डिस्टेंस लर्निंग से ग्रेजुएशन कैसे करें?

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Distance Learning Se Graduation Kaise Karen

डिस्टेंस लर्निंग से ग्रेजुएशन कैसे करें : जो भी छात्र Distance Learning के बारे में जानते है, उनका गूगल में सबसे ज्यादा सर्च किये जाने वाला एक ही सवाल होता है, डिस्टेंस लर्निंग से ग्रेजुएशन कैसे करें (Distance Learning Se Graduation Kaise Kare) आज के इस लेख में हम Distance Learning के बारे में सभी महवत्पूण जानकारियों के बारे में जानने वाले है। वर्तमान समय में सभी छात्र 12th Class तो रेगुलर कॉलेज जाकर पास कर लेते है।

लेकिन 12th करने के बाद जब Graduation की बारी आती है, तो इसमें बहुत समस्यां होती है। क्योकिं सभी बच्चे 12th करने के बाद कुछ ना कुछ करने लगते है। कुछ बच्चे अपनी आगे की पढ़ाई की फीस के लिए जॉब करने लगते है, तो कुछ बच्चे कोर्स करने लगते है। हालाकिं ज्यादातर बच्चे 12th करने के बाद Graduation में एडमिशन ले लेते है, और साथ साथ कोई भी Computer Course या कुछ अन्य कोर्स करने लगता है।

जिसकी वजह से यूनिवर्सिटी में रेगुलर क्लास लेना बहुत मुश्किल हो जाता है। लेकिन अगर आप अपने किसी भी कोर्स या जॉब के साथ अपनी ग्रेजुएशन को पूरा करना चाहते है, तो इसके लिए आपको डिस्टेंस लर्निंग से ग्रेजुएशन कैसे करें? इसके बारे में पता होना बहुत जरुरी है। अगर आप Distance Learning से सम्ब्नधित सभी महत्वपूर्ण जानकारियों के बारे में जानना चाहते है, तो इस लेख को ध्यानपूर्वक पढ़े।

मुझे पूरी उम्मीद है, की आपको यह लेख पढ़ने के बाद Internet पर किसी भी और लेख को पढ़ने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। आइये सबसे पहले जानते है, डिस्टेंस लर्निंग क्या है हिंदी में (Distance Learning in Hindi)

Table of Contents

डिस्टेंस लर्निंग क्या है | What is Distance Learning

जो छात्र अपनी 12th क्लास की पढ़ाई पूरी करने के बाद किसी दूर की यूनिवर्सिटी में एडमिशन लेकर पढ़ना चाहते है, या फ्री वह अपनी बारहवीं कक्षा पास करने के बाद जॉब या किसी कोर्स के साथ साथ ग्रेजुएशन करना चाहते है, उनके लिए डिस्टेंस लर्निंग एक आदर्श विकल्प है।

इस प्रकार की पढ़ाई को हम डिस्टेंस लर्निंग कहते है, जिसे हिंदी में दूरस्थ शिक्षा के नाम से भी जाना जाता है। यह शिक्षा करने का वह तरीका होता है, जिसके अंतर्गत छात्र शारीरक रूप से यूनिवर्सिटी में मौजूद नहीं होता है। लेकिन वह ऑनलाइन क्लास या ट्यूशन आदि की सहायता से अपनी पढ़ाई को पूरा करता है।

जो छात्र अपनी पढ़ाई डिस्टेंस लर्निंग से पूरा करना चाहते है, उनके लिए इंडिया में कई कॉलेज और संस्थाएं मौजूद है। छात्र डिस्टेंस लर्निंग से ग्रेजुएशन के अलावा पोस्ट ग्रेजुएशन भी कर सकते है। डिस्टेंस लर्निंग से ग्रेजुएशन करने की शुरआत सन 1956 से 1960 के बीच में हुई थी।

डिस्टेंस लर्निंग क्यों करनी चाहिए?

डिस्टेंस लर्निंग से पढाई करना उन छात्रों के लिए बहुत ही अच्छा होता है, जो नियमित रूप से कॉलेज नहीं जा सकते है। आज भी बहुत से छात्र ऐसे है, जो 12th के बाद आगे पढ़ना चाहते है, लेकिन वह आर्थिक स्थिति ठीक ना होने की वजह से अपनी आगे की पढ़ाई नहीं कर पाते है। जिसकी वजह से उन्हें जॉब करनी पड़ती है। इसके अलावा कुछ छात्र और भी कई करने की वजह से 12th के बाद आगे की पढ़ाई नहीं कर पाते है।

इन सभी छात्रों को देखते हुए डिस्टेंस लर्निंग प्रणाली को भारत में जारी किया गया। डिस्टेंस लर्निंग के तहत छात्र अपनी पढ़ाई को ऑनलाइन करके आराम से अपनी ग्रेजुएशन की डिग्री को हासिल कर सकते है। आपको Distance Lerning करते समय सिर्फ परीक्षा के समय ही कॉलेज में जाना होता है।

डिस्टेंस लर्निंग के प्रकार (Type of Distance Learning)

डिस्टेंस लर्निंग से पढ़ाई करने के दौरान हमें ज्यादातर चीजे ऑनलाइन सिखने के लिए मिलती है। या फिर हम अपने कोर्स को पूरा करने के लिए कोचिंग का सहारा लेते है। यहाँ पर हम डिस्टेंस लर्निंग कितने प्रकार की होती है, इसके बारे में जानेगे। आइये जानते है, Types of Distance Learning के बारे में –

1. Video Conferencing

डिस्टेंस लर्निंग के दौरान जब हम अपनी पढ़ाई करते है, तो इसमें विडिओ कॉन्फ्रेंसिंग का एक बहुत बड़ा योगदान होता है। क्योकिं शिक्षक सभी छात्रों के साथ विडिओ कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये ही पढ़ाते है। छात्र शारीरिक रूप से सामने नहीं होते है। सभी एक दूसरे के सामने विडिओ कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये दिखाई देते है। और इस तरह की क्लास लेते हुए छात्रों को बिलकुल क्लासरूम जैसा अनुभव होता है। साथ ही छात्र एक दूसरे से बात भी कर सकते है।

2. Asynchronous Learning

Asynchronous Learning भी एक प्रकार की Distance Learning ही होती है। इसके अंतर्गत टीचर सभी सब्जेक्ट के नोट्स और असाइनमेंट आदि को ऑनलाइन ही पोस्ट कर देते है। और छात्र इन असाइनमेंट को खुद से समझकर पढ़ सकते है। हालाकिं इसमें सभी छात्र एक साथ नहीं होते है। छात्र जब चाहे अपने असाइनमेंट को पढ़ सकते है।

3. Synchronous Learning

Synchronous Learning के अंतर्गत सभी छात्र एक साथ पढ़ाई करते है। इसका उपयोग उस समय किया जाता है, जब टीचर किसी दूसरे स्थान पर मौजूद होता है। Synchronous Learning के अंतर्गत लाइव चैटिंग, लाइव स्ट्रीमिंग, वीडियो कॉन्फ्रेंसिग जैसी सुविधाएँ आती है। जो टीचर और छात्रों को डिजिटल रूप से एक साथ जोड़ने में मदद करता है।

4. Hybrid Learning

Hybrid Learning भी डिस्टेंस लर्निंग का ही एक प्रकार है। लेकिन यह कुछ अलग है। क्योकिं इसमें टीचर क्लास के अंदर ही पढ़ाते है। और सभी बच्चे क्लास के अंदर ही पढ़ते है। लेकिन इसमें जो शिक्षक छात्रों को पढ़ता है, वह क्लास लाइव चलती है। जिसकी ममद से दूर बैठे छात्र अपने घर पर ही लाइव क्लास की मदद से पढ़ते रहते है।

डिस्टेंस लर्निंग से ग्रेजुएशन कैसे करें?

अभी तक हमने Distance Learning सम्बंधित कई महत्पूर्ण जानकारियों के बारे में जाना है। आइये अब जानते है, डिस्टेंस लर्निंग से ग्रेजुएशन कैसे करें? इसके लिए आपको सबसे पहले जिस क्षेत्र में भी आप रहते है। आपको वहां के बारे में यह पता होना चाहिए, आपके आस पास का कौन कॉलेज डिस्टेंस लर्निंग से ग्रेजुएशन या स्नातक की पढ़ाई करवाता है।

जब आपको आपके आस पास के ऐसे कॉलेज या यूनिवर्सिटी के बारे में पता चल जाए, तो आप उस कालजे में जाकर डिस्टेंस लर्निंग प्रणाली के अनुसार अपना एडमिशन करवा सकते है। जिसके बाद आपको प्रतिदन कॉलेज जाने की जरुरत नहीं पड़ेगी, आप अपनी पढ़ाई घर बैठे YouTube की ममद से या फिर कोचिंग की ममद से कर सकते है।

अगर आप चाहे तो अपनी ग्रेजुएशन की पढ़ाई के साथ साथ जॉब भी कर सकते है। हालाकिं आपको सिर्फ परीक्षा देने के लिए ही कॉलेज जाना होगा।

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डिस्टेंस लर्निंग से ग्रेजुएशन करने के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?

जिस तरह से हम अन्य कोर्स या फिर पढ़ाई करने के लिए ऑनलाइन आवेदन करते है, ठीक उसी तरह से डिस्टेंस लर्निंग से ग्रेजुएशन करने के लिए भी हम ऑनलाइन आवेदन कर सकते है। हालाकिं कई छात्रों को यह नहीं पता होता है। डिस्टेंस लर्निंग से ग्रेजुएशन करने के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें? आइये जानते है –

  • डिस्टेंस लर्निंग से Graduation या Post Graduation करने के लिए आपको सबसे पहले अपने क्षेत्र के किसी भी कॉलेज को चुनना चाहिए, जिसमे आप पढ़ाई करना चाहते है।
  • कॉलेज चुनने के बाद आप उस कॉलेज या जिस यूनिवर्सिटी से उस कॉलेज का सम्बन्ध है, आपको उसकी आधिकारिक वेबसाइट पर जाना है।
  • आधिकारिक वेबसाइट पर जाने के बाद आप वहां पर अपनी पसंद का कोर्स चुन सकते है।
  • कोर्स को चुनने के बाद आपको एक Online फार्म भरना होगा, जो आपको उसी वेबसाइट पर मिल जाता है।
  • इसके लिए आपको 12th की मार्कशीट की आवश्यकता पड़ेगी।
  • फार्म भरने के बाद आपको उस फार्म का प्रिंट निकलकर अपने कॉलेज में जमा करना है।
  • इसके बाद आप डिस्टेंस लर्निंग से ग्रेजुएशन की पढ़ाई कर सकते है।

Note – अगर आपको ऑनलाइन फार्म भरने में किसी भी तरह की कोई समस्यां आती है, तो आप YouTube पर भी Distance Learning फार्म को ऑनलाइन भरने के बारे में वीडियो देख सकते है। अगर फिर भी आपको कोई समस्यां आती है, तो आप अपने पास के किसी भी Internet कैफ़े पर जाकर ऑनलाइन एडमिशन के लिए अप्लाई करवा सकते है।

डिस्टेंस लर्निंग से ग्रेजुएशन करने के लिए ऑफलाइन आवेदन कैसे करें?

आप चाहे तो डिस्टेंस लर्निंग से ग्रेजुएशन करने के लिए ऑफलाइन भी आवेदन कर सकते है। आइये जानते है, Step by Step –

  • आपको सबसे पहले अपनी पसंद का कॉलेज चुनना है, जिस में आप एडमिशन लेना चाहते है।
  • इसके बाद आपको कॉलेज में जाना है, और कॉलेज से एडमिशन फार्म लेना है।
  • कॉलेज से लिए गए एडमिशन फॉर्म को आपको धयानपूर्वक भरना है, और उसके साथ सभी जरुरी डॉक्यूमेंट को लगाना है।
  • डॉक्युमेंट्स के अलावा आपको अपने एडमिशन फॉर्म में अपनी पासपोर्ट फोटो भी लगनी है।
  • यह सभी स्टेप फॉलो करने के बाद आप अपने एडमिशन फॉर्म को कॉलेज में जमा कर सकते है।
  • इस तरह से आप बहुत आसानी के साथ डिस्टेंस लर्निंग से ग्रेजुएशन करने के लिए ऑफलाइन आवेदन कर सकते है।

डिस्टेंस लर्निंग से कौन कौन से कोर्स किये जा सकते है?

डिस्टेंस लर्निंग के अंतर्गत बहुत सारे कोर्स आते है। आप जो भी कोर्स रेगुलर जाकर करते है, वो सारे कोर्स डिस्टेंस लर्निंग कॉलेज भी कराते है। आप डिस्टेंस लर्निंग की सहायता से ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन के बहुत सारे कोर्स कर सकते है। आइये कुछ महत्वपूर्ण कोर्स के बारे में आपको बता देते है।

  • B. Pharma (Bachelor of Pharmacy)
  • B.A. (Bachelor of Arts)
  • B.Com. (Bachelor of Commerce)
  • B.Ed. (Bachelor of Education)
  • B.Sc Nursing (Bachelor of Science in Nursing)
  • B.Sc. (Bachelor of Science)
  • B.Tech (Bachelor in Technology)
  • BBA (Bachelor of Business Administration)
  • BCA (Bachelor of Computer Application)
  • BMS (Business Management Studies)
  • MBA (Master of Business Administration)

Distance Learning Colleges in India

अगर आप डिस्टेंस लर्निंग से ग्रेजुएशन करने के लिए जा रहे है, तो आपको इसके लिए हम कुछ भारत के सबसे अच्छे कॉलेज के बारे में बताने जा रहे है, जो डिस्टेंस लर्निंग से ग्रेजुएशन कराते है। जिसमे हम सभी Graduation Course के अलग अलग कॉलेज के बारे में जानेगे। जैसे की BBA के अलग और M.Com के अलग और भी कई कोर्स के कॉलेज के बारे में हम जानेगे, जिनकी सहायता से आप Distance या Online पढ़ाई कर सकते है। आइये जानते है –

Best Colleges for Distance BBA

BBA Colleges / Universities Location
​Jaipur National University​ ​Jaipur
Amity University Noida
Chandigarh University Chandigarh
Graphic Era University (GEU) Dehradun
Indira Gandhi National Open University Delhi
Jagannath University Jaipur
Lingaya’s Vidyapeeth Faridabad
Narsee Monjee Institute of Management Studies (NMIMS) Mumbai
Shri Venkateshwara University Gajraula
SRM Institute Of Science And Technology Chennai

Best Colleges for Distance B.Com

B.Com Colleges/ Universities Location
Algappa University Karaikudi, Tamil Nadu
Andhra University Visakhapatnam, Andhra Pradesh
Dr B. R. Ambedkar Open University Andhra Pradesh
Kurukshetra University Kurukshetra, Haryana
Lovely Professional University (LPU) Phagwara, Punjab
Netaji Subhas Open University Kolkata
Tamil Nadu Open University Chennai, Tamil Nadu
The University of Delhi, School of Open Learning (SOL) Delhi
University of Mumbai Mumbai, Maharashtra

Best Colleges for Distance M.Com

B.Com Colleges/ Universities Location
Acharya Nagarjuna University-Centre for Distance Education, ANU) Andhra Pradesh
Amazon Institute of Hotel Management Noida
AMI Informatics Noida
ASSAYER Institute of Innovative Education Noida
Asutosh College Kolkata
Fr. Agnel College of Arts & Commerce Goa
GITAM University Andhra Pradesh
Incline Institute of IT & Management New Delhi
Indira Gandhi National Open University (IGNOU) New Delhi
Lovely Professional University, Distance Education Punjab
Netaji Subhas Open University Kolkata
Sri Venkateswara University New Delhi
Tamil Nadu Open University Chennai

Best Colleges for Distance BA (Bachelor Of Arts)

Colleges/ Universities Location
Dr. BR Ambedkar Open University (BRAOU) Hyderabad
IMT Distance and Open Learning Institute Ghaziabad
Indira Gandhi National Open University New Delhi
Maharshi Dayanand University (DDE) Rohtak
MP Bhoj (Open) University Bhopal
Netaji Subhas Open University Kolkata
Sikkim Manipal University (SMU DDE) Gangtok
Symbiosis Centre for Distance Learning Pune
University of Mumbai (IDOL) Mumbai
Yashwantrao C. Maharashtra Open University Nashik

Best Colleges for Distance B.Sc (Bachelor Of Science)

Colleges/ Universities Location
Andhra University Visakhapatnam
Bharathiar University Coimbatore
Dr. BR Ambedkar Open University Hyderabad
Indira Gandhi National Open University (IGNOU) Delhi
Jaipur National University Jaipur
Nalanda Open University Bihar
Netaji Subhas Open University Kolkata
University of Madras Chennai
Uttarakhand Open University Haldwani
Wisdom School of Management Lucknow

Best Colleges for Distance LLB

Colleges/ Universities Location
Annamalai University Tamilnadu
Guru Nanak Dev University Amritsar
Indira Gandhi National Open University Delhi
Madurai Kamaraj University Tamilnadu
National Law School of India University Bangalore

Best Universities for Distance Phd (Doctor of Philosophy)

Colleges/ Universities Location
Indira Gandhi National Open University (IGNOU) Delhi
Karnataka University Karnataka
Nalanda Open University Patna
Vardhman Mahaveer Open University Kota, Rajasthan

डिस्टेंस लर्निंग से ग्रेजुएशन करने में कितनी फीस लगती है?

डिस्टेंस लर्निंग से ग्रेजुएशन करने के लिए अलग अलग फीस होती है। यह आपके द्वारा चुने गए कॉलेज या यूनिवर्सिटी पर निर्धारित करती है। इसके अलावा अगर आप डिस्टेंस लर्निंग से ग्रेजुएशन करना चाहते है, तो इसकी फीस आपके द्वारा लिए गए कोर्स पर भी निर्भर करती है। अगर हम उदहारण के लिए B.Com की फीस की बात करें, तो यहाँ पर आपकी B.Com की फीस तीन वर्ष की 6 हजार रुपए से लेकर 20 हजार रूपये है।

Difference Between Regular Degree and Distance Degree

अभी तक हमने डिस्टेंस लर्निंग से ग्रेजुएशन कैसे करें? और इससे सम्बंधित बहुत सी महत्वपूर्ण जानकारियों के बारे में जाना है। आइये अब जानते है, रेगुलर डिग्री और डिस्टेंस डिग्री के बीच अंतर –

अगर आप एक गोवेर्मेंट या प्राइवेट जॉब करने के लिए जा रहे है, और आपकी डिग्री को एक एजुकेशन प्रूफ के तोर पर माँगा जाता है, तो आपको बता दें, की गोवेर्मेंट और प्राइवेट दोनों जॉब में रेगुलर डिग्री और डिस्टेंस डिग्री की मान्यता एक सामान होती है। जब भी हम गोवेर्मेंट जॉब के लिए अप्लाई करते है, तो वहां पर लिखा होता है, की आपने किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन की हो। आप अपनी ग्रेजुएशन किसी भी रेगुलर या डिस्टेंस लर्निंग से कर सकते है, इसमें किसी भी तरह की कोई परेशानी नहीं है।

अगर आपने ग्रेजुएशन डिस्टेंस लर्निंग से की है, और पोस्ट ग्रेजुएशन रेगुलर करना चाहते है। तो इसमें भी कोई समस्यां नहीं है, आप अपनी पोस्ट ग्रेजुएशन डिस्टेंस लर्निंग से करने के बाद रेगुलर कर सकते है। इसके अलावा आप चाहे तो अपनी पोस्ट ग्रेजुएशन भी डिस्टेंस लर्निंग से कर सकते है।

अगर आपने डिस्टेंस लर्निंग से पोस्ट ग्रेजुएशन है, और आप इसके बाद Phd या NET की परीक्षा देना चाहते है, तो आप दे सकते है, इसमें भी आपकी डिस्टेंस डिग्री की मान्यता रेगुलर डिग्री की बराबर ही होगी। जितने प्रतिशत अंक रेगुलर डिग्री के मांगे जाएंगे, उतने ही अंक डिस्टेंस डिग्री के छात्रों के मांगे जाएंगे।

यहाँ पर निष्कर्ष यही निकलता है, की रेगुलर डिग्री और डिस्टेंस डिग्री की मान्यता सामान होती है। इसमें किसी भी तरह का कोई अंतर नहीं होता है। जो कोर्स रेगुलर डिग्री करने के बाद छात्र कर सकते है, वही कोर्स डिस्टेंस डिग्री करने के बाद भी छात्र कर सकते है।

Distance Learning Advantages and Disadvantages

जिस चीज के कुछ फायदे होते है, उसके कुछ न कुछ नुक्सान भी होते है। इसी तरह से डिस्टेंस लर्निंग के भी जितने फायदे होते है, उसी तरह से कुछ नुक्सान भी होते है। हालाकिं यहाँ पर हमारा मतलब आपको सिर्फ जानकारी देना है, आपको किसी भी तरह से डिस्टेंस लर्निंग के लिए डिमोटिवेट करना नहीं है। आइये जानते है, दूरस्थ शिक्षा (Benefits of Distance Learning) के फायदे और नुकसान –

Advantages of Distance Learning

  • डिस्टेंस लर्निंग से ग्रेजुएशन करने का सबसे बड़ा फायदे होता है, की आपको प्रतिदिन क्लास के लिए कॉलेज नहीं जाना पड़ता है।
  • आप अपनी जॉब के साथ साथ भी अपनी ग्रेजुएशन को आसानी से पूरा कर सकते है।
  • डिस्टेंस लर्निंग से ग्रेजुएशन करने के लिए कोई भी आयु सीमा निर्धारित नहीं है, आप किसी भी आयु में अपनी ग्रेजुएशन को पूरा कर सकते है।
  • डिस्टेंस लर्निंग से ग्रेजुएशन करने में आपका खर्चा कम आता है, इसकी फीस रेगुलर ग्रेजुएशन की अपेक्षा कम होती है।
  • आप अपना ग्रेजुएशन का पूरा कोर्स ऑनलाइन क्लास लेकर भी पूरा कर सकते है, या फिर आप कोचिंग भी ले सकते है।
  • डिस्टेंस लर्निंग लड़कियों के लिए बहुत अच्छी है, जो लड़कियां घर से बहार नहीं जाना चाहती है, वह घर बैठे अपनी डिस्टेंस लर्निंग की मदद से एडमिशन लेकर अपनी ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी कर सकती है।

Disadvantages of Distance Learning

  • जब आप डिस्टेंस लर्निंग से ग्रेजुएशन करते है, तो आप प्रतिदिन कॉलेज नहीं जाते है, जिसकी वजह से आपका पढ़ाई से मन हटने लगता है।
  • अगर आप घर बैठे पढ़ाई करना चाहते है, तो उसके लिए आपको खुद से पढ़ना पढ़ता है। जिसमे आपको बहुत मेहनत लगती है, सभी चीजे आपको खुद से समझनी पड़ती है।
  • अगर आपको खुद से समझने में समस्यां होती है, तो आपको ऑनलाइन या ऑफलाइन कोचिंग भी लेनी पड़ती है। हालाकिं बहुत से छात्र खुद से पढ़ना पसंद करते है।
  • जिस समय आप डिस्टेंस लर्निंग से ग्रेजुएशन करने के लिए एडमिशन ले रहे हो, उस समय आपको फीस के बारे में अच्छी तरह से जान लेना चाहिए। हालाकिं डिस्टेंस लर्निंग से जब आप पढ़ाई करते है, तो इसकी फीस कम होती है, लेकिन इसके बाद भी आपको अच्छी तरह से फीस के बारे में जान लेना चाहिए।
  • अगर आप रेगुलर कॉलेज जाकर क्लास लेते है, तो इससे आपकी कम्युनिकेशन स्किल्स भी बढ़ती है।
  • डिस्टेंस लर्निंग से पढ़ाई करने के यही कुछ नुक्सान थे। अगर आपको इसमें से किसी भी तरह की कोई समस्यां नहीं है, तो आप आराम से डिस्टेंस लर्निंग से अपनी पढ़ाई कर सकते है।

डिस्टेंस लर्निंग के बारे मैं अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न –

डिस्टेंस लर्निंग का क्या मतलब है?

डिस्टेंस लर्निंग का मतलब (Distance Learning Meaning in Hindi) होता है, एक ऐसी शिक्षा प्रणाली जिसमे हम कालेज से दूर होते हुए भी अपनी पढ़ाई को पूरा कर सकते है। डिस्टेंस लर्निंग को हिंदी में दूरस्थ शिक्षा प्रणाली कहते है। इसके अंतर्गत छात्र दूर रहते हुए भी अपना एडमिशन अपने पसंद के कालेज में ले सकते है, और घर बैठे या जॉब के साथ साथ अपनी ग्रेजुएशन को पूरा कर सकते है।

भारत में डिस्टेंस लर्निंग की शुरुआत कब हुई?

भारत में डिस्टेंस लर्निंग की शुरुआत सन 1956-1960 के बीच में हुई थी।

Note – यह लेख डिस्टेंस लर्निंग से ग्रेजुएशन कैसे करें (Distance Learning Se Graduation Kaise Karen) इसके बारे में था। जिसम आपको डिस्टेंस लर्निंग या Distance Education से सम्बंधित सभी महत्पूवर्ण जानकारियों के बारे में बताया गया है। अगर आपका इस लेख से सम्बंधित कोई भी सवाल है, तो आप हमें कमेंट करके बता सकते है। अगर आपको यह लेख अच्छा लगा, तो कृपया इस लेख को अपने सभी दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें, धन्यवाद।

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