Carnation Flower Information in Hindi | कारनेशन के फूल की जानकारी

Carnation Flower Information in Hindi

कारनेशन का फूल (Carnation Flower in Hindi) बहुत सुन्दर और आकर्षक होता है। आज हम इसी सुन्दर और आकर्षक फूल के बारे में विस्तार से जानेगे। इस फूल की प्रजाति में सबसे ज्यादा White Carnation को पसंद किया जाता है। यह फूलो सफ़ेद रंग के अलावा भी कई रंगो में खिलते है।

Carnation एक बहुत ही विचित्र प्रजाति का फूल है, इसके बारे में बहुत ही कम लोग जानते है। बहुत से लोगो को कारनेशन के फूल का मतलब भी नहीं पता होता है, और वह गूगल पर सर्च करते है, Carnation Flower Meaning in Hindi तो आज आपको इस लेख में इस फूल से सम्बंधित सभी Information मिलने वाली है।

आपको बता दे की भारत में इस फूल को बहुत ज्यादा पसंद किया जाता है, तो इस लेख में हम भारत में इस फूल के खिलने का कौन सा मौसम में इसके बारे में भी जानेगे (Carnation Flower Season in India) तो आइये जानते है, Carnation Flower से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण Information Hindi में –

कारनेशन फूल की जानकारी | Carnation Flower Information in Hindi

Carnation Flower पूरी दुनिया में सबसे महत्वपूर्ण और खूबसूरत फूलों की सूचि में आता है। इसका वैज्ञानिक नाम Scientific Name – “Dianthus Caryophyllus” है। यह नाम कारनेशन को ग्रीक के एक वनस्पति वैज्ञानिक Theopharastus द्वारा दिया गया था।

इस फूल की पंखुडिया कागज की तरह होती है, जो की बिच बिच से कटी हुई होती है, यह देखने में अत्यंत आकर्षित होती है। कारनेशन फूल के अंदर से लौंग की तरह सुगंध आती है। यह फूल अन्य फूलों की अपेक्षा ज्यादा दिनों तक ताजा रहते है। इसको ज्यादातर लोग अपने घरों और बगीचों में इसकी सुगंध और सुंदरता के लिए लगाते है,

Carnation Flower कई रंगो में खिलते है, जिनमे लाल, सफ़ेद, पीला, और गुलाबी मुख्य है। इसकी लगभग 250 प्रजातियां पायी जाती है, लेकिन घरों और बगीचों में सिर्फ डायंथस बारबेट्स, डायंथस क्रायोफायलस, और डायंथस चायनेन्सिस के पौधों को ही लगाया जाता है।

यह “क्रायोफायलेसी” कुल का पौधा है। “क्रायोफायलेसी” कुल शानदार फूलों के उत्पादन के लिए जाना जाता है। कारनेशन फूल की खेती व्यापक रूप से कोलम्बिया, टर्की, यूरोप, इजराइल, नीदरलैंड और भारत सहित कई देशो में की जाती है, भारत में कारनेशन की खेती उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश के अलावा और भी कई पार्वतियों क्षेत्रो में की जाती है।

कारनेशन फूल की कई प्रजातियां पायी जाती है, जिसमे अलग अलग रंग और आकृति भी होती है, लेकिन Dianthus Caryophyllus प्रजाति के फूलों में 5 पंखुड़ियां होती है, और यह आमतौर पर सफ़ेद, गुलाबी और बैंगनी रंग में खिलता है। कारनेशन का पौधा (Carnation Plant) जिस समय उगाया जाता है, इसका आकर लगभग 6 सेंटीमीटर होता है, और यह बढ़कर 8.5 सेंटीमीटर तक हो जाता है, इस Plant पर डंठल बहुत कम होते है, इसके तनो का रंग हल्का भूरा, या नीला होता है। इसके अलावा पौधे के तने प्रजाति पर निर्भर करते है।

Carnation Flower Meaning in Hindi

कार्नेशन का मतलब प्रेम हो होता है। Carnation Flower को प्रेम का प्रतिक माना जाता है। एक किवदंती के अनुसार जब यीशु को क्रॉस पर ले जा रहे थे। हुए था, उस समय पवित्र “मैरी” की आँखों से जो आंसू गिरे थे उस जगह पर Carnation Flower उग आये थे। जिसकी वजह से इन्हे मातृ प्रेम का प्रतिक भी माना जाता है। अगर Cornation Flower को यीशु का फूल भी माना जाता है, क्योकिं यह Greek Language के दो शब्दों से मिलकर बना जिसमे “Dios + Anthos” शामिल है, इसमें Dios का मतलब होता है, यीशु और Anthos का मतलब होता है, फूल।

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कारनेशन फूल के रंगो का मतलब (Carnation Flower Colors Meaning)

information of carnation flower in hindi

कारनेशन के फूल लाल, पीले, सफ़ेद, बैंगनी, और गुलाबी सहित कई रंगो में खिलते है। लेकिन Cornation Flower के प्रत्येक रंग का अपना अलग मतलब होता है, तो आइये जानते है, कारनेशन फूल के रंगो का मतलब क्या होता है –

  • White Carnatiion – सफ़ेद कारनेशन का फूल पवित्रता और भाग्य का प्रतिक होता है।
  • Light Red Carnation – हलके लाल रंग के कारनेशन का फूल प्रशंसा का प्रतिक होता है।
  • Pink Carnation – गुलाबी कारनेशन का फूल कृतज्ञ और दृंढ़ता का प्रतिक होता है।
  • Yellow Carnation – पीले रंग का कारनेशन का फूल मकर राशि का प्रतिक होता है।
  • Dark Red Carnation – गहरे लाल रंग का कारनेशन का फूल प्यार और स्नेह का प्रतिक होता है।

कारनेशन फूल का इतिहास (Carnation Flower History)

कारनेशन फूल का इतिहास यीशु के समय का है, उस समय प्राचीन ग्रीक और रोमन राज्यों में कारनेशन के फूल का उपयोग कला के लिए किया जाता था। लेकिन एक ईसाई किंवदंती के अनुसार, कारनेशन के फूल का जन्म धरती पर जब हुआ जब “यीशु” को क्रॉस पर ले जा रहे थे, इस समय जब “यीशु” की माँ “मैरी” के आंसू आ गए, जिस जिस स्थान पर “मैरी” के आंसू गिरे थे, वहां पर Carnation Plant उग गया था। इस किवदंती के अनुसार Carnation के फूल को ममता का प्रतिक भी कहा जाता है।

विभिन्न प्रकार के कार्नेशन्स फूल की प्रजातियां

कारनेशन का पौधा (Carnation Plant) बगीचों और घरो के लिए लोकप्रिय है। यह कई अलग अलग रंगो में उगता है। इसके अलावा जैसा की आपको ऊपर बताया गया है, इनके रंगो के अनुसार इनका मतलब अलग अलग होता है। आमतौर पर कारनेशन की मुख्य रूप से तीन प्रजातियां होती है, लेकिन अगर इसकी किस्मों की बात करें, तो यह सेकड़ो किस्मों में पाए जाते है। आइये जानते है, कारनेशन की कुछ प्रमुख प्रजातियों के बारे में –

1. Dianthus “Everlast Lavender Lace”

Carnation की इस प्रजाति में फूलों का केंद्र बहुत नरम होता है। इस किस्म में पौधे की ऊंचाई लगभग 8 से 12 इंच तक बढ़ जाती है, इन पौधों को सूर्य की रौशनी की आवश्यकता होती है, यह तितलियों को अपनी और आकर्षित करते है।

2. Dianthus “Neon Star”

नियॉन स्टार फूल में चार पंखुड़ियां होती है, जो की किनारो से हलकी हलकी कटी होती है, यह आमतौर पर गुलाबी रंग में खिलते है। इसे उगाना बहुत आसान है।

3. Dianthus Superbus

इस किस्म में झालरदार फूल खिलते है, जिनकी पंखुड़ियों में लम्बे लम्बे खूबसूरत झालर जैसे रेशे लटकते है। इन फूलों का रंग सफ़ेद, लाल और बैंगनी होता है। इन फूलों से बहुत अच्छी सुगंध आती है।

4. Dianthus Caryophyllus

यह कार्नेशन्स की सबसे ज्यादा उगाई जाने वाली किस्म है, जो की लाल, गुलाबी, और सफ़ेद रंग के फूल देती है। यह आमतौर पर दक्षिणी देशो में ज्यादा अच्छी पैदावार करती है।

5. Dianthus Plumarius

इस किस्म में मई से अगस्त के महीनो के दौरान फूल खिलते है, यह मूल रूप से गुलाबी रंग के होते है। पौधे लगभग 2 फिट तक लम्बे हो जाते है। पंखुड़ियों के किनारे हलके हलके कटे होते है, जो की फूल को खूबसूरती प्रदान करते है।

कारनेशन का पौधा बीज से कैसे उगाएं (How to Grow Carnation Flower From Seeds)

Carnation Flower in Hindi

  • कारनेशन के पौधें को बीज से उगाने के लिए सबसे पहले आपको मार्किट से या फिर ऑनलाइन Carnation Seeds को मंगवा लेना चाहिए।
  • कारनेशन के बीज काले रंग के होते है, इन्हे पैकेट से निकलने के बाद, आपको बीज लगाने के लिए मिटटी तैयार करनी है।
  • मिटटी को तैयार करने के लिए आपको गोबर की पुरानी खाद, बगीचे की सामान्य मिटटी और रेत को सामान मात्रा मैं अच्छी तरह से मिलकर गमले में भर लें। अगर आपके पास कॉकपिट है, तो आपको गोबर खाद की जगह उसको भी मिला सकते है।
  • इसके बाद आपको गमले में कुछ कुछ दुरी पर कारनेशन के बीजो को बिखेर देना चाहिए।
  • बीजो को गमले में लगाने के बाद आपको बीजो के ऊपर मिटटी की एक पतली से परत बना देनी चाहिए, इसके बाद गमले में पानी का छिड़काब कर देना चाहिए।
  • इसके बाद गमले को किसी ऐसी जगह पर रख दें, जहाँ पर दिन में अच्छी धुप आती है, लेकिन सीधी धुप गमले पर ना पड़ें।
  • जब तक Carnation के Seeds जमकर नहीं आते है, तब तक इसमें पानी का Sprey करते रहे गमले में नमी बनाकर रखे।
  • लगभग एक सफ्ताह में आपके सभी बीज उग जाएंगे। जब पौधे थोड़े बड़े हो जाएँ, तो इनमे फंगी साइड का स्प्रे कर देना चाहिए।
  • पौधों के बड़े होने पर इनमे NPK 19 19 का स्प्रे करते रहे, यह स्प्रे आपको महीने में दो बार कर देना चाहिए।
  • इस प्रकार से आप Carnation को अपने घर में बीजो के द्वारा ऊगा सकते है।

कारनेशन पौधे की देखभाल कैसे करें (How to Care Carnation Plant)

  • Carnation Plant को अच्छी तरह से Grow करने के लिए आपको सबसे पहले मिटटी को इस तरह से तैयार करना चाहिए, की गमले में पानी रुकना नहीं चाहिए।
  • इन पौधों को ज्यादातर धुप की आवश्यकता होती है, इन्हे हमेशा ऐसी जगह पर लगाए जहाँ पर लगभग 5 से 6 घंटे की धुप आती हो।
  • पौधे को ज्यादा बड़े गमले में नहीं लगाना चाहिए, अगर आप बड़े गमले में पौधे लगा रहे है, तो उसमे एक साथ तीन से चार पौधे लगाएं।
  • 15 दिन में एक बार इसमें आप Liqued फर्टीलिज़ेर का छिड़काब कर सकते है।
  • जब तक पौधे पर फूल खिलते है, तब तक इस पर बीज ना बनने दे। सभी सूखे हुए फूलों को समय समय पर तोड़ते रहें।
  • जब पौधे पर बीज बनने लगते है, तो इससे पौधे पर फूलों की संख्या कम होने लगती है।
  • गमले पानी डालते समय ध्यान रखे की पौधे की पत्तियों और फूलों पर पानी ना गिरे, क्योकिं इससे पौधे पर फंगस लग सकती है।
  • अगर आपके पौधे पर फंगस लग गयी है, तो इसके लिए आप नीम के तेल का स्प्रे कर सकते है।

Note – यह लेख कारनेशन फूल की जानकारी के बारे में था। जिसमे आपको Carnation Flower Information in Hindi की पूरी जानकारी दी गयी है। अगर आपका इस लेख से सम्बंधित किसी भी तरह का कोई सवाल है, तो आप हमें कमेंट करके बता सकते है। अगर आपको यह लेख अच्छा लगा, तो कृपया इसे अपने एक दोस्त के साथ जरूर शेयर करें, धन्यवाद।

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