मार्केटिंग क्या है, और कितने प्रकार की होती है?

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Marketing Kya Hai

मार्केटिंग शब्द सभी लोगो ने सुना है, लेकिन क्या आप जानते है, मार्केटिंग क्या है (Marketing Kya Hai) आज हम इस लेख में मार्केटिंग क्या होता है? इससे जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारियों के बारे में जानेगे। मुझे पूरी उम्मीद है, की अगर आप यह लेख मार्केटिंग क्या है? पूरा पढ़ लेते है, तो आपको इसके बाद किसी भी दूर लेख को पढ़ने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। मार्केटिंग की आवश्यकता हर उस व्यक्ति और बिज़नेस मैन को पड़ती है, जो कुछ सामान बेच रहा हो। लेकिन आज के समय में कई तरह की Marketing Strategy आ चुकी है, जिसकी वजह से लोग अपने Product को बहुत आसानी से Promote कर रहे है। हालाकिं पुराने समय में मार्कटिंग करने का तरीका अलग था।

लोगो को मार्केटिंग की आवश्यकता इसलिए बहुत जरुरी होती है, जिससे की लोग उनके सामान को जान सके। उदहारण के लिए मान लीजिये, एक कंपनी ने कोई नई कार लॉन्च की, तो उसके लिए कार कंपनी को उसकी मार्केटिंग करनी पड़ेगी। जिससे की सभी लोगो को उस कार के बारे में पता चल सके और वह उसको खरीद सके। वर्तमान समय में Marketing Strategy के लिए Internet का उपयोग किया जा रहा है। हालाकिं आज भी कुछ जगह पर मार्कटिंग करने के लिए पुराने तरीको का उपयोग किया जाता है। मार्केटिंग कितने प्रकार की होती है, और यह कैसे की जाती सभी बातो को जाने से पहले आइये जानते है, मार्कटिंग क्या है (Marketing Kya Hai) –

Table of Contents

मार्केटिंग क्या है | What is Marketing in Hindi

मार्केटिंग एक प्रकार की प्रक्रिया होती है। जिसका उपयोग व्यापारी अपने उत्पाद की जागरूकता और बिक्री के लिए करते है। इसके अंतर्गत कई प्रकारी की गतिविधियां आती है। जिसके द्वारा उत्पाद की जानकारी ग्राहक तक पहुंचना आसान हो जाता है। अगर हम Marketing को दूसरे शब्दों में जाने तो इसका अर्थ यह भी है, की यह एक ऐसा तरीका है, जो ग्राहक और उत्पाद के बिच एक समबन्ध बनाता है, जिससे की ग्राहक Product के बारे में अच्छी तरह से जान सके।

मार्केटिंग का मबलब क्या होता है (Meaning of Marketing in Hindi)

Marketing का हिंदी अर्थ “विपणन” होता है, इसके अंतर्गत मार्केटिंग मिक्स उत्पाद, मूल्य, स्थान, प्रोत्साहन की योजना बनाई जाती है, जिन्हे मार्केटिंग की भाषा में 4PS कहते है। एक प्रोडक्ट को बनाने के बाद उसकी जागरूकता करने के लिए मार्कटिंग की योजना बनाई जाती है। जिससे ग्राहक का ध्यान प्रोडक्ट पर केंद्रित किया जा सकें।

मार्केटिंग की विशेषताएं | Features of Marketing in Hindi

  • मार्केटिंग एक मानव द्वारा किसी कंपनी के लिए किया गया कार्य है। हालाकिं आज के समय में मार्केटिंग के लिए बहुत सारे Tools आ गए है। लेकिन इन सभी का उपयोग भी मानव द्वारा ही किया जाता है। जिसे ध्यान में रखते हुए हम इसे मानवीय कार्य के अंतर्गत ही रखते है।
  • मार्केटिंग को सामाजिक – अधिक कार्य भी किया जाता है। इसको सामाजिक क्रिया इसलिए कहते है, क्योकिं यह समझ के भीतर रहकर ही किया जाता है, इसे दूसरे शब्दों में आर्थिक क्रिया इसलिए कहते है, क्योकिं मार्कटिंग फायदें के लिए की जाती है।
  • मार्केटिंग बिना Exchange के संभव नहीं है, इसीलिए Exchange को मार्केटिंग का आधार माना गया है। मार्कटिंग के अंतर्गत एक कीमत में वास्तु या सर्विस का आदान प्रदान किया जाता है।
  • मार्केटिंग एक ऐसा कार्य है, जो कभी भी बंद नहीं होता है। हालाकिं मार्केटिंग करने के तरीके बदलते है, लेकिन मार्कटिंग नहीं बदलती है। जो कंपनियां अपने ग्राहक के हित में कार्य करती है, उनके प्रोडक्ट ग्राहक ज्यादा खरीदते है।

मार्केटिंग मिक्स (Marketing Mix 7ps)

मार्केटिंग मिक्स के अंतर्गत 4Ps का मुख्तार पर जिक्र किया जाता है। जिसमे प्रोडक्ट, प्राइस, प्लेस और प्रमोशन शामिल है। लेकिन समय के अनुसार जैसे जैसे मार्कटिंग की रणनीति बढ़ी है, इसमें और भी कई P को जोड़ा गया है। जिसमे वर्तमान समय में 11-12 P तक शमिल है। लेकिन जो मार्केटिंग मिक्स के मुख्य P है, वह 7 P है, जिन्हे सभी लोग जानने की इक्छा रखते है। आइये जानते है, Marketing Mix क्या है –

1. प्रोडक्ट (Product, 1st, P of Marketing)

Marketing Mix का 1st P का मतलब Product होता है। मार्कटिंग करने के लिए आपके प्रोडक्ट का उच्च होना बहुत आवश्यक है। आपके प्रोडक्ट की जितनी अच्छी गुणवत्ता होगी, वह उतना ज्यादा ही ग्राहकों को पसंद आएगा। आपका प्रोडक्ट ग्राहकों की जरूरतों को पूरा करने वाला होना चाहिए।

2. प्लेस (Place)

जिस प्रोडक्ट को व्यवसायी बनाकर उसे बेचना चाहते है, वह प्रोडक्ट बाजार में आसानी से उपलब्ध हो सके। इसके लिए अपने प्रोडक्ट को शहर की सभी दुकानों और ऑनलाइन स्टोर आदि पर देना चाहिए। जिससे की सही ग्राहकों की पहुंच प्रोडक्ट तक हो सके।

3. प्राइस (Price)

आपको अपने प्रोडक्ट का प्राइस इस तरह का रखना चाहिए, जिससे की ग्राहक को किसी भी तरह का कोई नुक्सान ना हो। और सभी ग्राहक आपके प्रोडक्ट को आसानी से खरीद सके। हालाकिं अगर आपके प्रोडक्ट की गुणवत्ता अच्छी है, तो आप उसका Price बढ़ा भी सकते है। अगर आपके प्रोडक्ट उच्च गुणवत्ता वाले होंगे तो ग्राहक आपके प्रोडक्ट को खरीद कर खुश होंगे।

4. प्रमोशन (Promotion, 5 P, of Marketing)

आपको अपने Product को बनाने के बाद उसके लिए उसका Promotion करना बहुत जरुरी है। जिससे की आपको एक सही Audience मिल सके। Promotion के लिए वर्तमान समय में कई तरह के Advertising Tools है, जिनके द्वारा आप Internet पर अपने Product का Promotion कर सकते है।

5. पीपुल (लोग) (People)

इस Marketing Mix में कंपनी के Employee का ख्याल रखा जाता है। क्योकिं कंपनी के Employee ही ग्राहकों तक Product और Services पहुंचाते है। इसलिए कंपनी की पूरी जिम्मेदारी होती है, की वह अच्छे और पढ़े लिखे कर्मचारियों की नियुक्ति करें। जिससे की ग्राहकों तक अच्छी Services पहुंच सके।

6. प्रोसेस (Process)

Product Price Place और Promotion के बाद आता है, Process यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा है। जब आपको अपने Business को अच्छी तरह से एक Verify Structured के साथ Process करना चाहिए। जिससे की किसी भी प्रकार की गलती ना हो। Business से अधिक लाभ लेने के लिए आपको Process पर पूरा ध्यान देना चाहिए, और इसमें किसी भी तरह की गलती की कोई बर्दाश्त नहीं होनी चाहिए।

7. फिजिकल एविडेंस (Physical Evidence)

किसी भी Services प्रदान करने वाली इंडस्ट्रीज में Physical Proof होना बहुत जरुरी होता है। जिससे की आपकी एक अलग ब्रांडिंग हो सके। उदहारण के लिए जब हमारे मन में मसलों का नाम आता है, तो इसका सबसे पहले ब्रांड MDH Masale आता है, वही अगर हम Toothpaste की बात करें, तो हमारे मन में Colgate का नाम आता है। यह एक तरह की Brand Value होती है। जिसके लिए आपको भौतिक प्रमाण की आवश्यकता होती है।

मार्केटिंग के प्रकार (Types of Marketing in Hindi)

Types of Marketing in Hindi

मार्केटिंग कितने प्रकार की होती है (Types Of Marketing) अगर हम इसके बारे में बात करें, तो मार्केटिंग Business के आधार पर ऑफलाइन मार्केटिंग और ऑन लाइन मार्केटिंग दो प्रकार की होती है, Online Marketing के अंतर्गत Digital Marketing आदि आती है। तो आइये जानते है, मार्केटिंग के सभी तरह के प्रकार के बारे में –

Types of Marketing in Hindi

  • Account-based Marketing
  • Acquisition Marketing
  • Advertising
  • Affiliate Marketing
  • B2b
  • B2c
  • Behavioral Marketing
  • Brand Marketing
  • Cause Marketing
  • Content Marketing
  • Conversational Marketing
  • Digital Marketing
  • Email Marketing
  • Emotional Marketing
  • Event Marketing
  • Global Marketing
  • Guerilla Marketing
  • Inbound Marketing
  • Influencer Marketing
  • Mobile Marketing
  • Neuromarketing
  • Nostalgia Marketing
  • Organic Marketing
  • Outbound Marketing
  • Outreach Marketing
  • Partnership Marketing
  • Product Marketing
  • Public Relations
  • Referral Marketing
  • Relationship Marketing
  • Retention Marketing
  • Search Engine Marketing
  • Seasonal Marketing
  • Social Media Marketing
  • Stealth Marketing
  • Telemarketing
  • User-Generated Marketing
  • Video Marketing
  • Voice Marketing
  • Word of Mouth Marketing

1. Account-based Marketing

Account-based Marketing जिसे ABM भी कहा जाता है। Account-based Marketing के अंतर्गत एक ख़ास अकाउंट में कंपनी को टारगेट करने के लिए व्यक्तिगत सन्देश या प्रोडक्ट से सम्बंधित कुछ Advertising Campaign भेजे जाते है, जिससे की बिक्री होती है। यह नई Lead लाने के लिए उपयोग किया जाता है। Account-based Marketing का उपयोग आमतौर पर B2B Business के लिए किया जाता है, जिसमे Pharma Company कुछ अस्पतालों को लक्षित करती है।

2. Acquisition Marketing

Acquisition Marketing जैसा की इसके नाम से पता चलता है, की यहाँ पर हम नई ग्राहकों को बनाने की बात कर रहे है। Acquisition Marketing के अंतर्गत SEO, Blog Content, Landing Page, Social Media और Google Advertisement शामिल है। जो भी नए ग्राहकों को Lead में Convert करने में सहायक होता है, उसे Acquisition Marketing कहते है। Acquisition Marketing के अंतर्गत इस तरह का Content बनाया जाता है, जिससे की ग्राहक सामग्री पर क्लिक करने के लिए मजबूर हो जाए।

3. Advertising

Advertising Marketing एक ऐसी शाखा है, जो की किसी भी Business या Product को दुनिया के सामने प्रस्तुत करने के लिए Advertising Campaigns का Use करती है। इसके अंतर्गत Advertising Campaigns को कई तरह से चलाया जाता है, जिसमे PPC (Pay Per Click), Social Media Advertising, TV, Radio, और कई पारम्परिक तरीके शामिल है। सोशल मीडिया मार्केटिंग के लिए सही प्लेफॉर्म चुनना बहुत जरुरी है, उदहारण के लिए Instagram Advertising के दौरान आप ज्यादातर युवाओं को टारगेट करते है, इसी तरह से आप Twitter को भी चुन सकते है। इसके अलावा Advertising में Banner Marketing भी की जाती है, जिसके दौरान सड़क के किनारों पर बड़े बड़े बोर्ड लगाए जाते है।

4. Affiliate Marketing

आप अपने प्रोडक्ट के Associated Content को अन्य लोगो के साथ साझा करने के लिए भी ग्राहक को भुगतान कर सकते है, इस प्रक्रिया को Affiliate Marketing के रूप में जाना जाता है। Affiliate Marketing मुख्य रूप से दो लोग होते है, एक मर्चेंट और दूसरा एफिलिएट। Affiliate Marketer प्रोडक्ट और सर्विसेज को बढ़ावा देता है, और जब उस प्रोडक्ट या सर्विस को कोई खरदता है, तो बदले में उसका कुछ कमिशन Affiliate Marketer को मिलता है।

Affiliate Marketing के लिए आप अपने प्रोडक्ट का एक Affiliate Link प्रदान करते है, जिसे YouTube वीडियो, Blog Post या Instagram Profile की Bio में लगाकर Promote किया जा सकता है। इसके बारे में पूरा जानने के लिए यह लेख पूरा पढ़े – Affiliate Marketing क्या है

5. B2B (Business To Business)

B2B Marketing का फुल फॉर्म Business To Business मार्केटिंग होता है। इसके अंतर्गत एक बिज़नेस दूसरे बिज़नेस को सर्विसेज बेचता है। यह मुख्यतौर पर Industry या कंपनी पर आधारित होता है। B2B Sales Cycle बड़ा होता है, क्योकिं इसमें Product और Services को खरीदने से पहले Product का Demo और Sales Development आदि शुरू किया जाता है। B2B मार्कटिंग Digital रूप से Industry-specific Conventions के माध्यम से की जाती है। इसमें Professional Audience को Target करने के लिए Linkedin के Job Title Database का उपयोग किया जाता है।

6. B2C (Business To Customers)

B2C (Business To Customers) मार्केटिंग के अंतर्गत Individual Consumer को टारगेट किया जाता है। ज्यादातर बिज़नेस B2C मार्केटिंग पर ध्यान देते है, ऐसा इसलिए है, क्योकिं B2C मार्केटिंग एक छोटा Sales Cycle होता है। यहाँ पर खरीदारी तुरंत हो जाती है। B2C मार्केटिंग के लिए अपने प्रोडक्ट और सर्विसेज को हमेशा अपडेट करते रहना चाहिए। B2C Marketing के लिए Social Media मार्केटिंग रणनीति एक बेहतर विकल्प है। जहाँ पर टारगेट ग्राहकों को अपने Product को दिखाया जा सकता है।

7. Behavioral Marketing

Behavioral Marketing के अंतर्गत Audience का व्यवहार बारीकी से जाँचा जाता है। जिसमे Audience इंटरनेट पर क्या सर्च कर रही है, उसे किस तरह के कंटेंट मैं रूचि है, और भी बहुत सी ऑनलाइन गतिविधियों के आधार पर Behavioral Marketing की जाती है। Audience Behavior को समझने के लिए वेबसाइट पर कई तरह के Tools का उपयोग किया जाता है। जिनके आधार पर Advertising Campaign तैयार किया जाता है।

8. Brand Marketing

Brand Marketing का लक्ष्य Sales से नहीं होता है। यहाँ पर Brand Value बढ़ने के लिए Advertising Campaign चलाये जाते है। जो की Business को पहचान दिलाने में मदद करता है। इसके अंतर्गत Business का Logo और Website होना बहुत अनिवार्य है। जब आपके Brand की मार्केटिंग में Awareness हो जाती है, तो इसके बाद आप अपने ग्राहकों के लिए Marketing रीसर्च करके उनकी रूचि और जरूरतों को आसानी से जान सकते है।

9. Cause Marketing

Cause Marketing एक Non Profitable शुरुआत है, जिसमे बिज़नेस Corporate और सामाजिक जिम्मेदारियों को दर्शाता है। इसका मुख्य उद्देश्य होता है, बिज़नेस ग्रुप को उन ग्राहकों या व्यक्तियों के साथ समबन्ध बनाना जो की आपके मूल्य और उत्पाद का समर्थन करते है। Cause Marketing के अंतर्गत कंपनियां अपनी पर्यावरण के अनुकूल प्रथाओं का प्रदर्शन करती हैं। इसे शुरू करने के लिए Local Organization के साथ भागीदारी करनी पड़ती है, जिसमे बिक्री का एक निश्चित कमिशन Local Organization को देना होता है।

10. Content Marketing

जब भी हम Google में कुछ Business से सम्बंधित कुछ Search करते है, तो हमारे सामने सबसे ज्यादा रिजल्ट कंपनी ब्लॉग के आते है। लेकिन सभी कंपनियां ब्लॉग क्यों बनाती है? इस बात से ब्लॉगिंग और कंटेंट मार्कटिंग क्या लेना देना है। आपको बता दें, की कंटेंट मार्केटिंग में ब्लॉग्गिंग की बहुत बड़ी अहम् भूमिका है। Blogging कंटेंट मार्केटिंग करने की एक सबसे अच्छी Marketing Strategy है। इसके अंतर्गत ब्लॉग पोस्ट लिखने के अलावा सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखना, E-Book लिखना, वीडियो कंटेंट बनाना आदि चीजे आती है। कंटेंट मार्केटिंग के बारे में सभी जानकारी जानने के लिए यह लेख पूरा पढ़ने – Content Marketing क्या है

11. Conversational Marketing

Conversational Marketing एक बिज़नेस के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। Conversational Marketing ब्रांड को अपने ग्राहकों के साथ आसानी से बातचीत करने की अनुमति प्रदान करता है। क्योकिं कई ऐसे ग्राहक होते है, जिन्हे आपके बिज़नेस से जुड़े कुछ प्रश्नो के उत्तर की आवश्यकता तत्काल होती है। Conversational Marketing तुरंत समाधान का एक जरिया है, वास्तव में लगभग 73% ग्राहक लाइव चैट और कॉल पर बातचीत करने को संचार का सबसे अच्छा रूप मानते है।

उदहारण के लिए अगर हम GoDaddy से कोई Domain Name खरीदते है, और अगर उसमे हमें किसी भी तरह की कोई समस्या आती है, तो हम तुरंत कॉल लगाकर उसका समाधान ले लेते है। वही अगर हम डोमेन या Hosting में आयी किसी समस्या का समाधान Email के जरिये लेते है, तो उसमे थोड़ा समय लग जाता है। एक बिज़नेस की वेबसाइट पर एक Live Chat का विकल्प जुरूर होना चाहिए। Conversational Marketing ग्राहक को अपने साथ जोड़ने का एक शानदार तरीका है।

12. Digital Marketing

डिजिटल मार्केटिंग के अंतर्गत कई तरह की Digital Marketing Strategy आती है। यह एक Comprehensive शब्द है, जिसके अंदर मार्केटिंग शामिल है, जिसमे डिजिटल तकनीक का उपयोग करके बिज़नेस को Promote किया जाता है। Digital Marketing Strategy के अंतर्गत ग्राहकों को नई नए तरीके से टारगेट किया जाता है। डिजिटल मार्केटिंग के बारे में विस्तार से जाने के लिए आप यह लेख पूरा पढ़ें – Digital Marketing क्या है

13. Email Marketing

81% छोटे बिज़नेस में Email Marketing का उपयोग एक लाभ के लिए किया जाता है, जबकि 80% बिज़नेस ईमेल मार्केटिंग का उपयोग ग्राहक Retention के लिए करते है। ईमेल मार्केटिंग के अंतर्गत Business में Sales बढ़ाना संभव है। क्योकिं यह सीधे ग्राहकों तक पहुँचता है, इसलिए Email Marketing का Return भी अच्छा होता है। Email Marketing में प्रत्येक $1 के लिए, औसत ROI $36 है। एक बिज़नेस अपने ग्राहकों को किसी भी तरह के ईमेल सेंड कर सकता है। जैसे Informative Newsletters, New Product Releases, Sales Announcements and Shopping Cart Reminders आदि। इसके बेहतर Performance के लिए आप अपनी वेबसाइट के लीड फॉर्म को भी ईमेल में जोड़ सकते है।

14. Emotional Marketing

Emotional Marketing के अंतर्गत ब्रांड कुछ भावनात्मक विज्ञापन का उपयोग करते है, जो की लोगो को Product खरीदने के लिए सहायक होते है, या फिर लोगो की ब्रांड के साथ Attachment बढ़ती है। Emotional Marketing को प्रभावी तरीके से करने के लिए भावनाओ पर ध्यान केंद्रित किया जाता है। कुछ ऐसे विज्ञापन बनाये जाते है, जिसमे ख़ुशी, दुःख, क्रोध, या घृणा आदि कुछ भी हो सकता है। जैसे की हम Cadbury Dairy Milk के विज्ञापन के बारे में बात करें, तो यहाँ पर खुशियों को भावनात्मक रूप से जोड़ा गया है, हर कुछ में कुछ मीठा हो जाए का उपयोग किया जाता है। जो की लोगो को अपनी और आकर्षित करता है।

15. Event Marketing

Event Marketing का उपयोग Business Lasting Relationship बनाने और Target Audience के अनुभव को यादगार बनाने के लिए किया जाता है। Event Idea सम्मेलनों या Online Event से लेकर Product-Forward Workshops तक कही भी हो सकते है। Event Marketing का सबसे प्रभावशाली परिणाम वह होता है, जब आप लोगो के साथ जुड़कर उनके साथ कुछ भावनाएं छोड़ते है।

16. Global Marketing

वर्तमान समय में Online Business बहुत तेजी से बढ़ा है, हालाकिं कई लोग आज भी Localization Marketing की और रुख रखते है। Global Marketing से आप अपने प्रोडक्ट से सम्बंधित संदेशो को विश्वभर में पंहुचा सकते है। Global Audience के कल्चर को समझते हुए आप उन्हें ककुछ Pictures और शब्दों की मदद से अपने प्रोडक्ट को Friendly बना सकते है। उदहारण के लिए कुछ बड़े ब्रांड ऐसे भी होते है, जो अलग अलग देशो के लिए अलग अलग Domain नाम के साथ उसी देश की स्थानीय भाषा के साथ Website लॉन्च करके वहां पर अपने Product का प्रमोशन करते है।

17. Guerilla Marketing

Guerilla Marketing के अंतर्गत ज्यादातर विज्ञापन की तकनीक डिजिटल मार्केटिंग के Various Forms को बनाती है। Guerilla Marketing एक दुर्लभ प्रकार की Modern Marketing Strategy है। जिसमे आपको कुछ Offline विज्ञापन भी करे जरुरी है। गुरिल्ला मार्केटिंग सेल्स को बढ़ाने और ब्रांड की Awareness को बढ़ाने का एक अच्छा तरीका है। इसके अंतर्गत सार्वजानिक स्ट्रीट के साथ ब्रांड की एक बड़ी आर्ट को बनाने से लेकर Physical Locations पर पॉप अप आर्ट बनाए तक बहुत कुछ शामिल है। आप Google में Guerilla Marketing Example लिखकर सर्च कर सकते है, जिससे की आपको Guerilla Marketing के बारे में अच्छी तरह से समझ में आ जायेगा, की यह किस तरह से ग्राहकों को अपनी और आकर्षित करती है।

18. Inbound Marketing

Inbound Marketing एक ऐसा शब्द है, जिसमे लगभग सभी तरह की मार्केटिंग शामिल होती है। आप एक Inbound Marketer के रूप में अपने Consumers को Helpful Resources and Tips प्रदान करेंगे, जो की आपके Product और उसकी समस्यां को समाधान होगा। इसके लिए आप बेहतर ब्लॉग कंटेंट, ईमेल और लाइव चैट के माध्यम से भी अपने ग्राहकों के साथ जुड़ सकते है। साथ जब आपके किसी प्रोडक्ट की बिक्री होती है, तो उसके बाद आपको समर्थन देने पर भी ध्यान देना चाहिए।

19. Influencer Marketing

Influencer Marketing 2019 के बाद से बहुत तेजी से बढ़ी है, 2021 की एक रिपोर्ट के अनुसार Influencer Marketing 13.8 बिलियन अमेरिकी डॉलर की थी। Influencer Marketing एक प्रभावशाली तरीका है, बिज़नेस को प्रमोट और Product की बिक्री बढ़ाने का, इस मार्केटिंग के लिए Instagram और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म का उपयोग किया जाता है। एक ऐसा Influencer जिसके पास पहले से ही बहुत सारे Followers है, और वह अपने क्षेत्र में Expert है, तो उसके साथ हम अपने प्रोडक्ट या ब्रांड की मार्केटिंग कर सकते है। इससे आपके ब्रांड को तुरंत विश्वसनीयता हासिल हो जाती है। हालाकिं जिसके जितने ज्यादा Followers होते है, वह आपसे उतने ज्यादा पैसे मांगते है, Product को प्रमोट करने के।

20. Mobile Marketing

Digital Strategy का एक बहुत बड़ा मुख्य हिस्सा Mobile Marketing है, जब से Smartphone User की संख्या बढ़ी है, तब स मोबाइल मार्केटिंग का विस्तार बहुत तेजी से हुआ है। अगर आप एक Smartphone का Use करते है, तो आपको जरूर पता होगा, की आपके पास तरह तरह के Brand से सम्बंधित SMS आते रहते है। इसके अलावा QR Code और Push Notification भी Mobile Marketing का ही हिस्सा है।

21. Neuromarketing

Neuromarketing मार्केटिंग का एक बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस मार्केटिंग के अंतर्गत न्यूरोसाइकोलॉजी रिसर्च आती है। जिसके द्वारा एक न्यूरोसाइकोलॉजी मार्केटर ग्राहक के Mind को Analysis करके यह पता लगाते है, की वह प्रोडक्ट से खुश है, हालाकिं ग्राहक इस बात को मौखिक रूप से व्यक्त नहीं करता है। लेकिन एक Neuromarketer इस बात का पता आसानी से लगा लेता है। किसी भी ब्रांड को बनाने से पहले उसकी Neuromarketing टेस्ट की जाती है।

22. Nostalgia Marketing

Nostalgia Marketing ब्रांड के लिए एक ख़ुशी की भावना उत्पन्न करती है। यह व्यक्ति की पुरानी यादो को ताजा करती है। उदहारण के लिए Coca Cola की कांच की बोतल, जो की पुरानी यादो को ताजा करती है। इस तरह की Marketing Strategy में आपको पुराने स्कूलों को दर्शन चाहिए, जिससे की दर्शको के बिच में बचपन की यादे ताजा हो जाएँ, आपको एक बात का हमेशा ध्यान रखना चाहिए, आप जो भी कर रहे है, वह कही ना कही आपके ब्रांड या Product से मिलता जुलता होना चाहिए।

23. Organic Marketing

Organic Marketing में आमतौर पर किसी भी तरह के Paid Advertising नहीं चलाये जाते है। आर्गेनिक मार्केटिंग में Social Media और Search Engine Optimization (SEO) का Use किया जाता है। इस मार्केटिंग Strategy में आपको Search Engine के लिए अच्छे ब्लॉग पोस्ट लिखने होते है, जब वह सर्च इंजन में रिजल्ट पेज पर आते है, तो आपके पास आर्गेनिक रूप से ग्राहक सर्च करके आपके Product या ब्रांड तक पहुंचते है।

24. Outbound Marketing

Outbound Marketing के अंतर्गत ग्राहकों को Systematic तरीके से आकर्षक ना करके उनके पीछे पढ़कर उन्हें आकर्षक करना शामिल होता है। हालाकिं आज Google Adwords और अन्य Social Media Paid Marketing की वजह से यह चीजे बदल चुकी है। लेकिन कुछ समय पहले यह एक सामान्य बात थी, जब ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए टीवी पर विज्ञापन दिखाए जाते थे, Print Banner लगवाए जाते थे, हालाकिं यह प्रचलन आज भी है, लेकिन बहुत कम है। लेकिन आज के समय में डिजिटल मार्केटिंग की वजह से Outbound Marketing के लिए Email Marketing का उपयोग किया जा रहा है।

जहाँ पर कंपनियां ग्राहकों की एक बड़ी सूचि में अपने Advertising Campaign को एक क्लिक में हजारो ग्राहकों को एक साथ भेज देती है। Outbound Marketing की वजह से कई बार ब्रांड को कुछ शिकायतों का सामना भी करना पड़ जाता है, क्योकिं कई बार इसमें ऐसे लोग भी शामिल होते है, जिन्हे आपके Product में रूचि नहीं होती है, और उनके पास भी आपका Email पहुंच जाता है। आपको आउटबाउंड मार्केटिंग के दौरान Key Performance Indicator (KPI) पर ध्यान देना चाहिए।

25. Outreach Marketing

Outreach Marketing के अंतर्गत ऐसे लोगो के साथ Collaborate करना शामिल है, जो की आपके ब्रांड ग्राहकों की राय को समझ सकते है। इसके अंतर्गत सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर, ब्लॉगर, यूट्यूबर और पत्रकार सही कुछ बिज़नेस भी शामिल है। इन लोगो के साथ Collaborate करने का सीधा Target Social Media और अन्य प्लेटफार्म पर अपने ब्रांड के बारे में Awareness फैलाना है। जो आपके ब्रांड को Strong करता है, और आपको एक्सपोज़र देने में मदद करता है।

कई बड़ी कंपनियां Outreach Marketing का उपयोग बड़ी दूसरी वेबसाइट से Backlink लेने के लिए भी करती है। जिससे की वेबसाइट के SEO में मदद मिलती है। साथ ही आपकी वेबसाइट पर अच्छा ट्रैफिक भी आता है। आपको किसी भी वेबसाइट से बिना सोचे समझे बैकलिंक नहीं लेना है, अगर कोई वेबसाइट ज्यादा Spam वाली है, तो ऐसी जहा पर आपको Outreach मार्केटिंग नहीं करनी चाहिए, इससे आपको Search Engine द्वारा Spam भी किया जा सकता है।

26. Partnership Marketing

Partnership Marketing उस समय की जाती है, जब दो Business एक दूसरे के लिए लाभ प्रदान करते है। इससे ब्रांड की जागरूकता बढ़ती है, और बिज़नेस में नई ग्राहक मिलते है। उदहारण के लिए Domino’s Pizza और Coca Cola यह एक तरह की Partnership Marketing करते है।

27. Product Marketing

Product Marketing करने का मतलब प्रोडक्ट की अच्छी तस्वीरों को वेबसाइट पर डालना नहीं होता है। इसके अलावा भी इसके अंतर्गत और बहुत सारी चीजों का ख्याल रखना पड़ता है। प्रोडक्ट मार्केटिंग में आपको Segmentation, Targeting and Personality के माध्यम से सही ग्राहक बनाने में मदद मिलती है। इसके अंतर्गत आपको KPI पर पूरा ध्यान रखना चाहिए। इसके लिए कई बड़ी बड़ी कंपनियां जो सॉफ्टवेयर या अन्य SEO Tools आदि प्रदान कराती है, वह अपने Product का Demo Sign-Up प्रदान करती है, जिससे की वह ग्रहाक की समस्यां को समझ सके। अगर उनके टूल्स में किसी भी तरह की कोई समस्यां नहीं होती है, तो उनका डेमो Lead में कन्वर्ट हो जाती है।

28. Public Relations

Public Relations Marketing एक ऐसी Strategy है, जिसके अंतगर्त आपको Media के माध्यम से अपने Business को बढ़ाने में मदद मिलती है। उदहारण के लिए – जब भी आप आने Business से सम्बंधित कोई पुरुस्कार लेते है, तो आप इससे सम्बंधित न्यूज़ को किसी न्यूज़ चैनल या वेबसाइट पर Press Relese के माध्यम से लिखवा सकते है। या फिर आप अपने Business का कुछ Profit किसी धर्मार्थ योगदान के लिए दे सकते है, और इस Story को आप किसी News में प्रकाशित करने के लिए उत्साहित कर सकते है। इससे आपकी कंपनी की धारणा जनता के बीच में अच्छी होती है। और आप एक Industry Leader के रूप में लोगो के सामने आते है। इस तरह की Strategy को Public Relations Marketing Strategy कहते है।

29. Referral Marketing

Referral Marketing Strategy एक बहुत ही अच्छी Strategy है। इसके अंतर्गत Business को इस तरह से Programe किया जाता है, की वह Automations की तरह कार्य करता है। यहाँ पर आपके Product को एक दोस्त अपने दूसरे दोस्त को Referaal के लिए प्रोत्साहित करता है, जब वह Referral किये गए Product को खरीद लेता है, तो इस पर दोनों को छूट मिलती है।

उदहारण के लिए – जैसे शुरुआत में Google Pay ने अपना Referral प्रोग्राम शुरू क्या था। जब कोई भी Google Pay को अपने किसी दोस्त या परिवार में Referral करता था, तो दोनों को 50 Rs मिलते थे। अगर आपके Business में ऐसा कोई भी Product है, जिसे आप Referral के साथ जोड़ सकते है, तो इससे आपको लाभ मिल सकता है। जिससे आपके ग्राहकों की संख्या बढ़ने लगेगी।

30. Relationship Marketing

Relationship Marketing के अंतर्गत मुख्य उद्देश्य ग्राहक से Long Relationship बनाना होता है। जिसके अंतर्गत आप अपने ग्राहकों को उच्च गुणवत्ता वाले प्रोडक्ट प्रदान करते है। उनके साथ सोशल मीडिया पर जुड़कर लाइव चैट करके प्रोडक्ट से जुड़ी सभी समस्याओं का समाधान करते है। वास्तव में ग्राहक के साथ Strong Relationship बनाना नहीं है, बल्कि जब ग्राहक पहली खरीदारी कर लेता है, उसके बाद भी उसके साथ अच्छा व्यावहवार करना है। यह एक लॉयल्टी कार्यक्रम की तरह कार्य करता है। ऐसे में आपके ग्राहक आपके साथ लॉयल होते है। और आपके साथ आजीवन जुड़ सकते है।

31. Retention Marketing

Acquisition Marketing के अंतर्गत नये ग्राहकों के साथ जुड़ना है। इसके अंतर्गत SEO, Top-Funnel Blog Content, Landing Pages and Social Media or Google Ads आदि Strategy आती है। जिसके द्वारा आप सीधे Lead Generation को टारगेट कर सकते है। Acquisition Marketing के तहत आपको कुछ इस तरह के Content पर ध्यान देना चाहिए, जो की सीधे Target Audience को Click करने पर मजबूरत कर दें। यह Call to Action (CTA) की एक प्रभावशली Strategy है।

32. Search Engine Marketing

Search Engine Marketing (SEM) के अंतर्गत सभी ऐसी Marketing Strategy शामिल है, जो की Promotion के रूप में कार्य करती है, यह Google और अन्य सभी सर्च इंजन में उपयोग की जाती है। Search Engine Marketing (SEM) का मुख्य टारगेट आपके Business को सर्च इंजन के Search Engine Result Pages (SERPs) पर लाना होता है, जिससे की ग्राहक आपके Business के साथ जुड़ने लगते है। और आदर्श रूप से Click करके आपकी Website पर आते है।

सर्च इंजन मार्केटिंग मुख्य रूप से दो प्रकार से की जाती है, Search Engine Optimization (SEO) and Pay-Per-Click Advertising (PPC) दोनों के बीच में यह अंतर है, की SEO आर्गेनिक होता है, इसके आपको किसी भी तरह का कोई शुल्क नहीं देना पड़ता है, लेकिन वही PPC में आपको Google के द्वारा Advertisement चलाने होते है, जिसमे आपको शुल्क देना पड़ता है। SEO करने के लिए आपको सबसे पहले SEO के बारे में सीखना बहुत जरुरी है, इसके बाद आप SEO कर सकते है। SEO के बारे में सभी जानकारी विस्तार से जानने के लिए यह लेख पूरा पढ़ने – SEO क्या है

33. Seasonal Marketing

Seasonal Marketing आपके बिज़नेस के लिए बहुत ही उपयोगी है, इसके अंतर्गत आपको साल के कुछ फेस्टिवल अवकाश के दौरान कुछ ऑफर प्रदान करने होते है। जैसे की वैलेंटाइन डे, क्रिसमस, ब्लैक फ्राइडे, आदि। कई ब्रांड इन अवकाशों पर तरह तरह की मार्कटिंग रणनीति अपनाते है।

34. Social Media Marketing

कुछ डिजिटल मार्कटिंग एक्सपर्ट्स का सीए मानना है, की Social Media मार्केटिंग Content Marketing की ही एक शाखा है। हालाकिं सोशल मीडिया मार्केटिंग एक महत्वपूर्ण मार्कटिंग रणनीति है, बहुत से ग्राहक आपके ब्रांड में उस समय रूचि लेते है, जब वह आपके विज्ञापन को Instagram या अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर विज्ञापन देखते है।

Valuable Marketing Strategy के अंतर्गत Facebook Marketing, Instagram Marketing, Twittwer Marketing, Linkdin Marketing, और YouTube आदि आते है। कई कंपनियां अपने प्रोडक्ट के आधार पर सोशल मीडिया प्लेटफार्म का चुनाव करती है। अगर किसी कंपनी को कोई Tools या अन्य Product Sell करना होता है, तो वह आमतौर पर सबसे ज्यादा Linkedin का उपयोग करते है, वही अगर कोई अपने Restorent या भोजन, डिस्को, क्लब आदि का प्रमोशन करता है, तो वह Instagram की और अधिक झुकाव करता है।

35. Stealth Marketing

Stealth Marketing के अंतर्गत किसी भी Product को पहले मार्केटिंग में सूक्ष्म रूप से प्रदर्शित किया जाता है। इस तरह की मार्केटिंग के अंतर्गत Product को मूवी, टीवी शो, या अन्य किसी विज्ञापन में प्रदर्शित किया जाता है। Stealth Marketing की तकनीक द्वारा विज्ञापन इस तरह से दिखाए जाते है, जिससे की ग्राहक को यह भी नहीं पता चल पाता है, की यह एक ब्रांड प्रमोशन है, और यह Marketing Strategy ब्रांड पर एक सकारत्मक प्रभाव छोड़ती है।

36. Telemarketing

Telemarketing किसी Services या Product को टेलीफ़ोन के द्वारा बढ़ावा देती है। Telemarketing के अंतर्गत कंपनियां अपने ग्राहकों को कॉल करके उन्हें अपने Product से सम्बंधित ऑफर के बारे में जानकारियां देती है। उदहारण के लिए कुछ कंपनियां Credit Card के लिए Telemarketing का उपयोग करती है, जो की नये Credit Card प्रदान करती है। Telemarketing से ग्राहक अधिक इंटरैक्टिव होते है, और उन्हें तत्काल सोचने का मौका देते है। हालाकिं कई ग्राहक टेलीमार्केटिंग को सही नहीं मानते है, लेकिन आप सिर्फ उन्ही ग्राहकों को चुन सकते है, जो आपके साथ इंटरैक्टिव होते है।

37. User-Generated Marketing

User-Generated Marketing के दौरान ग्राहक आपके Product को Use करने के बाद जो सोशल मीडिया और अन्य प्लेटफार्म पर आपके Product का Review करता है, ये User-Generated Marketing कहलाती है। जिसमे आपको अपने प्रोडक्ट की गुणवत्ता पर ध्यान रखना चाहिए, जिसके बाद ग्राहक खुद ही उसके अच्छे रिव्यु देते है, और आपकी ब्रांड वैल्यू बढ़ने लगती है। और अन्य ग्राहक भी आपके Product का उपयोग करने के बारे में सोचते है।

38. Video Marketing

Marketing Content के अंतर्गत कई तरह के कंटेंट काटे है, जिनमे Blog Post, Social Media Post और Podcast आदि। इन्ही में से एक बहुत लोकप्रय Marketing कंटेंट Viceo भी है। आज के समय में Video Marketing बहुत ज्यादा पॉपुलर है। अपने Marketing Assets में में आप कुछ मजेदार और भनात्मक वीडियो को शामिल करके अपने ब्रांड को रचनात्मक रूप से प्रस्तुत कर सकते है। आप YouTube, Facebook और Instagram के अलावा अपनी वेबसाइट पर भी Vidoe का उपयोग कर सकते है। अपने Product से सम्बंधित एक छोटी सी वीडियो को आप अपनी वेबसाइट के पोस्ट में भी जोड़ सकते है।

39. Voice Marketing

Voice Marketing एक नये प्रकार की मार्केटिंग है, जो की Voice Search के लिए बहुत उपयोगी है, यह ब्लॉग पोस्ट और Product Website के लिए बहुत उपयोगी है, जो की SEO Practices के लिए भी उपयोगी है। लोग आज के समय में टाइप करने की जगह बोलना ज्यादा पसंद करते है। हालाकिं वॉयस सर्च कई सालों से है, यह अमेज़न, अलेक्सा और गूगल होम स्मार्ट स्पीकर में बहुत समय से चल रही है। Voice Search और टाइप की गयी क्वेरी में बहुत अंतर होता है। मान लीजिये आप आपको पिज़्ज़ा खाना है, तो आप गूगल में Pizza शॉप सर्च कर सकते है। वही अगर आप ड्राइविंग कर रहे है, तो आप सिर्फ यह बोल सकते है “पिज़्ज़ा कहाँ मिलेगा” गूगल आपको आपके आस पास के पिज़्ज़ा शॉप का एड्रेस दिखा देगा।

40. Word of Mouth Marketing

Word of Mouth Marketing के अंतर्गत ख़ुशी ग्राहक आते है, जो की आपके प्रोडक्ट से खुश होकर उसे अपने दोस्तों में बताते है। एक ब्रांड के विज्ञापन से ज्यादा ग्राहक अपने दोस्त की बात मानता है, ऐसे में बहुत ज्यादा चांस होते है, की आपके ग्राहकों की संख्या बढ़ जाती है। हालाकिं इसका कोई भी आजमाया हुआ तरीका नहीं है, लेकिन ग्राहक की खुसी के आधार पर ही यह मार्कटिंग रणनीति कार्य करती है।

मार्केटिंग में क्या होता है (Marketing Me Kya Hota Hai)

हालाकिं Traditional Marketing पुराने समय में बहुत ज्यादा की जाती थी, लेकिन आज भी ट्रेडिशनल मार्केटिंग की जाती है। लेकिन वास्तव में यह डिजिटल आउटरीच प्रयासों को बाहर नहीं कर सकती है, क्योकिं डिजिटल मार्केटिंग द्वारा आपके बिज़नेस को टारगेट ऑडियंस मिलती है। लेकिन Traditional Marketing के कुछ ऐसे घटक और कार्य है, जो की डिजिटल मार्केटिंग पर निर्भर करते है।

अगर हम बात करें, की आज से लगभग 20 साल पहले मार्केटिंग किस प्रकार की जाती थी, तो आपको बता दें, की उस समय Radio, Television, Billboards, Newspapers, Magazines, Telemarketing, Face-to-face Efforts के अलावा और भी कई Efforts द्वारा मार्केटिंग की जाती थी। हालाकिं आज भी कई कंपनियां ऐसी है, जिनके लिए डिजिटल मार्केटिंग से ज्यादा Traditional Marketing के द्वारा ज्यादा ग्राहक जुड़ते है। आइये जानते है, Marketing Me Kya Hota Hai –

1. Local Marketing

Local Marketing मार्केटिंग का एक हिस्सा है, जिसके अंतर्गत कंपनी होर्डिंग, कैफे बुलेटिन बोर्ड और अन्य तरह की परंपरागत मार्केटिंग का उपयोग करती है। अगर कोई Business किसी Physical Location पर है, तो Local Marketing मार्केटिंग उसके लिए एक बेहतर विकल्प है। जैसे की टेक्सी पर विज्ञापन करना, बस स्टॉप पर होल्डिंग लगाना यह सभी मार्केटिंग का हिस्सा है।

2. Market Research

Market Research एक ऐसी प्रक्रिया है, जो की हमेशा डिजिटल और पारम्परिक मार्केटिंग के बिच क्रमबद्ध नहीं होती है। Market Research के अनुसार किसी भी नई प्रोडक्ट को बाजार में लाने के लिए ग्राहकों के साथ साक्षात्कार रूप में मिलना होता है। जिससे की प्रोडक्ट की कीमत और स्तिथि सहित कई चीजों का पता लगाया जा सकता है। इसके लिए कई कंपनियां अपना प्रोडक्ट लॉन्च करने से पहले पारंपरिक और डिजिटल मार्केटिंग दोनों के द्वारा सर्वे आदि करवाती है।

3. Common Traditional Marketing Task Titles

Traditional Marketing के अंदर क्या होता है, यह जानकारी तो आपको पता चल चुकी है। अब अगर हम Traditional Marketing के जॉब या टास्क टाइटल्स की बात करें, तो यह इस प्रकार है। जहाँ पर हमें निम्न प्रकार की जॉब Traditional Marketing में देखने के लिए मिलती है –

  • Marketing Generalist
  • Brand Manager
  • Publicity Director
  • Community Marketing Coordinator
  • Business Development Strategist

Note – यह लेख मार्केटिंग क्या है (Marketing in Hindi) के बारे मैं था। जिसमे आपको मार्केटिंग क्या है, इसके अलावा मार्केटिंग कितने प्रकार की होती है, और मार्केटिंग से जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण चीजों के बारे में बताया गया है, अगर आपका इस लेख से सम्बंधित कोई भी सवाल है, तो हमें कमेंट करके बता सकते है। अगर आपको यह लेख अच्छा लगा, तो कृपया इस लेख को अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें, धन्यवाद।

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