Operating System क्या है? परिभाषा, प्रकार, कार्य, विशेषताएं हिंदी में

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Operating System Kya Hai in Hindi

Operating System क्या है? यह एक ऐसा सवाल जो प्रत्येक ऐसे स्टूडेंट के मन में होता है, जो कंप्यूटर के क्षेत्र में जाना चाहता है। तो आज इस लेख में हम यही जानेगे की Operating System क्या होता है, और इससे जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारियां हिंदी में। प्रत्येक चीज को चलने के लिए एक ऑपरेटिंग सिस्टम की आवश्यकता होती है। जैसे की कुछ लोक्रपिय ऑपरेटिंग सिस्टम इस प्रकार है, iOS, Android और Windows यह सबसे ज्यादा उपयोग होने वाले ऑपरेटिंग सिस्टम है।

लेकिन यह किस तरह से कार्य करते है, और इनका उपयोग क्या है, और ऑपरेटिंग सिस्टम की विशेषता क्या होती है। इनसे जुड़ी बहुत सी ऐसी जानकारियां जो शायद आपको अभी तक नहीं पता होगी। लेकिन मुझे पूरी उम्मीद है, अगर आप इस लेख को पूरा ध्यानपूर्वक पढ़ लेते है, तो आपको इससे संबंधित सभी महत्वपूर्ण जानकारियां इस लेख में मिल जायेगी और आपको किसी और लेख को पढ़ने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। तो आइये सबसे पहले जानते है, की Operating System क्या होता है –

Table of Contents

ऑपरेटिंग सिस्टम क्या है | What Is Operating System in Hindi 

Operating System (OS) एक प्रकार का Software है, जो Computer Hardware Components and Users के बिच में एक Interface के रूप में कार्य करता है। अगर हम ऑपरेटिंग सिस्टम को आसान भाषा में समझे तो इसका मतलब है, की यह कंप्यूटर के अंदर लगे सभी हार्डवेयर के साथ कनेक्ट होता है। यह पुरे कंप्यूटर का सिस्टम सॉफ्टवेयर होता है, जिसे “OS” के नाम से भी जाना जाता है। ऑपरेटिंग सिस्टम यूजर और हार्डवेयर के बिच में एक Interface की तरह कार्य करता है। अगर हम इसे एक उदहारण से समझे तो इसका मतलब है, की जब भी हम अपने कंप्यूटर में कोई फाइल खोलते है

तो उसके लिए हमें कंप्यूटर में किसी फाइल पर माउस के बटन को क्लिक करना होता है, उसके बाद ही वह फाइल खुलती है। इसके अलावा अगर हमें Computer में कुछ टाइप करना है, तो ऐसे में हम Keyboard का बटन दबाकर टाइप करते है, जिसके बाद कंप्यूटर की स्क्रीन पर हमें शब्द दिखते, तो यह सभी चीजे ऑपरेटिंग सिस्टम की ममद से होती है। जिसका सीधा सा अर्थ है, की यूजर कंप्यूटर के ऑपरेटिंग सिस्टम के साथ मिलकर ही कार्य कर पाता है। बिना ऑपरेटिंग सिस्टम के कंप्यूटर में कुछ भी नहीं किया जा सकता है।

Operating System Meaning in Hindi

ऑपरेटिंग सिस्टम को आसान भाषा में समझने के लिए आपको इसका Meaning या मतलब समझना चाहिए। जब भी हम एक नया कंप्यूटर लेते है, तो उसके अंदर हमें एक Windows देखने को मिलती है, जिसमे Window 7 8 या 10 कोई भी हो सकती है। यह Windows एक प्रकार का ऑपरेटिंग सिस्टम होता है। उसी तरह से अगर हम Apple के लैपटॉप की बात करें, तो उसके अंदर Mac OS होता है। बिना Operating System के हमारा कंप्यूटर या Laptop चालू नहीं हो सकता है। Operating System आपके द्वारा टाइप किये गए शब्दों को Screen पर दिखता है।

इसके अलावा इसका कार्य होता है, किसी भी Data को Process करके उसके Output को दिखाना। आपके कंप्यूटर में जितने भी Application और Programe होते है, सभी ऑपरेटिंग सिस्टम के अंदर होते है। अगर किसी वजह से आपके ऑपरेटिंग सिस्टम में कुछ खराबी आती है, तो आपकी कोई भी Application कार्य नहीं कर पाती है। जिस तरह से कंप्यूटर में OS होता है, उसी तरह से Mobile में भी Operation System होता है, मोबाइल के OS को Android कहते है।

ऑपरेटिंग सिस्टम के मुख्य कार्य क्या है

अभी तक आपको यह तो पता चल गया है, की ऑपरेटिंग सिस्टम क्या है? लेकिन बहुत सरे लोगो का एक सवाल होता है, ऑपरेटिंग सिस्टम के कार्य बताइए। तो अब हम ऑपरेटिंग सिस्टम के कार्यो के बारे में जानेगे। जब हम अपना कंप्यूटर शुरू करते है, तो सबसे पहले हमें Operating System का लोगो नजर आता है, इसके बाद यह कंप्यूटर की Primary Memory में Load होकर आपके सामने आता है। तो आइये जानते है, Operating System के कार्यों की पूरी Details हिंदी में –

1. Memory Management

ऑपरेटिंग सिस्टम Memory Management को मैनेज करता है। क्योकिं कंप्यूटर में Primary Memory और Secondary Memory होती है। यहाँ पर Primary Memory के अंदर सारा ऐसा डाटा होता है, जिससे CPU चलता है। ऑपरेटिंग सिस्टम इन सभी Memory को Manage कैसे करता है, आइये जानते है –

  • जब हम अपने कंप्यूटर में बहुत सारी File को एक साथ Open कर लेते है, तो ऐसे में Memory के ऊपर बहुत Loud होता है। इस स्तिथि में Operating System खुद अपने AI से Decide करता है, की किस प्रोग्राम को कितनी मेमोरी देनी है।
  • Computer में किसी भी कार्य को करने के लिए Memory की आवश्यकता होती है, जो की OS प्रदान कराता है।
  • आपके Computer में लगी Primary Memory को किस Software को कितनी Memory देनी है, यह भी OS ही Decide करता है।
  • जब हम कंप्यूटर में सारा कार्य खत्म कर लेते है, तो इसके बाद OS सारी Memory को अपने पास Store कर लेता है।

2. Processor Management

ऑपरेटिंग सिस्टम Memory की तरह Processor Management को भी Manage करता है। इसका अर्थ है, की जब भी हम अपने कप्यूटर में Multi Programming करते है, तो ऐसे में ऑपरेटिंग सिस्टम प्रत्येक प्रोग्राम को अपने अनुसार Process करता है। कुछ प्रोग्राम को यह जल्दी ओपन कर देता है, और कुछ में यह Processor को Scheduling पर लगा देता है। इस प्रकार Schedule किये गए Process अपने आप प्रोग्राम में जुड़ जाते है। ऐसे में OS का एक कार्य यह भी है

की यह सबसे पहले यह देखता है, की Processor खली है, या नहीं है। अगर आप अपने Processor को देखना चाहते है, की वह अभी कार्य कर रहा है, या नहीं, तो आप अपने कंप्यूटर या लैपटॉप में CTRL + ALT + Delete का Button दबाकर Task मैनेजर में जाकर देख सकते है। हमारे कंप्यूटर में जितने भी सॉफ्टवेयर होते है, OS उन सभी को Update करने के लिए Processor को उस कार्य में लगा देता है। OS का कार्य है, कंप्यूटर को पूरी तरह से Update रखना।

3. Device Management

कंप्यूटर के अंदर कई तरह की Device होते है, जिन्हे OS मैनेज करता है। जिसमे कई तरह के Driver भी होते है। जैसे की WiFI Driver, Bluetooth Driver, Sound Driver आदि इसके अलावा कुछ Input और Output Device भी होती है। इन सभी को OS मैनेज करता है। जैसे की Printer से Print निकलने की Command देने पर Operating System सीधा Printer को Data Process करता है, इसके बाद हे प्रिंटर से प्रिंट निकलता है।

4. File Management

File Management करने के लिए ऑपरेटिंग सिस्टम का बहुत ज्यादा महत्त्व है। क्योकिं के फाइल के अंदर बहुत सारी Directories होती है, इससे हम किसी भी Data को बहुत आसानी के साथ ढूढ़ सकते है। जब भी आपको अपनी किसी File को ढूंढ़ना होता है, तो आप उस फाइल का नाम File Explorer में जाकर टाइप कर दीजिये इसके बाद OS आपको उस फाइल की जानकारी दे देता है, और यह भी बता देता है, की वह फाइल किस Folder में रखी हुई है।

5. System Performance

ऑपरेटिंग सिस्टम हमारे कंप्यूटर के Performance को समय समय पर Optimize करता रहता है। यह कितनी देर में एक फाइल को प्रोसेस करता है, यह सभी जानकारी OS के अंदर सेव होती है।

6. Security

Operating System आपके Computer को Unauthenticated Access से बचता है, अगर आप इसके अंदर Password लगा देते है। जब आप अपने कंप्यूटर को On करते है, तो आपसे आपके द्वारा लगाया गया पासवर्ड पूछा जाता है, इसके बाद ही आप कंप्यूटर में कुछ कर पाते है। इसके अलावा अगर आप अपने कंप्यूटर को किसी और को दे देते है, और वह Chrome Browser में आपके Save हुए पासवर्ड को देखने की कोशिश करता है, तो भी उस जगह पर वही पासवर्ड माँगा जाता है, जो आपने अपने OS में लगाया हुआ है।

7. Error या Troubleshooting

कभी कभी हमारे कंप्यूटर में कुछ Error आना शुरू हो जाते है, ऐसे में हमें नहीं पता होता है, की हमें इस Error को ठीक करने के लिए क्या करना चाहिए। कुछ Error तो ऑपरेटिंग सिस्टम Automatically Fix कर देता है। और जो Error Fix नहीं होते है, उनके लिए आपको Troubleshooting का विकल्प प्रदान करता है।

ऑपरेटिंग सिस्टम के प्रकार | Types of Operating System in Hindi

Operating System Kya Hai in Hindi

ऑपरेटिंग सिस्टम का उपयोग कई प्रकार की Technology के लिए किया जाता है, जिसमे Computer, Satellite और कई प्रकार की Industry शामिल है। तो आइये जानते है, Operating System कितने प्रकार के हैं –

  • Batch Operating System
  • Network Operating System
  • Multiprocessor Operating System
  • Real-Time Operating System
  • Disk Operating System
  • Simple Batch Operating System
  • Multiprogramming Operating System
  • Distributed Operating System
  • Time-Sharing Operating System

1. Batch Operating System

शुरुआत में कंप्यूटर आज की तरह नहीं होते थे। उस समय कंप्यूटर की मशीन बहुत बड़ी हुआ करती थी, जो की कंसोल द्वारा चलती थी। इसमें से डाटा को आउटपुट करने के लिए लाइन प्रिंटर, टेप ड्राइव, और पांच कार्ड का उपयोग किया जाता था। इसके अलावा डाटा को इनपुट करने के लिए भी कार्ड रीडर और टेप ड्राइवर का उपयोग किया जाता था। इन सिस्टम के अंदर यूजर का मशीन के साथ किसी भी तरह का इंटरफ़ेस नहीं होता था, इसमें कार्य Execution को एक Batched Systems में किया जाता था।

इस तरह के सिस्टम को Batched Operating Systems कहा जाता था, और यूजर को Execute करने के लिए एक Job तैयार करनी होती है। 1950 से 1960 के दशक में आज की तरह विकसित कंप्यूटर या ऑपरेटिंग सिस्टम नहीं होते थे, इन कंप्यूटर में Secondary Memory Device भी नहीं होते थे। बल्कि इसकी जगह इन ऑपरेटिंग सिस्टम में बड़े मेनफ्रेम कंप्यूटरों का उपयोग करके डाटा को Process किया जाता था, जिसमे डाटा को आउटपुट और इनपुट करने के लिए Magnetic Tape और Punch Card कार्य करते थे।

पहले के सभी सिस्टम में Hard Disk की कमी थी। बैच ऑपरेटिंग सिस्टम सेटअप समय से सम्बंधित समस्याओं को समाप्त करता था। सबसे पहला Batched Operating System जनरल मोटर्स रिसर्च लेबोरेटरीज ने लॉन्च किया था, यह पहला सिंगल-स्ट्रीम बैच प्रोसेसिंग सिस्टम जो की एक समय पर एक कार्य को एक्सेक्यूट कर डाटा को बैचों और ग्रुप्स में भेजता है। 1970 में सबसे ज्यादा लोक्रप्रिय Batched Operating Systems हुआ करते थे।

उस समय लोगो के पास सिर्फ एक ही कंप्यूटर होता था, जिसे मेनफ्रेम के नाम से जाना जाता था। उस समय जो यूजर बैच ऑपरेटिंग सिस्टम का उपयोग करते थे, वह सीधे कंप्यूटर से इंटरैक्ट नहीं कर करते थे। यूजर अपने कार्य को करने के लिए पंच कार्ड का उपयोग करता था। ऑपरेटिंग सिस्टम में स्पीड बढ़ाने के लिए जॉब को ग्रुप में एक्सेक्यूट किया जाता है। प्रोग्राम को ऑपरेटर के पास छोड़ देते है, तो ऑपरेटिंग सिस्टम Automatically सामान आवश्यकताओं वाले प्रोग्रामों को बैचों में Sorted कर देता है।

2. Network Operating System

Network Operating System नेटवर्क में सर्वर का कार्य करता है। Network Operating System उन सभी कंप्यूटर को अपनी सुविधाएँ प्रदान करता है, जो उस कंप्यूटर के साथ एक नेटवर्क द्वारा जुड़े होते है। इसे हम एक साधारण से उदहारण के साथ समझते है। मान लीजिये आपका Network Computer एक Printer के साथ जुड़ा हुआ है, ऐसे में जितने भी कंप्यूटर Printer वाले कंप्यूटर के साथ Network Connection में जुड़े हुए होते है, आप उन सभी कंप्यूटर द्वारा प्रिंट दे सकते है।

Network Operating System द्वारा आप Multiple Computers को एक साथ Communicate कर सकते है। जिसकी सहायता से File Sharing, Printer Sharing और Hardware Devices आदि को कम्यूनिकेट किया जा सकता है। पुराने समय में जब कंप्यूटर की शुरुआत हुई थी उस समय Single Computer Usage और Network Usage के लिए Microsoft Windows और Apple Mac Operating System को नहीं बनाया गया था। लेकिन जैसे जैसे नई तकनिकी आने लगी, उसी तरह से Computer Networks में भी बहुत से सुधार हुए और Operating System में भी कई Update की गयी।

Network Operating System के प्रकार –

Network Operating System मुख्य रूप से दो प्रकार के होते है, P2P जो की कंप्यूटर में इनस्टॉल किये जाते है, और दूसरा Client Server Model जो की इ मशीन के साथ जुड़ा हुआ होता है, इसमें Server और Client Software Install किया जाता है। आइये अब जानते है, विस्तार से Network Operating System in Hindi के प्रकार के बारे में –

P2P Peer to Peer

Peer to Peer नेटवर्क ऑपरेटिंग सिस्टम User को ऐसे सभी Network Resources को Share करने की अनुमति देता है, जो की Common Accessible नेटवर्क लोकेशन में सेव होते है। इस प्रक्रिया में सभी Devices को कार्यक्षमता के आधार पर बराबर Treat करता है। P2P को Setup करना बहुत आसान है, यह सभी तरह के LAN के लिए कार्य करता है।

Client Server

Client Server को टेक्नीकल मेंटेनेंस की ज्यादा आवश्यकता होती है। इसको इनस्टॉल करना बहुत कठिन होता है। इसे इनस्टॉल करने में P2P से ज्यादा खर्चा आता है। इसकी सबसे अच्छी खासियत यह है, की इसको केंद्रीय नियंत्रण किया जा सकता है। इसमें कोई भी बदलाब आसानी से किया जा सकता है। इसके अलावा आप इसके अंदर किसी भी तरह की एडिशनल टेक्नोलॉजी को Add कर सकते है।

3. Multiprocessor Operating System

Multiprocessor Operating System द्वारा हम किसी भी के कंप्यूटर के अंदर दो या दो से अधिक Central Processing Units को चला सकते है। मल्टी प्रोसेसिंग सिस्टम में लगे सभी CPU एक Single Unit में कार्य करते है, जो की एक High Speed वाले Wire के साथ जुड़े होते है, जिन्हे Buses कहा जाता है। इनका मुख्य उद्देश्य कंप्यूटर की Processing Capacity को Increase करना होता है।

Advantages of Multiprocessor Systems 

High Speed Processing

Multiprocessing Operating System कंप्यूटर की स्पीड को बढ़ा देते है। जब एक User अपना कार्य करते समय किसी Multiprocessing Operating System पर होता है, और वह कोई कमांड देता है, तो उसके द्वारा दी गयी कमांड को बहुत ही तेज स्पीड से Process किया जाता है। यह ऑपरेटिंग सिस्टम अधिक से अधिक Data को बहुत कम समय में Process कर देते है।

Reliability

जैसा की आपको पहले ही बताया गया है, की मल्टी प्रोसेसर सिस्टम में दो से अधिक CPU का उपयोग किया जाता है। और एक कंप्यूटर का Brain उसका CPU होता है। अगर CPU ख़राब हो जाता है, तो फिर पूरा System ही बंद हो जाता है। लेकिन अगर आपके पास मल्टी प्रोसेसर सिस्टम है, तो यहाँ पर अगर आपका एक CPU ख़राब भी हो जाता है, तो आपका सिस्टम बंद नहीं होता है, हालाकिं थोड़ी बहुत समस्यां आती है, लेकिन पूरा कार्य आपका बंद नहीं होता है।

Enhanced Throughput

जब एक साथ बहुत सारे प्रोसेसर कार्य करते है, तो ऐसे में सिस्टम का प्रवाह (Throughput) बढ़ जाता है। जिससे की सिस्टम की कार्यक्षमता की गति भी बढ़ जाती है। ऐसे में यूजर द्वारा दी गयी कमांड का Output बहुत जल्दी आता है।

More Economic Systems

अगर आप किसी बड़े कार्य को करने के लिए अलग कंप्यूटर खरीदने के बारे में सोच रहे है, तो इससे बेहतर है, की आपको मल्टी प्रोसेसिंग सिस्टम को खरीदना चाहिए, क्योकिं यह आपके लिए सस्ता पड़ेगा। यहाँ पर आप अपने सभी Data की Storage को एक जगह पर रख सकते है। इसके अलावा आप Power Supplies जैसे संसाधनों को भी एक साथ जोड़ सकते है, जिससे की आपकी बिजली का बिल भी कम आएगा।

4. Real-Time Operating System

Real-Time Operating System सबसे Advance ऑपरेटिंग सिस्टम में आता है, क्योकिं यह कार्य को Real Time में Process करता है। इसका उपयोग Railway Ticket Booking, Satellite और अन्य ऐसी गतिविधियों को करने के लिए किया जाता है, जिसमे Real Time की आवश्यकता होती है। अगर इस तरह के कार्य करते समय सिस्टम एक सेकेंड की भी देरी कर देता है, तो इससे बहुत नुक्सान हो सकता है। Real Time OS दो प्रकार के होते है, जिनमे Hard Real Time और Soft Real Time Operating System शामिल है।

Hard Real Time Operating System अपने कार्य को उसी समय पर समाप्त कर देता है, जिस समय इसे Task दिया जाता है। वही Soft Real Time Operating System अपने कार्य में थोड़ी देरी कर देता है, अगर आप यहाँ पर पहले से कोई Task कर रहे है, और इसी बिच आप इसको दूसरा Task दे देते है, तो यह पहले पहले वाले Task को छोड़कर नये Task को ज्यादा Priority देता है।

5. Disk Operating System

Disk Operating System (DOS) को सबसे पहले IBM कंपनी द्वारा बनाया गया था। मूल रूप से इसके दो Versions बनाये गए थे, जो की एक जैसे थे। लेकिन इन दोनों को अलग अलग नामो से जाना जाता है, IBM द्वारा बनाये गए DOS को PC – DOS और Microsoft द्वारा बनाये गए DOS को MS DOS के नाम से लॉन्च किया गया। प्रय्तेक कंप्यूटर अपने ऑपरेटिंग सिस्टम के अंतर्गत ही कार्य करता है, सभी कंप्यूटर को OS की जरूरत होती है। जो ऑपरेटिंग सिस्टम अपने कार्य के लिए Disk की ममद लेता है, इस प्रकार के सिस्टम को Disk Operating System कहते है।

6. Simple Batch Operating System

Simple Batch Operating System एक सामान्य OS है, इसके अंतर्गत CPU एक समय पर एक ही कार्य करता है। जब यूजर कंप्यूटर में कोई कमांड देता है, तो यह पहले उस कार्य को करता है, जो पहले इसे इसके अंदर Run किये गए है। जब यूजर द्वारा दी गयी दूसरी कमांड को Processing करता है। इस तरह के Processing System को Simple Batch Operating System कहते है।

7. Multiprogramming Operating System

Multiprogramming Operating System और Multiprocessor Operating System आमतौर पर एक जैसे ही होते है। Multiprogramming Operating System में एक समय पर दो या दो से ज्यादा प्रोग्राम को Run किया जा सकता है। मल्टीप्रोग्रामिंग ऑपरेटिंग सिस्टम में जब एक यूजर एक साथ बहुत सारे निर्देशों को देता है, तो ऐसे में कंप्यूटर उसको उच्च गति से सारे आउटपुट को Execution करके देता है, इससे कंप्यूटर के Performance की गुणवत्ता बढ़ती है। इस ऑपरेटिंग सिस्टम में Computer’s Primary Memory या RAM में एक साथ दो से अधिक प्रोग्राम को Run किया जाता है। जिसकी वजह से CPU के पास हमेशा Execution के लिए एक Task होता है, और CPU हमेशा कार्य पर लगा रहता है। जिसकी वजह से CPU का पूरा उपयोग किया जा सकता है।

Multiprogramming Operating System एक Programme से दूसरे Programme पर Central Processing Unit (CPU) बहुत Speed से कार्य करता है, जिसकी वजह से User को ऐसा लगता है, की सारे कार्य एक साथ हो रहे है। हालाकिं ऐसा बिलकुल भी नहीं होता है, यह सभी प्रोग्राम को एक एक करके Execution करता है, बाकि के सभी Task कंप्यूटर के RAM में Waiting पर रहते है। यह सभी कार्य बहुत Speed से होते है, अगर आपके Computer की RAM ज्यादा है, तो उसमे Task को Store करने की क्षमता उतनी ज्यादा होगी, और आपके कंप्यूटर का Performance भी उतना ही बेहतर होगा। इसी लिए जितने भी ऐसे कंप्यूटर होते है, जिनसे ज्यादा कार्य किया जाता है, उसमे ज्यादा RAM और Space का उपयोग किया जाता है।

8. Distributed Operating System

Distributed Operating System एक प्रकार के स्वतंत्र कम्प्यूटरों का Group होता है। इसके अंतर्गत जुड़े हुए सभी कंप्यूटर एक स्थान पर भी हो सकते है, या फिर किसी दूसरे स्थान पर भी हो सकते है। इस तरह के OS को Distributed Computing भी कहते है। इसमें जो कंप्यूटर एक स्थान पर जुड़े हुए होते है, वह Local Area Network (LAN) से जुड़े हुए होते है। और जो कंप्यूटर दूर और अलग अलग स्थानों पर होते है, उन्हें Wide Area Network (WAN) द्वारा कनेक्ट किया जाता है।

यह सभी कंप्यूटर आपस में Connecting के लिए कोआर्डिनेट करने के लिए Message Passing जो की एक प्रकार का कम्युनिकेशन सन्देश होता है, इसका उपयोग करते है। इस तरह से यह सभी एक साथ मिलकर Goal Attainment के लिए कार्य करते है। Distributed System के अंदर कई तरह की Devices जुड़ी होती है, जिनमे Personal Computers, Virtual Interface, Mini Computers, आदि शामिल होते है, लेकिन फिर भी User को अंत में यह एक Computer ही Show होता है।

Distributed System Example : Distributed System को एक उदहारण से समझते है, इंटरनेट पूरी दुनिया में उपयोग किया जाता है, लेकिन इंटरनेट को किसी भी एक Central Computer के द्वारा नहीं चलाया जाता है। बल्कि पुरे विश्व में फैले हुए Multiple Computer Networks की मदद से चलता है। जिसके बाद यह कई Network और Servers की प्रोसेसिंग के बाद यूजर तक आता है। लेकिन इसके पीछे की प्रोसेसिंग को नहीं देखा जा सकता है, यह सभी गतिविधि Distributed System का ही हिस्सा होती है।

9. Time-Sharing Operating System

Time Sharing Operating System के अंतर्गत प्रत्येक कार्य को पूर्ण करने के लिए ऑपरेटिंग सिस्टम द्वारा Task के लिए Time Sharing किया जाता है। जिससे की सभी Task को Completed Correctly किया जा सके। इसके अंदर Single User Task और Multi User Task दोनों हो सकते है। जब भी OS किसी एक Task को पूरा करता है, तो उस टास्क को पूरा करने में जो Time लगता है उसे Quantum कहा जाता है। Time Sharing Operating System के बहुत से Advantages भी होते है। इसके अंतर्गत जितने भी Task होते है, सभी Task को पूरा करने के लिए बराबर समय दिया जाता है। इसमें CPU का टाइम भी बहुत ना के बराबर Idle होता है।

प्रमुख Operating Systems के नाम और जानकारी

अभी तक आपने ऑपरेटिंग सिस्टम की जानकारी (Operating System in Hindi) के बारे में कई महत्वपूर्ण जानकारियों के बारे में जाना। अब जानते है, दुनिया के सबसे ज्यादा Popular ऑपरेटिंग सिस्टम कौन कौन से है। हालाकिं ज्यादातार लोगो ने Windows iOS और Android के बारे में तो जरूर ही सुना होगा, लेकिन इसके अलावा भी और कई Operating System होते है। तो आइये जानते है, सभी OS के बारे में पूरी जानकारी हिंदी में –

1. Windows
2. MacOS
3. Linux
4. ChromeOS
5. Android
6. iOS
7. BlackberryOS
8. Symbian

1. Windows

Windows दुनिया का सबसे Popular और पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा उपयोग किये जाने वाला Personal Computer Operating System है। जिसे आज सभी Computer User उपयोग करते है। Windows के कई Versions है, जिनमे Windows XP, Windows 7, 8, 10 सबसे ज्यादा उपयोग किये जाने वाले Version है। Nokia Mobile के साथ Windows ने अपने OS को साझा किया था। हालाकिं यह ज्यादा Success नहीं रहा था। Microsoft अपनी Windows के करना पूरी दुनिया में लोकप्रिय है। Microsoft के मालिक Bill Gates भी सबसे प्रभावशाली व्यक्तियों में से एक है।

2. MacOS

MacOS विंडोज OS के बाद सबसे ज्यादा उपयोग किये जाने वाला ऑपरेटिंग सिस्टम है। यह Apple का OS है। जो की एप्पल के सभी कंप्यूटर में आता है, जिसमे MacBook, iMac में देखने को मिलता है।

3. Linux

Linux एक Free में उपयोग किये जाना वाला ऑपरेटिंग सिस्टम है। जो की पूरी तरह से Open Source है। इसका किसी भी तरह का कोई सब्सक्रिप्शन नहीं होता है। इसका उपयोग आमतौर पर PC के लिए किया जाता है, लेकिन इसके अलावा Linux को Mobile, Gaming Console और Smart TV भी में Install किया जा सकता है। यह भी बहुत ज्यादा Popular Operating System है। जिसे ज्यादार Super Computer में उपयोग किया जाता है।

Linux एक Free और Open-Source Operating System है। जिसे आप फ्री में इस्तेमाल कर सकते हैं। हालांकि मूल रूप से यह एक PC OS है। लेकिन PC के साथ-साथ यह Mobile, Smart TV, Gaming Console और कई दूसरे Devices में भी इस्तेमाल होता है। इसकी पॉपुलैरिटी का अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं! कि दुनिया के Top-500 Supercomputers में से ज्यादातर सुपर कम्प्यूटर्स Linux OS पर काम करते हैं।

Linux एक बेहतर सुरक्षा भी प्रदान करता है, इसके अंदर किसी भी तरह का Virus नहीं होता है। और ना ही इसमें किसी तरह के Trojans और Virus का Attack किया जा सकता है। जिसकी वजह से इसकी Security इसे अन्य OS की अपेक्षा बेहतर बनाती है। यह बहुत स्मूथ होता है।

4. ChromeOS

ChromeOS एक प्रकार का ऑपरेटिंग सिस्टम है, हालाकिं की कई लोग Chrome का नाम सुनकर क्रोम का नाम सुनकर Chrome Browser के बारे में सोच रहे होंगे। लेकिन आपको बता दें, की ChromeOS गूगल द्वारा बनाया गया एक Operating System है। जिसका उपयोग PC और Mobile में किया जाता है, इसकी मदद से आप अपने PC में Android Apps का उपयोग कर सकते है।

5. Android

Android एक Mobile Operating System है, जिसका उपयोग पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा किया जाता है। Android दुनिया का सबसे बड़ा OS इसलिए भी है, क्योकिं इसके Market Share 71% है। यह OS Linux Kernel पर आधारित है, जो की आमतौर पर Smartphone, Tablet के लिए बनाया गया है। Android कई Version में आ चुका है। निचे आपको All Android Versions List दी गयी है। जिसे आप पढ़ सकते है –

  • Android 1.0
  • Android 1.1
  • Android 1.5 Cupcake
  • Android 1.6 Donut
  • Android 2.0 Eclair
  • Android 2.2 Froyo
  • Android 2.3 Gingerbread
  • Android 3.0 Honeycomb
  • Android 4.0 Ice Cream Sandwich
  • Android 4.1 Jelly Bean
  • Android 4.4 KitKat
  • Android 5.0 Lollipop
  • Android 6.0 Marshmallow
  • Android 7.0 Nougat
  • Android 8.0 Oreo
  • Android 9 Pie
  • Android 10
  • Android 11
  • Android 12

6. iOS

iOS एक ऑपरेटिंग सिस्टम है, जो की Apple के सभी Phone में होता है। यह Android के बाद दूसरा सबसे ज्यादा उपयोग किये जाने वाला और Popular OS है। iOS की फुल फॉर्म iPhone Operating System होती है। यह iPhone, iPad और iPods में उपयोग किया जाता है।

7. BlackberryOS

Blackberry एक Mobile Operating System है, जो की ब्लैकबेरी के सभी स्मार्टफोन में देखने को मिलता है। यह एक समय पर बहुत पॉपुलर OS हुआ करता था। लेकिन वर्तमानस समय में Blackberry Operating System बंद हो गया है। आजकल Android और iOS की ज्यादा डिमांड है।

8. Symbian

Symbian एक समय पर दुनिया का Number 1 Mobile Operating System हुआ करता था। लेकिन जैसे हे Android आया तो Symbian इसको टक्कर नहीं दे पाया जिसकी वजह से यह पूरी तरह से पिछड़ गया है। हालाकिं अगर Symbian भी खुद को समय के अनुसार Update करता तो श्याद हो सकता था, की Android और iOS की तरह आज Symbian भी हमारे Smartphone में देखने को मिल सकता था।

ऑपरेटिंग सिस्टम के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न –

ऑपरेटिंग सिस्टम का दूसरा नाम क्या है?

ऑपरेटिंग सिस्टम एक सिस्टम सॉफ्टवेयर होता है, जिसका दूसरा नाम OS (ओएस) है।

ऑपरेटिंग सिस्टम का मुख्य कार्य क्या है?

ऑपरेटिंग सिस्टम का मुख्य कार्य Computer के Performance को बेहतर बनाना होता है, और कम्यूटर के उपयोग को आसान और सरल बनाना भी OS का ही कार्य होता है।

पहला ऑपरेटिंग सिस्टम कौन सा था?

पहला ऑपरेटिंग सिस्टम Disk Operating System है, जो की सामान्य OS था, इसमें किसी भी तरह का कोई ग्राफ़िक्स नहीं था यह अपना कार्य कमांड लाइन पर करता था।

पहला ऑपरेटिंग सिस्टम कब विकसित किया गया था?

दुनिया का पहला ऑपरेटिंग सिस्टम Macintosh Operating System था, जिसे सर्वप्रथम सन 1984 में लॉन्च किया गया था। जिसके अंदर (Graphical User Interface) GUI का उपयोग किया गया था। जिसे सन 2001 तक Apple के Computer में उपयोग किया गया था, इसके बाद इसे Mac Operating System के नाम से विकसित किया गया था।

Note – यह लेख ऑपरेटिंग सिस्टम क्या है (What is Operating System in Hindi) पर आधारित था। जिसमे आपको ऑपरेटिंग सिस्टम के कार्य और यह कितने प्रकार के होते है, इससे जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारी हिंदी में प्रदान की गयी है। अगर आपका इस लेख से सम्बंधित किसी भी प्रकार का कोई सवाल है, तो आप हमें कमेंट करके बता सकते है। अगर आपको यह लेख अच्छा लगा तो कृपया इस लेख को अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें, धन्यवाद।

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