Computer क्या है | कंप्यूटर की परिभाषा (Definition) और जानकारी हिंदी में

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Computer Kya Hai in Hindi

आज हम जानेगे Computer क्या है? (Computer in Hindi) हालाकिं कंप्यूटर के बारे में सभी लोगो ने सुना होगा। लेकिन Computer की जानकारी बहुत कम लोगो को होती है। अगर आपको भी कंप्यूटर की पूरी जानकारी नहीं है, आपको भी नहीं पता की कंप्यूटर क्या होता है, Computer का पूरा नाम और फुल फॉर्म क्या है? तो यह लेख आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण है। हालाकिं सभी लोगो को बेसिक कंप्यूटर की जानकारी होती है। लेकिन आज की इस दुनिया में यह एक मॉडर्न टेक्नोलॉजी की तरह हमारे सभी कार्य को आसान करता है।

कुछ लोग सोचते है, की कंप्यूटर बस एक मेज पर रखा एक Led TV है, जिसमे कीबोर्ड माउस और CPU जुड़े हुए है। लेकिन अगर आप कंप्यूटर का इतिहास देखते है, तो आपको यह जानकारी हैरानी होगी, की यह कितना अनोखा है। अगर आपको कंप्यूटर के बारे में पढ़ना अच्छा लगता है, और अपना करियर कंप्यूटर के क्षेत्र में बनाना चाहते है, तो आपको यह लेख पूरा पढ़ना चाहिए। तो आइये सबसे पहले जानते है, की कंप्यूटर क्या है –

Table of Contents

Computer क्या है (What is Computer in Hindi)

कंप्यूटर एक प्रकार की मशीन है, जो की किसी भी प्रकार के डाटा की गणना को सटीकता से पूर्ण करता है। इसके अलावा कंप्यूटर डाटा को स्टोर करके भी रखता है। यह एक ही समय पर कई अलग अलग कार्यो को कर सकता है, जैसे किसी चीज की गणना करना किसी डाटा को को दूसरी डिवाइस में शेयर करना आदि।

इसके अलावा इसका उपयोग एक टाइपिंग मशीन के रूप में भी किया जाता है। कंप्यूटर मुख्य रूप से दो डिवाइस से बना होता है, एक हार्डवेयर और दूसरा सॉफ्टवेयर, लेकिन अगर हम किसी से Computer की परिभाषा पूछेंगे तो प्रत्येक क्षेत्र कंप्यूटर ऑपरेटर अपनी अलग अलग राय देते है।

लेकिन मुख्य रूप से कंप्यूटर के तीन कार्य होते है, जिसमे पहला डाटा को लेना जिसे हम Input के नाम से जानते है, दूसरा कार्य लिए हुए डाटा को Processing करना और तीसरा कार्य लिए हुए Data को दिखाना जिसे हम Output कहते है। कंप्यूटर Numerical और Non Numerical दोनों प्रकार के डाटा की गणना कर सकता है।

कंप्यूटर की परिभाषा (Computer Definition in Hindi)

कंप्यूटर एक प्रकार की इलेक्ट्रॉनिक मशीन है, जिसका उपयोग डाटा की गणना करने के लिए किया जाता है, यह डाटा को सटीकता से Calculate करता है। इसके अलावा यह Input Data को Store करके भी रखता है। जिससे की कंप्यूटर में स्टोर किये गए डाटा को दुबारा जरुरत पड़ने पर फिर से प्राप्त किया जा सके।

Computer एक अंग्रेजी भाषा का शब्द है, जो की “Compute” से लिया गया है, इसका हिंदी मतलब “गणना” करना होता है। आज से कई हजार साल पहले सभी गणना एक विशेष व्यक्ति द्वारा की जाती थी, जिसे गणितज्ञ कहा जाता था। लेकिन जब से कंप्यूटर का आविष्कार हुआ है, तब से यह सभी गणना करना आसान हो गया है। इन मशीनों से कार्य कराने के लिए इनके अंदर कुछ Programe को Set किया जाता है, जो की Data की पहचान करके उसकी गणना करते है।

कंप्यूटर का फुल फॉर्म क्या है (Computer Full Form in Hindi)

कम्प्यूटर का पूरा नाम क्या है यह एक सबसे ज्यादा पूछे जाने वाला सवाल है। लेकिन आपको बता दें, की तकनिकी रूप से कंप्यूटर का पूरा नाम या फुल फॉर्म कोई भी नहीं है। लेकिन कुछ विशेषज्ञों ने अपने अपने अनुभवों के तोर पर इसका एक फुल फॉर्म बनाया है, जो की इस प्रकार है – Commonly Operating Machine Particularly Used for Technology Education and Research जिसका हिंदी अर्थ होता है “आमतौर पर ऑपरेटिंग मशीन विशेष रूप से प्रौद्योगिकी शिक्षा और अनुसंधान के लिए उपयोग की जाती है”

  • C – Commonly
  • O – Operated
  • M – Machine
  • P – Particularly
  • U – Used for
  • T – Technical and
  • E – Educational
  • R – Research

कंप्यूटर का आविष्कार किसने किया?

कंप्यूटर के क्षेत्र में बहुत से लोगो ने अपना अपना योगदान दिया है, लेकिन इन सब में सबसे ज्यादा योदगान चार्ल्स बैबेज का माना जाता है। इसलिए “कंप्यूटर का पिता”(फादर ऑफ कम्प्यूटर ) कहा जाता है। क्योकिं Charles Babbage ने सबसे पहले Analytical Engine बनाया था, जिसका आधुनिक कंप्यूटर को विकसित करने में सबसे महत्वपूर्ण योगदान है।

कंप्यूटर कैसे कार्य करता है?

कंप्यूटर मुख्य रूप से तीन प्रकार से कार्य करता है, जिसमे Input, Process, Output शमिल है।

Input: Input के अंतर्गत कंप्यूटर के अंदर ऐसे Data को डाला जाता है, जो की Raw होता है। इसके अंतर्गत पिक्चर, डॉक्यूमेंट और वीडियो आदि Data आता है।

Process: Process के अंतर्गत Input किये गए Data को कंप्यूटर व्यवस्थित करता है। इस पुरे कार्य को Internal Process भी कहते है।

Output: Output जिस डाटा को Input के दौरान कंप्यूटर में डाला गया था, और उसको Process किया गया था, उसे Result के तोर पर दिखाया जाता है। इस देता को कंप्यूटर की मेमोरी में स्टोर कर दिया जाता है। जिससे की जरुरत पड़ने पर इसको फिर से देखा जा सके।

कंप्यूटर का इतिहास (History of Computer)

Mechanical Computers का उपयोग प्रथम शताब्दी से होना शुरू हो गया था। साथ ही द्धितीय विश्व युद्ध के दौरान सैन्य कार्यो में भी इसका उपयोग किया गया था। कंप्यूटर के इतिहास की बात की जाएँ, इसके विकास को इसकी पीढ़ियों (Generation) के मुताबिक मुख्य रूप से 5 हिस्सों में बांटा है। आइये जानते है, कंप्यूटर की पीढ़ियों के बारे में पूरी जानकारी –

1. कंप्यूटर की पहली पीढ़ी

कंप्यूटर की पहली पीढ़ी सन 1940-1956 तक थी। इस पीढ़ी की दौरान “Vacuum Tubes” वाले कंप्यूटर होते थे। जिमे Vaccum Tubes को सर्किट के लिए उपयोग किया जाता था, और मेमोरी के ;लिए मैग्नेटिक ड्रम का उपयोग किया जाता था। यह कंप्यूटर आकर में बहुत बड़े होते थे, जिन्हे उपयोग करने के लिए अत्यधिक ऊर्जा का उपयोग किया जाता था। इसके अलावा इनके बड़े System होने की वजह से यह बहुत जल्दी गर्म हो जाते थे। यह कंप्यूटर Machine Language Programe पर आधारित थे।

2. कंप्यूटर की दूसरी पीढ़ी

कंप्यूटर की दूसरी पीढ़ी सन 1956-1963 तक थी। इस पीढ़ी के अंतर्गत “Transistors” वाले कंप्यूटर का निर्माण हुआ। यह कंप्यूटर Vacuum Tubes वाले कंप्यूटर से छोटे थे। क्योकिं “Transistors” छोटे थे, इनकी गति भी ज्यादा तेज थी। यह पहली पीढ़ी के कंप्यूटर की अपेक्षा कम Heat प्रदान करते थे, जिसकी वजह से इनका Performance भी अच्छा था। इन कंप्यूटर के अंदर COBOL और FORTRAN Language का उपयोग किया गया था।

3. कंप्यूटर की तीसरी पीढ़ी

कंप्यूटर की तीसरी पीढ़ी सन 1964-1971 तक थी। इसके अंतर्गत कम्प्यूटर में “Integrated Circuits” का उपयोग किया गया था। इस प्रक्रिया में Transistors के आकार को छोटा करके Silicon Chip के अंदर डाला जाता था, इस Silicon Chip को Semi कंडक्टर कहा जाता है। इन Transistors के उपयोग से कंप्यूटर की कार्य क्षमता बढ़ गयी थी। तीसरी पीढ़ी कंप्यूटर की वह पीढ़ी थी, जिसके कंप्यूटर को बाजार में बेचने के लिए लॉन्च किया गया था। इस पीढ़ी के कंप्यूटर में Keyboard, Operation System और Monitors भी लगे हुए थे।

4. कंप्यूटर की चौथी पीढ़ी

कंप्यूटर की चौथी पीढ़ी सन 1971-1985 तक चली थी। इसके अंतर्गत “Microprocessors” कंप्यूटर का निर्माण किया गया था। इन कंप्यूटर के अंदर कई हजार सर्किट को एक सिलिकॉन चिप के अंदर डाला गया था। जिसकी वजह से कंप्यूटर का आकार बहुत कम हो चुका था। और साथ ही इसकी Processing करने की क्षमता भी बहुत ज्यादा बढ़ गयी थी।

5. कंप्यूटर की पांचवीं पीढ़ी

कंप्यूटर की पांचवीं पीढ़ी सन 1985 से Present तक चल रही है। इसके अंतर्गत “Artificial Intelligence” कंप्यूटर का निर्माण किया गया। जिसमे कई प्रकार की नई तकनीक भी शामिल है। इन कंप्यूटर के अंदर आप एक साथ Multiple Processing भी कर सकते है।

6. कंप्यूटर की छठी पीढ़ी

कंप्यूटर की छठी पीढ़ी अन्य सभी पीढ़ियों से बेहतर है, यह आकर, प्रदर्शन और कार्य क्षमता में भी बहुत अलग है। इन कंप्यूटर के अंदर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग किया गया है, इस पीढ़ी के कंप्यूटर मशीन यूजर की आवाज को भी पहचान सकती है। यह यूजर की आवाज को पहचान कर उसका जबाब दे सकती है। हालाकिं यूजर को अपनी Voice के माध्यम से Commend देने के लिए स्पष्ट बोलने की आवश्यकता है। यह जटिल से जटिल समस्यां को भी बहुत आसानी और जल्दी से Solve करने में मददगार है।

भविष्य की पीढ़ी के कंप्यूटर

आज के कंप्यूटर में प्रत्येक चीज को हाथ से चलते है, लेकिन भविष्य में आने वाले कंप्यूटर न्यूरॉन्स हो सकते हैं। इन कंप्यूटर के अंदर एक मानव स्तर के बराबर का मस्तिष्क होगा। आज के समय में हमारे घर की काफी चीजे कंप्यूटर और मोबाइल से ऑपरेट हो जाती है। बल्ब जो की प्रकाश देता है, उसे भी हम अपने मोबाइल या कंप्यूटर से ऑपरेट कर सकते है, लेकिन आने वाले समय में एक बल्ब भी एक कंप्यूटर हो सकता है।

कंप्यूटर के मुख्य पार्ट्स कौन से है?

प्रतीक चीज को कार्य करने के लिए उसके अंगो की आवश्यकता होती है। इसी तरह से कंप्यूटर के भी कुछ मुख्य पार्ट्स या अंग है, जिनके बिना यह कार्य नहीं कर पाटा है। आमतौर पर कंप्यूटर में दो प्रकार के पार्ट्स होते है, जिसमे सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर शामिल है। हार्डवेयर वह पार्ट्स होते है, जिन्हे हम छू सकते है। और सॉफ्टवेयर वह पार्ट्स है, जिन्हे हम छू नहीं सकते है, इसके अंतर्गत प्रोग्राम और एप्लीकेशन आती है। तो आइये जानते है, कंप्यूटर के मुख्य पार्ट्स के बारे में सभी जानकारी –

1. Motherboard

Motherboard कंप्यूटर का मुख्य सर्किट बोर्ड होता है, यह के पतली सी प्लेट होती है, जिसके अंदर एक बड़ा सा सर्किट बोर्ड होता है, जिसका कार्य CPU, RAM, Hard Drive, Memory, और Graphic Card अन्य पार्ट्स के साथ जोड़ने का कार्य करता है। इसके अलावा कंप्यूटर के सभी पार्ट्स Motherboard के साथ Directly जुड़े होते है।

2. Central Processing Unit (CPU / Processor)

CPU का पूरा नाम Central Processing Unit है। सी पी यू को कंप्यूटर का मस्तिष्क या दिमाग कहते है, क्योकिं यह कंप्यूटर पर होने वाली सभी Activity को Processing करता है। अगर आप कोई भी Command अपने कंप्यूटर को देते है, तो वह सबसे पहले CPU के पास जाती है, इसके बाद आगे Processing होती है। जितना अच्छा CPU होगा कंप्यूटर उतना ज्यादा अच्छा Performance देता है। CPU का Performance बढ़ाने के लिए एक अच्छे Operating System की भी आवश्यकता होती है, जिसमे आप Windows का उपयोग कर सकते है। हालाकिं आज के समय में Windows 8 और 10 ज्यादा Popular है।  

3. RAM

RAM की Full फॉर्म Random Access Memory होती है। यह कंप्यूटर में Data को Temporarily Store कर लेती है। अगर आप कंप्यूटर पर कुछ कार्य कर रहे है, और अगर आपने अपने Data को Save नहीं किया तो ऐसे में आपका Data डिलीट हो जाता है। अगर आप कुछ भी कार्य करते है, तो उसे तुरंत Save करते रहना चाहिए, इससे आपका सारा डाटा Hard Drive में Save हो जाता है। जब भी आप कोई कंप्यूटर या लैपटॉप खरीदते है, तो उसकी RAM को Megabytes (MB) or Gigabytes (GB) से जाना जाता है, जितनी ज्यादा Computer या Laptop की RAM होती है, वह उतना ही अच्छा Performance करता है।

4. Hard Drive

अगर हमें कंप्यूटर में किसी भी Data को Permanently Save करना है, तो इसके लिए Hard Disk Drive (HDD) की आवश्यकता होती है। यह Data को लम्बे समय तक Store करके रखता है। Hard Drive सेव किया गया Data आप कभी भी पुनःप्राप्त प्राप्त कर सकते है।

5. Input / Output Devices

आउटपुट और इनपुट डिवाइस वह डिवाइस होती है, जो कंप्यूटर Data को इनपुट करके उसे आउटपुट में प्रदान कराती है। इन डिवाइस की मदद से ही कंप्यूटर आपको बेहतर रिजल्ट दे पाटा है, अगर हम कंप्यूटर में कुछ Row Information डालते है, तो उसका Print निकालने के लिए हमें प्रिंटर की आवश्यकता पड़ती है। कंप्यूटर की इनपुट और आउटपुट डिवाइस कुछ इस प्रकार है –

  • Speaker
  • Mouse
  • Printer
  • Monitor
  • Keyboard
  • Scanner

कंप्यूटर की इनपुट डिवाइस और आउटपुट डिवाइस में अंतर

ऊपर आपको कंप्यूटर की इनपुट और आउटपुट डिवाइस के बारे में बताया गया है, लेकिन आप सोच रहे होंगे की इनमे से Input Device कौन सी है, और Output Device कौन सी है। तो आइये जानते है, इनपुट डिवाइस और आउटपुट डिवाइस में अंतर –

1. इनपुट डिवाइस (Input Device)

जिन डिवाइस की मदद से हम कंप्यूटर को सुचना भेजते है, उन्हें इनपुट डिवाइस कहते है, अगर हम इसे आसान भाषा में समझे तो, कीबोर्ड एक इनपुट डिवाइस है, जिसकी सहायता से हम कंप्यूटर में कुछ लिख पाते है। इसी तरह से कीबोर्ड के अलावा, माउस, माइक, माइक्रोफोन, स्कैनर, इनपुट डिवाइस होती है।

2. आउटपुट डिवाइस (Output Device)

कंप्यूटर के द्वारा ली गयी सभी इनपुट सूचना को किसी यूजर को भेजने के लिए आउटपुट डिवाइस का उपयोग किया जाता है। अगर हम इसे आसान भाषा में समझे तो कंप्यूटर की स्क्रीन एक आउटपुट डिवाइस है, जो हमें इनपुट देता को आउटपुट के रूप में स्क्रीन पर दिखती है। इसी तरह से टच स्क्रीन, स्पीकर, मॉनिटर, प्रिंटर, हेडफोन्स, और प्रोजेक्टर आदि आउटपुट डिवाइस है।

कंप्यूटर हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर

कंप्यूटर के Physical Device को हार्डवेयर कहते है, जिन्हे हम छू सकते है, वह सभी हार्डवेयर होते है। इसी तरह से कंप्यूटर के सॉफ्टवेयर को हम छू नहीं सकते है, यह कंप्यूटर में आज्ञा देने का कार्य करते है। आइये जानते है, हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर में क्या अंतर होता है –

Computer Hardware

  • कंप्यूटर के हार्डवेयर Physical Element होते है, जो कंप्यूटर के साथ जुड़े रहते है।
  • हार्डवेयर को हम छू सकते है।
  • सभी हार्डवेयर सॉफ्टवेयर कौन चलते है, अगर हार्डवेयर अच्छा है, तो सॉफ्टवेयर की Performance भी अच्छी होती है।
  • अगर कंप्यूटर में कोई वायरस आ जाता है, तो यह हार्डवेयर को कोई नुक्सान नहीं पंहुचा सकता है।
  • हार्डवेयर ख़राब होने पर ठीक किया जा सकता है, या फिर इसे बदल भी सकते है।
  • माउस, मॉनिटर, सीपीयू, कीबोर्ड हार्डवेयर है।

Computer Software

  • सॉफ्टवेयर कंप्यूटर में दिए गए कमांड की आएगा के अनुसार कार्य को पूरा करता है।
  • सॉफ्टवेयर को हम सिर्फ देख सकते है, इन्हे हम छू कर नहीं देख सकते है, क्योकिं यह कंप्यूटर के अंदर होते है।
  • कंप्यूटर के कुछ मुख्य सॉफ्टवेयर इस प्रकार है, MS Office, Pain, MS Excel, MS Word, Internet Explorer आदि।
  • सॉफ्टवेयर के ख़राब होने पर हम सॉफ्टवेयर को फिर से Backup द्वारा इंस्टाल कर सकते है।
  • अगर आपके कंप्यूटर में किसी वजह से वायरस आ जाता है, तो यह आपके सॉफ्टवेयर को ख़राब कर देता है।

कंप्यूटर के प्रकार (Types of Computer in Hindi)

ज्यादातर लोग सिर्फ Personal Computer के बारे में ही जानते है, लेकिन आपको बता दें, की कंप्यूटर आकर और कार्य के अनुसार कई प्रकार के होते है। तो आइये जानते है, कंप्यूटर कितने प्रकार के होते है –

1. Desktop

डेस्कटॉप सबसे ज्यादा उपयोग किये जाने वाला कंप्यूटर है। इसका उपयोग आमतौर पर घरो में स्कूलों में और ऑफिस में किया जाता है। यह आमतौर पर Personal Computer के तोर पर भी इस्तेमाल किया जाता है। डेस्कटॉप में माउस, कीबोर्ड, मॉनिटर, स्पीकर, और CPU होता है।

2. Laptop

Laptop का उपयोग आमतौर पर वह लोग ज्यादा करते है, जिन्हे हमेशा अपने साथ कंप्यूटर की आवश्यकता होती है। क्योकिं लैपटॉप को कही भी ले जाया जा सकता है। यह एक बार चार्ज करने पर लगभग 3 घंटे या इससे ज्यादा तक चलते है।

3. Tablet

Tablet भी एक प्रकार का कंप्यूटर ही होता है, इसे Handheld Computer के नाम से भी जाना जाता है, यह आकर में छोटा होता है। इससे बहुत आसानी से पकड़ कर चलाया जा सकता है। इसके एक टच स्क्रीन होती है, जिसकी मदद से यह चलता है। हालाकिं आज कल आप Tablet में अलग से Mouse और Keyboard भी Add कर सकते है। इससे टेबलेट को उपयोग करना और भी आसान हो जाता हिअ।

4. Servers

Servers भी एक प्रकार के कंप्यूटर होते है, इनका कार्य होता है इनफार्मेशन को Store करना। जब भी हम इंटरनेट पर कोई जानकारी खोजते है, और वह हमारे सामने आती है, तो यह सीधा Servers कंप्यूटर से आती है।

अन्य प्रकार के कंप्यूटर Other Types of Computer in Hindi

ऊपर बताये गए कंप्यूटर के अलावा भी कुछ Different Types के कंप्यूटर होते है, तो आइये जानते है, उन सभी कंप्यूटर के बारे में –

स्मार्टफ़ोन (Smartphone) – स्मार्टफोन भी एक तरह का कंप्यूटर ही होता है, जब तक उसके अंदर Internet Connection नहीं होता है, तब तक वह एक सामान्य फ़ोन होता है। लेकिन Internet चालू हो जाने के बाद उससे हम बहुत सारे ऐसे कार्य कर सकते है, जो कंप्यूटर से होते है।

पहनने योग्य (Wearable) – पहनने योग्य कंप्यूटर में आमतौर पर Smartwatch आती है। जिसमे Fitness Watch शामिल है। जो की आपकी पुरे दिन की प्रक्रिया के बारे में बताती है। इसके अलावा कुछ घड़ियाँ ऐसी भी है, जो जिनसे बात भी की जा सकती है।

गेम कण्ट्रोल (Game Control) – Game Controler एक प्रकार की डिवाइस है, जिसे TV के साथ कनेक्ट करके गेम खेलने के लिए उपयोग किया जाता है।

टीवी (TV) – TV के बारे में तो सभी जानते है, आज कल के सभी टीवी कंप्यूटर की तरह है। जिनमे सभी तरह की Application चल सकती है। इसके अलावा आप अपने टीवी को इंटरनेट से कनेक्ट करके भी सीधे टीवी पर ऑडियो और वीडियो देख और सुन सकते है।

कंप्यूटर का उपयोग (Uses of Computer in Hindi)

अगर बात की जाए की कंप्यूटर का उपयोग कहां कहां किया जाता है? तो आपको बता दें, की वर्तमान समय मन कंप्यूटर का उपयोग लगभग हर जगह पर किया जाता है। क्योकिं कंप्यूटर से कैलकुलेशन करना बहुत आसान है, इसके अलावा कंप्यूटर द्वारा किसी भी चीज को आसानी से Design भी किया जा सकता है। आइये जानते है, कंप्यूटर का उपयोग कहां कहां किया जाता है –

1. कंप्यूटर का उपयोग बैंक में

कंप्यूटर का उपयोग बेंको मैं सबसे ज्यादा किया जाता है, क्योकिं आज से बहुत समय पहले जब कंप्यूटर नहीं थे, तब बैंको में सभी खातों को Manually संभाला जाता था। इस कार्य के लिए बहुत ज्यादा कर्मचारियों की आवश्यकता पड़ती थी। लेकिन जब से कंप्यूटर का उपयोग बैंकिंग में किया जाने लगा है, तब से बैंक में खातों को मेन्टेन करना आसान हो गया है। जब से बैंक में कंप्यूटर का उपयोग हुआ है, तब से समय की भी बहुत ज्यादा बचत हुई है, साथ ही जो खातों में गलतियां होती थी, वह भी होनी बंद हो गयी है। साथ ही बैंको में नोटों की गिनती भी कंप्यूटर द्वारा ही की जाती है।

2. कंप्यूटर का उपयोग शिक्षा और स्कूल में

कंप्यूटर का उपयोग स्कूलों में छात्रों और टीचर सभी के लिए बहुत उपयोगी रहा है। आज कल लगभग सभी स्कूलों में कंप्यूटर क्लासेज चलाई जाती है। जिससे की छात्रों की Learning Capacity Improve होती जा रही है। क्योकिं छात्र कंप्यूटर में ज्यादा रूचि लेते है। अगर किसी भी छात्र कोई पढाई से सम्बंधित कोई जानकारी चाहिए होती है, तो ऐसे में वह कंप्यूटर की मदद से सीधे आसानी से रीसर्च कर सकता है। इसके अलावा कंप्यूटर द्वारा अपने Notes बना सकता है।

3. अस्पताल और चिकित्सा में कंप्यूटर का उपयोग

अस्पताल और चिकित्सा के क्षेत्र में कंप्यूटर का बहुत बड़ा महत्व है। अगर शरीर में किसी भी तरह की कोई बीमारी होती है, तो मशीनों द्वारा उसे कंप्यूटर से पता लगा लिया जाता है, और बहुत आसानी से डॉक्टर रोग का पता लगा लेते है। इसके अलावा जितने भी X-Ray और Scanne होते है, वह सभी अस्पतालों में कंप्यूटर द्वारा ही किये जाते है।

4. विज्ञान के छेत्र में कंप्यूटर का उपयोग

कंप्यूटर का उपयोग विज्ञान के क्षेत्र में भी बहुत महत्वपूर्ण है। हालाकिं कंप्यूटर विज्ञान की ही एक देन है। Scientist को अगर कुछ भी Data अपनी Reasearch से संबंधित Save करके रखना होता है, तो वह कंप्यूटर का उपयोग करते है। इसके अलावा अपनी Research के लिए भी कंप्यूटर का ही उपयोग करते है।

5. मनोरंजन में कम्प्यूटर का उपयोग

Entertainment या मनोरंजन के क्षेत्र में भी कंप्यूटर का बहुत महत्त्व है। अगर आपको गेम खेलना पसंद है, तो आप कंप्यूटर पर बहुत शानदार गेम का आनंद ले सकते है। इसके अलावा आप Vidoe Movie और Audio Song भी सुन सकते है। साथ ही अगर आपको मनोंरजन के क्षेत्र में अपना करियर बनाना है, तो आप कुछ सॉफ्टवेयर की मदद से यहाँ पर बहुत सी चोजो को सिख भी सकते है।

6. व्यवसाय में कंप्यूटर का उपयोग

जब से Business को Cashless किया गया है, तब से कंप्यूटर का उपयोग Business में बहुत ज्यादा होने लगा है। सभी Transaction का पता लगाने के लिए और Business Bank Account को मैनेज करने के लिए कंप्यूटर का उपयोग किया जाता है।

7. गवर्नमेंट क्षेत्र में कंप्यूटर का उपयोग

वर्तमान समय में सरकार भी कंप्यूटर के उपयोग की और बहुत ध्यान दे रही है। ज्यादातर रेलवे क्षेत्र में कंप्यूटर का बहुत महत्त्व सबसे ज्यादा है। सभी ज्यादा टिकट बुकिंग आदि के लिए इसका उपयोग किया जाता है। इसके अलावा रेडियो स्टेशन में भी कंप्यूटर का उपयोग किया जाता है।

8. सेनाओं में कंप्यूटर का उपयोग

भारतीय सेनाओ में भी कंप्यूटर का बहुत ज्यादा उपयोग किया जाता है। जिसमे सभी चीजों को Track करना बहुत आसान हो जाता है।

कंप्यूटर के लाभ (Benefits of Computer)

आज के समय में इंसान के जीवन में कंप्यूटर के लाभ बहुत ज्यादा है। हम जब चाहे कंप्यूटर की मदद से कोई भी जानकारी निकल कर पढ़ सकते है। अगर हमारे पास कुछ Information पढ़ने का समय नहीं है, तो हम उसे कंप्यूटर में Save कर सकते है, जब भी हमारे पास समय होता है, उसे पढ़ सकते है।

साथ ही कंप्यूटर में ऐसे भी कई Features होते है, जिनकी ममद से किसी और भाषा को अपनी अपनी भाषा में Convert करके पढ़ सकते है। जैसे की अगर हमारे पास कोई English का Document है, तो हम उसे Computer की ममद से Hindi में कन्वर्ट करके भी पढ़ सकते है। इसकी वजह से आज हमारा जीवन बहुत आसान हो चुका है।

कंप्यूटर के लाभ जाने से पहले आपको बता दे, की जिस चीज के फायदे होते है, उस के कुछ ना कुछ नुक्सान भी होते है। उसी तरह से Computer के Advantages और Disadvantages दोनों होते है। तो आइये जानते है, कंप्यूटर के लाभ के बारे में –

1. Multitasking

मल्टीटास्किंग कंप्यूटर का एक बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा है। जिसकी मदद से User एक साथ कई कार्य कर सकता है। कंप्यूटर में ऐसे कई Software, Language को Store किया जाता है, जो की किसी भी Calculation को एक सेकेंड से भी कम समय में Calculate कर देता है।

2. Speed

कंप्यूटर के अंदर Speed गति भी एक महत्वपूर्ण विशेषता है। जो की बहुत जल्दी ही तेज गति से किसी भी कार्य को करने की क्षमता रखता है। अगर आप एक साथ Multiple कार्य करते है, तो यह आपके कंप्यूटर की गति पर निर्भर करता है। हालाकिं सभी कंप्यूटर में Speed को उसके Programe के हिसाब से अच्छी तरह Optimize किया जाता है।

3. Data Storage

कंप्यूटर Data Storage का एक बहुत ही अच्छा Solution है। आप इसके अंदर Hard Drive Disk की ममद से बहुत ज्यादा मात्रा में Data को Store कर सकते है। जिसमे आपको ज्यादा पैसे भी खर्च नहीं करने पड़ते है।

4. Accuracy

Accuracy कंप्यूटर का एक मुख्य हिस्सा है, जिसकी वजह से यह इसे और भी ज्यादा उपयोगी बनता है। क्योकिं कंप्यूटर के द्वारा की गयी Calculation कभी भी गलत नहीं होती है। यह हमेशा Accurate Information ही देता है। हालाकिं कभी कभी आपके किसी सॉफ्टवेयर में कोई Virus आदि आने के कारण कुछ गलतियां हो भी सकती है, लेकिन फिर भी गलती होने की सम्भावना ना के बराबर ही होती है।

5. Data Security

अगर आपको नहीं पता है, की Data Security क्या है तो इस लेख को जरूर पढ़ें। कंप्यूटर के अंदर Data Security का विकल्प भी होता है। जिसका उपयोग करके आप अपने Computer को Secure कर सकते है। इससे आपका Data Cyber Attack से बचा रहता है।

6. Automation

जिस तरह से हम दूसरी Automatic मशीन को देखते है, जो अपना कार्य बटन दबाने पर आटोमेटिक करती रहती है। उसी तरह से कंप्यूटर भी एक Automatic मशीन है। जिसमे आप कुछ कमांड का उपयोग करके अपने सभी Data को Automation के द्वारा Coustomize कर सकते है।

कंप्यूटर से हानि

जिस तरह से किसी चीज के फायदे होते है, उसी तरह से नुक्सान भी होते है। तो आइये जानते है, कंप्यूटर के Disadvantages के बारे में –

  • अगर आप ऑनलाइन कुछ कार्य करते है, तो आपको अपने Computer को Secure करना बहुत जरुरी है। क्योकिं कुछ लोग आपके PC पर Virus के द्वारा अटैक करते है, जिसके बारे में आपको बिलकुल भी पता नहीं होता है। वायरस कंप्यूटर का सबसे बड़ा नुक्सान है।
  • वायरस आपके कंप्यूटर में किसी USB या Not Secure Website से भी आ सकता है। अगर एक बारे यह आपके कंप्यूटर में Enter हो जाए तो इससे आपका पूरा कंप्यूटर ख़राब हो सकता है।
  • Online Cyber Crime भी कंप्यूटर का एक बहुत बड़ा नुक्सान है। अगर आप कोई Network Use करते है, तो ख्याल रखे की वह पूरी तरह से Secure हो।
  • Computer आने से Employment को भरी नुक्सान हुआ है। हालाकिं कंप्यूटर कार्य आसान हो गए है, लेकिन कही ना कही Employment पर इसका भारी असर हुआ है।
  • कंप्यूटर को ज्यादा देर तक Use करने से आँखों पर इसका दुष्प्रभाव हो सकता है।
  • कंप्यूटर का अपना कोई महत्त्व नहीं होता है, यह आपके द्वारा कमांड देने पर चलता है, अगर आप इस पर ज्यादा देर तक Movie या गेम खेल कर समय बर्बाद कर रहे है, तो इससे आपको बचना चाहिए।

कंप्यूटर के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कंप्यूटर के कितने भाग होते हैं?

कंप्यूटर छोटा हो या बड़ा इसके चार मुख्य भाग होता है, जिनमे
1. आउटपुट यूनिट (Output Unit)
2. इनपुट यूनिट (Input Unit)
3. सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट (CPU)
4. मेमोरी (Memory)

कंप्यूटर बेसिक कोर्स कितने महीने का होता है?

कंप्यूटर का बेसिक कोर्स 3 महीने से लेकर 6 महीने तक का होता है। इसके अलावा इससे ऊपर के सभी कोर्स Advance Level में आते है।

कंप्यूटर काम कैसे करता है?

कंप्यूटर एक प्रकार की मशीन है, जो की सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर से मिलकर बनी है। कंप्यूटर सबसे पहले Input Unit से डाटा को प्राप्त करता है, इसके बाद उस Data को Process करता है, और इसे Output Unit के माध्यम से Device को देता है।

कंप्यूटर के संस्थापक कौन है?

कंप्यूटर के संस्थापक चार्ल्स बैबेज है, जिन्हे कंप्यूटर का पिता भी कहा जाता है।

कंप्यूटर क्या है लेख के बारे में –

इस लेख में आपको कंप्यूटर क्या है (What is Computer in Hindi) इसके बारे में विस्तार से समझाया गया है। मुझे पूरी उम्मीद है, की यहाँ पर दिया गया Computer का Introduction Hindi में आपको जरूर पसंद आया होगा। इस लेख में आपको कंप्यूटर की परिभाषा से लेकर फुल फॉर्म तक सभी चीजों के बारे में बताया गया है। अगर आपका इस लेख से सम्बंधित को भी सवाल है, तो आप हमें कमेंट करके बता सकते है। इस लेख को अपने किसी भी एक दोस्त के साथ जरूर शेयर करें, धन्यवाद।

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