Data क्या है और इसके प्रकार?

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Data Kya Hai in Hindi

क्या आपको पता है, की डाटा क्या है (What is Data in Hindi) अगर नहीं तो आपको यह लेख पूरा पढ़ना चाहिए। क्योकिं आज हम इस लेख में जानेगे, की Data क्या है और यह कितने प्रकार का होता है। डाटा का नाम आपने बहुत बार सुना होगा। क्योकिं सभी चीज का कोई ना कोई डाटा होता है। जैसे अगर हम इंटरनेट की बात करें, तो इसमें हमें MB के रूप में या GB के रूप में डाटा मिलता है। वही अगर हम किसी Business के बारे में बात करें, तो हमें ग्राहकों का डाटा देखने को मिलता है। तो इससे यह समझ आता है, की डाटा का उपयोग प्रतियेक क्षेत्र में किया जाता है, लेकिन क्षेत्र के अनुसार इसके प्रकार अलग अलग होते है। डाटा कुछ भी हो सकता है। यह एक व्यक्ति का भी हो सकता है।

अगर हम किसी भी व्यक्ति के बारे में कुछ विशेष जानकारी प्राप्त करना चाहते है, तो हमें उसका Data निकलना पड़ेगा। हालाकिं Data का सबसे ज्यादा उपयोग Digital World में किया जाता है। जिस तरह से आज के समय में सभी चीजे डिजिटल होती जा रही है, उसी तरह से Data की मांग भी बढ़ती जा रही है। आज कई कंपनियां अपने ग्राहको का Data बेचती है। क्योकिं यह Sell और Branding करने का एक आसान तरीका है। अगर आपको अभी तक डिजिटल दुनिया के बारे में नहीं पता है, की डिजिटल दुनिया में हम किस प्रकार से अपने प्रोडक्ट को Data के द्वारा टारगेट कर सकते है, तो इसके लिए आपको Digital Marketing और Online Marketing के बारे में यह पूरा लेख जरूर पढ़ना चाहिए। तो आइये अब जानते है, की Data क्या है –

डाटा क्या है (What Is Data In Hindi)

Data कई प्रकार का होता है, और यह किसी भी रूप में हो सकता है। Data हमें Text, Character, Video, Audio, Document, Pictures, File आदि रूप में देखने को मिल सकता है। इसके अलावा Data किसी HTML या CSS File में भी हो सकता है। जिसका मुख्य उद्देश्य होता है, इक्क्ठा होना है। लेकिन यह सभी हमें Context में रखना चाहिए, तभी यह हमारे काम में आता है, अगर आपका Data की Context में नहीं है, तो यह किसी भी काम का नहीं है, ना तो यह किसी Computer के काम में आ सकता है, और ना ही किसी व्यक्ति के काम है। अगर आपको Data का उपयोग करना है, तो इसको सन्दर्भ में रखना जरुरी होता है। अगर हम Data को Computer के आधार पर जोड़कर देखते है, तो कंप्यूटर हमें Data से ही सारी Information निकाल कर देता है।

जिसके बाद हम उसे समझ पाते है। यह सारा डाटा कंप्यूटर के अंदर Number के रूप में एक कलैक्शन के तोर पर इक्कठा होता है। जिसे बाइट्स के रूप में प्रतिनिधित्व किया जाता है। कंप्यूटर के सारे डाटा को CPU Processed करता है। कंप्यूटर में डाटा को स्टोर करने के लिए हार्ड ड्राइव या अन्य Storage डिवाइस का उपयोग किया जाता है। जबकि अगर हम मोबाइल की बात करें, तो मोबइल में हम डाटा को Memory Card या फिर Internet का उपयोग करके स्टोर कर सकते है। आपको बता दें, की डाटा जब Raw फार्म में होता है, तो उस समय इसमें से किसी भी तरह की Information को पढ़ना नामुमकिन है। किसी भी डाटा को व्यक्ति उस समय पढ़ सकता है, जब वह इस डाटा को कंप्यूटर या मोबाइल के द्वारा Process करता है।

डाटा क्या होता है?

Database क्या है?

Database एक प्रकार का Data Collection होता है। यह किसी भी चीज का हो सकता है, यह Data Collection किसी कॉलेज, कंपनी, या फिर किसी आर्गेनाइजेशन का भी हो सकता है। किसी Data को Random Order में ना डालकर उसे एक अच्छी तरह से Structure में रखकर Organize करने को ही Database कहा जाता है। इसे Columns और Rows में व्यवस्थित किया जाता है। तब जाकर एक अच्छा Database तैयार होता है।

Information क्या है?

Information एक प्रकार की जानकारी होती है, जो की पूरी तरह से Process किये गए Data से तैयार की जाती है। Information को इस तरह से तैयार किया जाता है, की जिस व्यक्ति को भी Information Data दिया जाता है, वह उसे आसानी से समझ सके। Data की तरह Information भी कुछ हो सकती है। किसी व्यक्ति का पूरा Address भी एक प्रकार की इनफार्मेशन ही है। अगर हम से कहाँ जाए, की दुनिया का सबसे गरीब देश कौन सा है, तो इसके लिए हमें बहुत सारा Data इकठ्ठा करना पड़ेगा, उसके बाद उसे Process करके जो रिजल्ट सामने आएगा, वह एक प्रकार की Information होगी। किसी भी इनफार्मेशन को सही तरह से व्यवस्थित करने के लिए Accuracy का होना बहुत आवश्यक है।

Data और Information के बीच क्या अंतर होता है?

Data को हम एक प्रकार की Information से कह सकते है। उदहारण के लिए – डाटा के अंदर एक प्रकार की जानकारी स्टोर होती है, जो की Value का कलैक्शन होता है। यह डाटा किसी भी तरह का हो सकता है, इसके अंदर Numbers, Characters, Alphabet कुछ भी हो सकता है।

हालाकिं Information भी एक प्रकार का डाटा ही होता है, लेकिन इसे इस प्रकार से Process किया जाता है, जिसे कोई भी मनुष्य आसानी से पढ़ सकता है। इसे हम इस प्रकार से भी कह सकते है, की डाटा को कंप्यूटर द्वारा प्रोसेस करके उसे एक जानकारी में कन्वर्ट करता है।

डाटा कितने प्रकार के होते हैं

अगर हम डाटा को कंप्यूटर के अनुसार देखे तो डाटा कई प्रकार का होता है। कंप्यूटर के अंदर ग्राफ़िक्स, पिक्चर, ऑडियो, और वीडियो सभी एक प्रकार का डाटा है। इसके अलावा भी डाटा कई प्रकार का होता है, तो आइए जानते है, डाटा के प्रकार –

ऑडियो डाटा – ऑडियो डाटा एक प्रकार की रिकॉर्डिंग होती है। इस तरह की डाटा फाइल MP3 फॉर्मेट में होती है।

वीडियो डाटा – वीडियो डाटा को कंप्यूटर या मोबाइल आदि में किया जाता है। यह डाटा MP4 फाइल में होते है।

ग्राफिक्स डाटा – ग्राफ़िक्स डाटा के अंतर्गत कई प्रकार के पिक्चर एनीमेशन आदि आते है। इस प्रकार के डाटा को JPEG और PNG जैसी फाइल में सेव किया जाता है।

अक्षर डाटा – अक्षर डाटा किसी भी भाषा में हो सकते है। अंग्रेजी और हिंदी दोनों में। जैसे हिंदी वर्णमाला के अक्षरों को मिला कर तैयार किये गए डाटा को हम हिंदी भाषा का डाटा कह सकते है। जिस प्रकार से यह लेख हिंदी में लिखा गया है, तो यह भी एक प्रकार का अक्षर डाटा ही है।

संख्यात्मक डाटा – संख्यातम डाटा वह डाटा होता है, जिसमे 0 से लेकर 9 तक की सभी संख्याओं के नंबर होते है। इस तरह के डाटा का की आवश्यकता आमतौर पर एक्सेल में कार्य करने के लिए की जाती है। अगर हमें कुछ प्रोडक्ट के मूल्य की एक पूरी एक्सेल शीट तैयार करनी है, तो ऐसे में हमें संख्यातम डाटा की मदद लेनी होगी। जिस तरह से किसी भी वास्तु मूल्य 9999 रूपये है, तो यह एक संख्यात्मक डाटा हुआ। क्योकिं इसके अंदर हमने संख्यायों का उपयोग किया है।

चिन्हात्मक डाटा – चिन्हात्मक डाटा का उपयोग अक्षर डाटा के बिच में किया जाता है। इसके अलावा यह डाटा और भी कई तरह की चीजों के लिए उपयोग किया जाता है। चिन्हात्मक डाटा को हम ट्रैफिक चिन्ह के रूप में भी समझ सकते है। इसके अलावा और भी कई तरह के चिन्ह होते है, इस तरह के सभी चिन्हो को चिन्हात्मक डाटा कहते है।

Data को कंप्यूटर में कैसे Store करते है

कंप्यूटर में डाटा को अलग अलग तरह के फॉर्मेट में स्टोर किया जाता है। डाटा को स्टोर करने के लिए कंप्यूटर में इंटरनल और एक्सटर्नल डिवाइस का उपयोग किया जाता है। कंप्यूटर में डाटा को स्टोर करने के लिए हार्ड ड्राइव और स्टोरेज डिवाइस का उपयोग किया जाता है। कंप्यूटर की मेमोरी में डाटा को सटोरे करने के लिए तो तरह से उपयोग किया जाता है। जिसमे Permanent Storage और Temporary Storage शामिल है।

Permanent Storage – Permanent Storage कंप्यूटर की हार्ड ड्राइव को कहते है। अगर आप अपना सारा डाटा इस डिवाइस में स्टोर करते है, तो वह पूरी तरह से सुरक्षित रहता है।

Temporary Storage – Temporary Storage को हम Random Access Memory (RAM) के नाम से भी जानते है। जहाँ पर आप अपने डाटा को Temporary रूप से स्टोर कर सकते है।

Units for Measuring Memory (Data Storage) Capacity

1 Bit 1 Binary Digit
4 Bits 1 Nibble
8 Bits 1 Byte
210 = 1024 Bytes 1 Kilobyte
220 = 1024 Kilobyte 1 Megabyte
230 = 1024 Megabyte 1 Gigabyte
240 = 1024 Gigabyte 1 Terabyte
250 = 1024 Terabyte 1 Petabyte

डाटा के प्रकार | Types Of Data In Hindi

अगर हम डाटा को प्रोग्रामिंग के हिसाब से देखे तो, यह एक प्रकार का Classification होता है, जो की यह Specify करता है, की की तरह की Value पर एक Variable के पास कौन सा Relational Mathematical या Logical Operations अप्लाई किया जाएँ, जिससे की उस पर किसी भी तरह की कोई त्रुटि ना हो।

Data Type Where it is used Example
Boolean To represent Logical Values True False
Character For encoding the text numerically 97 (in ASCII 97 is a lower case ‘a’)
Float (Floating Point) Number having decimal point 9.15 5.03 0.125
Integers Whole Number 74 124 99009
String Alphanumeric Characters Hello world ram gopal123

1. Letters

Letters Data का उपयोग हम कंप्यूटर की Screen पर लिखे गए Programme या सॉफ्टवेयर के नाम आदि के अलावा विभिन्न प्रकार के Task को पूरा करने के लिए Letters Data का उपयोग किया जाता है। Letters Data किसी भी भाषा मैं हो सकते है, और कंप्यूटर के लिए यह बहुत ही आवश्यक डाटा है।

2. Numerical

Numerical Data को संख्यात्मक डाटा भी कहते है। इसमें 0 से लेकर 9 तक की संख्या होती है। इसके अलावा संख्यात्मक डाटा को Statistical Data भी कहते है, क्योकिं यह आकंड़ो को दर्शाता है।

उदहारण के लिए जब हम अपना कोई भी कार्य Excel में करते है, तो वहां पर हमें किसी भी Data के पर फार्मूला लगाने के लिए Numerical Data का उपयोग करना पड़ता है।

3. Alpha Numerical Data

Alpha Numerical Data के अंतर्गत नंबर और शब्द दोनों आते है। इस तरह के डाटा का उपयोग आमतौर पर Captcha और Strong Password में किया जाता है। Alpha Numerical Data कुछ 1a2b3c4d इस प्रकार का दिखाई देता है।

4. Audio Data

ऑडियो डाटा का उपयोग कंप्यूटर और स्मार्टफोन दोनों में किया जाता है। यह एक प्रकार की ध्वनि होती है। जिसमे Information होती है। ऑडियो डाटा के अंदर इनफार्मेशन के अलावा गाने, रिकॉर्डिंग आदि भी होती है। इस डाटा को MP3 और WAV फाइल में सेव किया जाता है।

5. Video Data

Video Data के अंतर्गत चलचित्र आते है। आप जो भी वीडियो YouTube आदि प्लेटफार्म पर देखते है, वह सभी वीडियो डाटा होता है। यह एक प्रकार का ऐसा डाटा होता है, जिसमे आप किसी भी चीज को आसानी से चित्रों के माध्यम से समझ सकते है। वीडियो डाटा MP4, WEBCAM, MKV आदि फॉर्मेट में होता है।

6. Graphical Data

Graphical Data वह डाटा होता जिसकी मदद से किसी चीज को समझने में आसानी होती है। अगर हम इसे एक उदहारण से समझे तो मान लीजिये हमें जाना है, की दुनिया के सात अजूबे कौन से है तो इस चीज को हम किसी भी एक Image पर लिखकर समझा सकते है, जिससे की हमें आसानी होगी यह जाने में। इसके अलावा हम सात अलग अलग Picture पर भी इन अजूबो की Graphics बना सकते है। इस तरह के सभी डाटा को Graphical Data कहते है।

Data Processing क्या है?

Data Processing एक ऐसा प्रोसेस होता है, जिसके अंतर्गत एक Row Information को समझने लायक बनाया जाता है। इसके अलावा इसके अंतर्गत Data को हेर फेर करके एक Result में कन्वर्ट किया जाता है। कई बार यह एक Problem का Solution ढूंढ़ने मैं भी मदद करता है। जब किसी भी डाटा को Process किया जाता है, तो इसके लिए एक पूरा Cycle तैयार होता है, जहाँ पर इस Raw Data को Process करने के लिए Computer Software या फिर अन्य किसी System मैं डाला जाता है। जिसके बाद इसका Output Produce होता है।

Data Processing के मुख्य चरण क्या है?

किसी भी Data को Process करने के तीन मुख्य Steps होते है, जो की इस प्रकार है –

1. Input

Data Input के अंतर्गत डाटा Processing करने के लिए एक सुविधाजनक फॉर्म में तैयार किया जाता है। यह Processing Machine के ऊपर निर्भर करता है, जब हम डाटा को Processing के लिए किसी Computers का उपयोग करते है, तब इनपुट डाटा किसी भी मौजूदा के माध्यम से किसी Magnetic Disks या Tapes आदि में स्टोर किया जाता है।

2. Processing

डाटा को इनपुट करने के बाद इसकी Processing करने की बारी आती है। इस Stem में डाटा को Useful Form में बदला जाता है। इसके अंतर्गत डाटा के अंदर से कुछ सेल्स या फिर कम्पनी प्रोफाइल आदि की इनफार्मेशन निकाली जाती है, यह सिर्फ उदहारण के लिए है, बाकि चीजे आपके डाटा पर निर्भर करती है, की आपका डाटा किस Types का है।

3. Output

यह एक फाइनल Step होता है, इसमें जिस डाटा को हमने इनपुट किया था, फिर उसे प्रोसेस किया था, इस स्टेप में हमें उस सभी डाटा का फाइनल Result मिल जाता है, जिसे Output कहते है। जैसा की आपको ऊपर बताया गया है, की आउटपुट डाटा किसी भी तरह का हो सकता है, यह आपके डाटा के ऊपर निर्भर करता है। अगर आपका डाटा किसी कंपनी का है, तो हो सकता है, की आप उस डाटा से अपने सभी Employees की प्रोफाइल इनफार्मेशन या फिर उनकी सैलरी बना रहे हो आदि।

Data Processing के तीनो Step Details में –

1. Input

इस स्टेप के अंतर्गत डाटा को Store किया जाता है, तो आइये समझते है, की Input के अंतर्गत और कौन कौन से Step आते है –

I) Collection

Input के अंतर्गत सबसे पहला चरण डाटा को Collect करना होता है। जिसे कई जगह से इक्कठा किया जाता है। अगर मान लीजिये आप ऑफिस का डाटा इक्कठा कर रहे है, तो उसमे कितने लोग काम करते है, उन सभी का डाटा Collect करके तब आप उनके बारे में आगे उनकी सैलरी आदि को बनाकर तैयार करेंगे।

II) Verification

इसके बाद अगला Step आता है, Data Verification का जिसके अंतर्गत। Collect किये गए सभी डाटा को चेक किया जाता है, की वह सही है या गलत। किसी भी डाटा को कलेक्ट करने के बाद उसे Verify जरूर किया जाता है।

 III) Coding

इसके बाद कलेक्ट किये गए डाटा को मशीन फॉर्म में कन्वर्ट किया जाता है, जिससे की Computer आसानी से सभी डाटा को Read कर सकें।

 IV) Storing

जब हमें अपने सभी डाटा को Computer में Excel Sheet या फिर Word Document में डालकर कंप्यूटर में Save कर दिया है, तो इसके बाद वह कंप्यूटर में Store हो जाता है। और इसके बाद Next Step आता है, Data Processing का।

2. Processing

इस Step के अंतर्गत डाटा से इनफार्मेशन बनायीं जाती है। जिसके अंतर्गत निचे दिए गए कुछ चरणों का उपयोग किया जाता है, तो आइये जानते है, की कौन कौन से वह स्टेप है, जिनसे डाटा को Process किया जाता है।

I) Classification

Data Classification के अंतर्गत डाटा को Category और Sub Category के अंतर्गत बता जाता है। जिससे की डाटा को समझना आसान हो जाएँ। मान लीजिये आपके पास एक कम्पनी का डाटा है, और उसमे कुछ Employee काम करते है, तो आप उन Employee के डाटा को इस तरह से Classification कर सकते है, उसमे से Marketing की Team के Employee अलग होंगे, Web Development के Employee अलग होंगे, और आपके HR के Employee अलग होंगे। जिससे की आप आसानी से पुरे डाटा को समझ पाएंगे।

II) Sorting

Data Sorting के अंतर्गत हम Data को एक Order में सेव करके रखते है, जिससे की कभी भी हम इस डाटा को आसानी से Access कर पाएं। डाटा Sorting यूजर अपनी सुविधा के अनुसार कर सकता है।

III) Calculation

डाटा कैलकुलेशन के अंतर्गत व्यवस्तिथ तरीके से Calculate करके रखा जाता है, जैसे की ऑफिस में किस कर्मचारी ने कितने Task पुरे किये है, और किस कर्मचारी ने कितना Revenue दिया है, और भी बहुत कुछ चीजों को Calculate करके रखा जाता है।

IV) Summarising

Summarising या डाटा सारांश Input किये गए Data को Operation करने के बाद उसका एक सारांश तैयार किया जाता है। इसके बाद यह सारांश आगे भेजा जाता है। इसे अगर हम एक उदहारण से समझे तो जिस तरह से एक डॉक्टर आपके ब्लड को टेस्ट करने के बाद आपको सिर्फ उसकी रिपोर्ट देता है, उसी तरह से डाटा Summarising भी होता है।

3. Output

जब Data Processing के सभी Steps खत्म हो जाते है, तो उसके बाद Data Output आता है। Output डाटा की Last Stage होती है, जो की बिलकुल सही Information User को प्रदान करता है। Output Information को Pen Drive CD DVD आदि में Store किया जाता है। तो आइये जानते है, की Output Data में कितने Step होते है –

I) Retrieval

आप Retrieval की मदद से अपने Output Data को भविष्य में कभी भी देख सकते है। मान लीजिये आपकी कंपनी से कोई कर्मचारी काम छोड़कर चला गया, और वह फिर कभी वापस आता है, तो आप उसके डाटा में से लास्ट रिजल्ट देख सकते है।

II) Conversion

Conversion या परिवर्तन, आप अपने आउटपुट रिजल्ट को कई अलग अलग Formate में परिवर्तन कर सकते है। जब आप किसी भी डाटा को Processing करते है, तो इसके बाद आप उसे किसी Table, Diagram, Graph, या फिर Flowchart आदि में परिवर्तित कर सकते है, यह आपके डाटा पर निर्भर करता है, की आपका डाटा किस प्रकार का है।

III) Communication

हमारे पास जो Data का Output निकलकर आता है, उसे शेयर करने की प्रक्रिया को Communication कहते है। वर्तमान समय में Data को शेयर करने के लिए Mobile और Internet आदि का उपयोग किया जाता है। हालाकिं आज भी कई कॉलेज में एग्जाम का समय ब्लैक बोर्ड पर लिखा जाता है।

Data Processing के क्या तरीके है?

चाहे आपके पास कितना भी महत्वपूर्ण डाटा क्यों ना हो वह तब तक बेकार है, जब तक उसे अच्छी तरह से Process ना किया जा सके। तो आइये जानते है, कुछ तरीको के बारे में जिनका उपयोग करके एक Row Data को Usable Information में बदला जाता है। आपको बता दें, की पुराने समय में डाटा को Process करने के लिए पेन और पेपर का उपयोग किया जाता था, लेकिन आज के समय में डाटा को Process करने के लिए Computer का उपयोग किया जाता है, हालाकिं आज भी कुछ डाटा ऐसे है, जिन्हे प्रोसेस करने के लिए पेन और पेपर की मदद ली जाती है। किसी भी डाटा को Process करने के लिए पहले उसे अच्छी तरह से चेक किया जाता है, उसके बाद ही उसे Computer या लैपटॉप में डाला जाता है। तो आइये अब जानते है, डाटा प्रोसेसिंग के कुछ तरीको के बारे में –

1. Batch Processing

Batch Processing का उपयोग उस समय किया जाता है, जब हमारे पास बहुत बड़ा डाटा होता है। इसका उपयोग डाटा की Categories बनाने के लिए किया जाता है। उदाहरण के लिए – अगर किसी बड़े स्टोर में Transactions को एक bar Categorize कर दिया जाए, तो यह बहुत ही Speed से कार्य करता है, जब तक इस डाटा की किसी भी Inoformatin को बदला ना जाएँ।

2. Real-Time Processing

Real-Time Processing तरीके का उपयोग डाटा को मैनेज करने के लिए किया जाता है। हालाकिं यह इतने ज्यादा Fast नहीं होते है। उदाहरण के लिए अगर अगर आपने कोई Airline की Ticket खरीदी या फिर कोई भी अन्य टिकट खरीदी और आपने वह टिकट Cancel कर दी तो ऐसे में Real-Time Processing के द्वारा एयरलाइन अपने रिकॉर्ड को अपडेट करती है। इस प्रोसेस के Records तुरंत अपडेट हो जाते है, Real-Time Processing एक Continuous Process होता है, जो की चलता रहता है।

3. Data Mining

Data Mining क्या है? डाटा माइनिंग में डाटा को Multiple Source और Pools से इक्कठा किया जाता है। इसके बाद पुरे डाटा को Combine करके उसे सहसंबंध किया जाता है। उदाहरण के लिए – अगर किराने की दुआकन पर आये ग्राहक को Analyse करना होता है, जो ग्राहक किराने की दुकान से कुछ घर का राशन खरीदता है, वह उसके बाद फल भी जरूर खरीदेगा। इस तरह से ग्राहक को Analyse करके उसकी सेल्स को बढ़ाया जा सकता है। अगर हम आसान भाषा में समझे तो Data Mining का अर्थ हुआ की किसी भी एक Object चाहे वह कोई ग्राहक हो या फिर कोई भी कंपनी उसके डाटा की Mining करके अपनी Sales आदि को बढ़ाना।

4. Statistical Processing

Statistical Processing के अंतर्गत Large Amounts of Information होती है। कुछ कंपनियां ऐसी होती है, जो अपने सफ्ताह के अंत में सभी ग्राहको को Request देती है, इस तरह की समस्यां के संधान के लिए Statistical Processing का उपयोग किया जाता है। जिससे की डाटा को Compare करने में बहुत आसानी होती है।

Data और Information में अंतर क्या है?

Data – Data Raw Facts होता है, इसका किसी भी तरह का कोई मुख्य उद्देश्य नहीं होता है, डाटा का उपयोग किया भी जा सकता है, और नहीं भी किया जा सकता है। यह पूरी तरह से Uncategorized होते है। डाटा टेक्स्ट और Number की Form में होते है।

Information – Information के अंतर्गत ऐसे Facts आते है, जिन्हे Processing करने के बाद उपयोग किया जाता है। यह पूरी तरह से Refined Data होता है, और यह हमेशा उपयोगी होता है।

Note – यह लेख डाटा क्या है (What is Data in Hindi) के बारे में था। जिसमे आपको डाटा से सम्बंधित सभी महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान कराई गयी है। मुझे उम्मीद है, की आपको यह लेख Data क्या है? पढ़कर अच्छी तरह से इससे सम्बंधित सभी जानकारियां मिल चुकी होंगी। अगर आपके मन में Data in Hindi से सम्बंधित कोई भी सवाल है, तो आप हमें कमेंट करके बता सकते है। अगर आपको यह लेख अच्छा लगा, तो कृपया इस लेख को अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें, धन्यवाद।

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