघ दोनों की प्रजातियों में नजदीकी सम्बन्ध है, जिससे यह अनुमान लगाया जा रहा है, की कैस्पियन बाघ कभी विलुप्त ही नहीं हुए थे। एशिया में पाए जाने वाले बाघ, मध्य एशियाई बाघ के पठारी बाघों दिखने में अलग है। लेकिन अध्यन के मुताबिक ऐसा मन जाता है, की लगभग 10 हजार साल पहले बाघ चीन से होकर ही भारत आये थे। जिस रास्ते से बाघ भारत आये थे उस रस्ते को कई हजार साल के बाद व्यापारिक सिल्क रूट का नाम दिया गया।

100+ जानवरो के नाम हिंदी और अंग्रेजी में

बाघ कितने प्रकार के होते हैं (How Many Types of Tigers Are There)

जैसा की आपको ऊपर बताया गया है, की बाघों की नौ प्रजातियां थी। लेकिन हाल ही मैं इनमे से 3 प्रजातियां पूरी तरह से विलुप्त हो चुकी है। बाघ एक सुन्दर और आकर्षक जानवर है, जिसका अवैध तरीके से शिकार किया जा रहा है, हालाकिं अब यह एक संरक्षित पशु है, इस लिए आने वाले समय मैं इनकी संख्या मैं वृद्धि हो सकती है। तो आइये जानते है, बाघ कितने प्रकार के होते हैं –

1. बंगाल टाइगर

बंगाल टाइगर एक सबसे लोकप्रिय प्रजाति है, जिसका नाम सभी लोग जानते है, इस प्रजाति के बाघ भारत और दक्षिण एशिया पाए जाते है। बंगाल टाइगर की एक विशेषता है, की इनमे से कुछ बाघ के बच्चे सफ़ेद फर के पैदा होते है, जिनकी आँखे नीली और शरीर पर गहरे भूरे रंग की धाररियाँ होती है। सबसे बड़े बंगाल टाइगर नर का वजन लगभग 400 किलो तक देखा गया था।

2. सुमित्रन बाघ

सुमित्रन बाघ की प्रजाति सुमात्रा द्वीप पर पायी जाती है, यह बाघ बंगाल टाइगर की अपेक्षा छोटे होते है, लेकिन यह बहुत खतरनाक और आक्रामक होते हैं। यह बाघ विलुप्त होने की कगार पर है, इसका मुख्य उद्देश्य है, की द्वीप का बिगड़ता वातावरण, इसलिए सुमात्रा की सरकार द्वारा द्वीप को संरक्षित करने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही है।

3. अमूर बाघ

अमूर बाघ की प्रजाति के टाइगर को उस्सुरी या साइबेरियन के नाम से भी जाना जाता है। यह ज्यादातर रूसी सुदूर पूर्व में पाए जाते है, इसके अलावा यह कम मात्रा में चीन और कोरिया के उत्तर में भी पाए जाते है। यह बाघ आकर में बड़ा होता है, इसका फर बड़ा और मोटा होता है। इसके शरीर पर मौजूद धारियां छोटी होती है। यह बाघ ठंडी जलवायु में रहना पसंद करते है, इनके कान छोटे होते है।

4. मलय बाघ

मलायण बाघ सभी प्रजातियों की अपेक्षा सबसे छोटा होता है, यह पश्चिमी मलेशिया के क्षेत्रों में पाया जाता है। यह बाघ आबादी के अनुसार तीसरे स्थान पर आता है।

5. इंडोचाइनीज बाघ

इंडोचाइनीज बाघ अपना जीवन गुप्त तरीके से बिताते है, यह जंगल में अकेला रहना पसंद करते है, यह बाघ इतने अज्ञात है, की इनके रहने – सहने के तरीके के बारे में बहुत कम जानकारियां है। इस प्रजाति में बाघों का रंग गहरा होता है।

10 Lines on Tiger in Hindi | 10 Sentences About Tiger in Hindi

10 Lines on Tiger in Hindi – अभी तक आपने टाइगर के बारे सभी महत्वपूर्ण जानकारी पढ़ी है। जैसा की आपको बताया गया है, की बाघ भारत का राष्ट्रीय पशु है, इसलिए बाघ के बारे में कई छोटी कक्षाओं में निबंध आदि लिखने को आते है, यहाँ पर हम अब बाघ पर निबंध हिंदी में लिखेंगे, इसके अलावा बाघ के बारे में 5 वाक्य हिंदी में भी आपको निचे बताएँगे जायेंगे। जहाँ से आप अपनी जरुरत के अनुसार यहाँ से याद कर सकते है तो आइये पहले टाइगर के बारे 10 Sentences About Tiger in Hindi के बारे में जान लेते है –

10 Lines on Tiger in Hindi

01. बाघ बिल्लियों की प्रजाति का सबसे बड़ा जानवर है।

02. बाघ एक मांसहारी जानवर है, जो की हिरण, नील गाय, और जंगल सूअर आदि को अपना भोजन बनता है।

03. बाघ दलदली मैदानों, और वनो में रहना पसंद करता है।

04. बाघ का रंग नारंगी होता है, इसके बिच में काली धारियां बनी होती है।

05. एक मादा बाघ एक बार में 2 से 3 बच्चो को जन्म देती है।

06. बाघ के बच्चो को शावक कहते है।

07. बाघ भारत का राष्ट्रीय पशु है।

08. बाघ 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से दौड़ सकता है।

09. बाघ का वजन 300 किलो तक होता है।

10. बाघ की आयु लगभग 15 से 19 साल होती है।

बाघ के बारे में रोचक जानकारी | Facts And Tiger Information in Hindi

1. जिस तरह से मनुष्य के फिंगरप्रिंट अलग अलग होते है, उसी तरह से प्रतियेक बाघ के शरीर की धारियां भी अलग अलग होती है।

2. बाघ के बच्चो की देखभाल जन्म के दो साल तक उनकी माँ करती है, और बाघ के बच्चे अपनी माँ से ही शिकार करने की कला को सीखते है।

3. एक बाघ के दहाड़ने की आवाज को लगभग 3 किलोमीटर दूर तक सुना जा सकता है।

4. बाघ मनुष्य की अपेक्षा रात के अँधेरे में छह गुना ज्यादा देख सकता है।

5. बाघ की हड्डियां बहुत मजबूत होती है। यह एक छलांग में लगभग 5 से 8 मीटर तक की ऊंचाई को पार कर सकता है।

6. बाघ के पिछले पैर आगे के पेरो से अधिक लम्बे होते है, जिससे की बाघ ज्यादा लम्बी छलांग लगा पाता है।

7. सफ़ेद बाघों की आँखे नीली होती है।

8. बाघ अपने शिकार को हमेशा गले से पकड़ता है।

9. बाघ के पैर बड़े और गद्देदार होते है, जो की शिकार के समय बहुत सहायक होते है। जिसकी वजह से बाघ शिकार को उसके पास होने का एहसास भी नहीं होने देता है, और एक झटके में शिकार को दबोच लेता है।

10. बाघ अक्सर पीछे से हमला करता है, अगर आप बाघ की तरफ देख रहे है, तो ऐसे में बहुत कम चांस होते है, की बाघ आप पर हमला करें।

11. भारत के कई ऐसे क्षेत्र है, जहाँ पर लोग अपने पीछे एक मनुष्य का मुखौटा पहनकर जंगल में घूमते है, जिससे की बाघ पीछे से हमला ना कर सकें।

12. बाघ अपना शिकार करने के बाद अपने बच्चो और मादा का इंतजार करता है, इसके बाद ही यह खुद खाता है।

13. बाघ पानी में बहुत अच्छी तरह से तेर सकते है, यह बड़ी से बड़ी नदी को भी आसानी से पर कर सकते है।

14. बाघ पर अगर नदी पार करते समय मगरमच्छ का हमला हो जाता है, तो ऐसे में बाघ मगरमच्छ के निचे हिस्से पर हमला करता है।

15. एक व्यस्क बाघ एक समय में लगभग 40 किलो तक मांस खाता है, और इसके बाद यह लगभग 4 दिन तक शिकार नहीं करता है।

Note – इस लेख में आपको टाइगर के बारे में सभी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गयी है, इसके अलावा इस लेख में बाघ पर निबंध (Essay on Tiger in Hindi) और बाघ के बारे में रोचक तथ्य आदि मौजूद है। अगर आपको यह लेख Information About Tiger in Hindi अच्छा लगा तो कृपया कमेंट करके जरूर बताएं साथ ही इस लेख को अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें, धन्यवाद।

1 COMMENT

  1. आपने बहुत ही अच्छी पोस्ट लिखी है। इस जानवर के बारे में रोचक जानकारी शेयर करने के लिए आपका धन्यवाद

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here